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भारत विश्व का सबसे बड़ा नारियल उत्पादक बनकर उभरा
चर्चा में क्यों?
भारत विश्व का सबसे बड़ा नारियल उत्पादक देश बनकर उभरा है, जो वैश्विक नारियल उत्पादन में लगभग 30.37% का योगदान देता है। इस क्षेत्र में उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने के लिये भारत सरकार ने केंद्रीय बजट 2026–27 में नारियल प्रोत्साहन योजना की घोषणा की है।
मुख्य बिंदु:
- वैश्विक नेतृत्व: भारत वैश्विक नारियल उत्पादन का लगभग 30.37% योगदान देता है, जिससे वह विश्व का अग्रणी उत्पादक बन गया है।
- प्रमुख नारियल उत्पादक राज्य: केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल प्रमुख उत्पादक राज्य हैं, जो मिलकर कुल उत्पादन का अधिकांश हिस्सा प्रदान करते हैं।
- भारत में नारियल की खेती लगभग 2,165.20 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में होती है, जबकि वैश्विक स्तर पर यह क्षेत्र लगभग 12,390 हजार हेक्टेयर है।
- देश में प्रतिवर्ष लगभग 21,373.62 मिलियन नारियल का उत्पादन होता है, जो कृषि उत्पादन में इस फसल के महत्त्व को दर्शाता है।
- जीविकोपार्जन समर्थन: लगभग 30 मिलियन लोग, जिनमें करीब 10 मिलियन किसान शामिल हैं, नारियल की खेती और इससे संबंधित गतिविधियों पर अपनी आजीविका के लिये निर्भर हैं।
- योजना: सरकार ने केंद्रीय बजट 2026–27 में नारियल प्रोत्साहन योजना शुरू की है, जिसका उद्देश्य पुराने और अल्प-उत्पादक पेड़ों को उच्च-उपज वाली किस्मों से बदलने जैसे उपायों के माध्यम से उत्पादन तथा उत्पादकता बढ़ाना है।
- यह पहल उच्च-मूल्य कृषि के लिये 350 करोड़ रुपये के व्यापक आवंटन का हिस्सा है, जिसमें काजू और कोको की खेती को भी समर्थन शामिल है।
- महत्त्व: इस योजना का उद्देश्य नारियल उत्पादन में भारत की प्रतिस्पर्द्धात्मकता को सुदृढ़ करना, किसानों की आय बढ़ाना तथा इस क्षेत्र में स्थिरता और उत्पादकता को बढ़ावा देना है।
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और पढ़ें: केंद्रीय बजट 2026-27 |

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