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गुजरात में मुख्यमंत्री ग्रामोत्थान योजना शुरू की
चर्चा में क्यों?
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने ग्रामीण शासन व्यवस्था और अवसंरचना को मज़बूत करने के लिये मुख्यमंत्री ग्रामोत्थान योजना शुरू की।
मुख्य बिंदु:
- स्थल: गुजरात के आनंद ज़िले के भादरण गाँव में इसकी आधारशिला रखी गई।
- कवरेज: स्थानीय शासन को सुदृढ़ करने के लिये 2,666 गाँवों में ग्राम पंचायत भवन-सह-तलाटी आवास का निर्माण किया जाएगा।
- वित्तपोषण: गाँव स्तर पर कार्यशील पंचायत अवसंरचना उपलब्ध कराने हेतु ₹663 करोड़ की परियोजना स्वीकृत की गई है।
- शहरी-सदृश सुविधाएँ: योजना में सड़कें, जल आपूर्ति, स्वच्छता, सौर स्ट्रीट लाइट, ई-ग्राम डिजिटल सेवाएँ और सामुदायिक भवन जैसी आधुनिक सुविधाएँ शामिल हैं।
- फोकस: प्रारंभिक चरण में उन 114 गाँवों के विकास को लक्ष्य बनाया गया है जो तालुका मुख्यालय के रूप में कार्य करते हैं लेकिन जिनके पास नगरपालिका दर्जा नहीं है।
- ग्रामीण-शहरी अंतर को कम करने के लिये ग्रामीण नागरिकों तक आवश्यक सेवाएँ पहुँचाने का उद्देश्य है।
- भविष्य विस्तार: पूरे गुजरात में अन्य बड़ी ग्राम पंचायतों (जनसंख्या 10,000 से अधिक) को भी शामिल करने की योजना है।
- महत्त्व: इससे ग्रामीण शासन क्षमता में वृद्धि होगी, सेवा-प्रदान में सुधार आएगा और शहरी क्षेत्रों के समान अवसंरचनात्मक सुविधाएँ विकसित होंगी।
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ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026
चर्चा में क्यों?
वर्ष 2026 का ऑस्ट्रेलियन ओपन (जो मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया में आयोजित वर्ष का पहला ग्रैंड स्लैम टेनिस टूर्नामेंट है) का समापन पुरुष एकल में कार्लोस अल्काराज़ तथा महिला एकल में एलेना रिबाकिना की जीत के साथ हुआ।
मुख्य बिंदु
- पुरुष एकल विजेता: कार्लोस अल्काराज़ (स्पेन) ने फाइनल में नोवाक जोकोविच (सर्बिया) को हराकर वर्ष 2026 के ऑस्ट्रेलियन ओपन का पुरुष एकल खिताब जीता।
- उपविजेता: नोवाक जोकोविच (सर्बिया) फाइनल मुकाबले में अल्काराज़ से हारकर उपविजेता रहे।
- उपविजेता: नोवाक जोकोविच (सर्बिया) फाइनल मुकाबले में अल्काराज़ से हारकर उपविजेता रहे।
- ऐतिहासिक उपलब्धि (पुरुष श्रेणी में): यह अल्काराज़ का पहला ऑस्ट्रेलियन ओपन खिताब और कुल मिलाकर उनका सातवाँ ग्रैंड स्लैम एकल खिताब था।
- महिला एकल विजेता: एलेना रिबाकिना (कज़ाखस्तान) ने आर्यना सबालेंका (बेलारूस) को हराकर महिला एकल खिताब अपने नाम किया।
- उपविजेता: आर्यना सबालेंका (बेलारूस) फाइनल में रिबाकिना से हारकर उपविजेता रहीं।
- उपविजेता: आर्यना सबालेंका (बेलारूस) फाइनल में रिबाकिना से हारकर उपविजेता रहीं।
- महिला वर्ग की उपलब्धि: यह जीत रिबाकिना का दूसरा ग्रैंड स्लैम एकल खिताब और पहला ऑस्ट्रेलियन ओपन खिताब था, जिससे शीर्ष खिलाड़ी के रूप में उनकी क्षमता का प्रदर्शन हुआ।
- आयोजन स्थल: यह टूर्नामेंट मेलबर्न पार्क के हार्ड कोर्ट्स में आयोजित हुआ, जिसमें विश्व भर के शीर्ष टेनिस खिलाड़ियों ने भाग लिया।

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अभ्यास अग्नि परीक्षा: भारतीय सेना–ITBP की संयुक्त पहल
चर्चा में क्यों?
भारतीय सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) ने हाल ही में अरुणाचल प्रदेश में ‘अग्नि परीक्षा’ नामक छह दिवसीय संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास का सफल समापन किया। इस अभ्यास का उद्देश्य सीमा क्षेत्रों में दोनों बलों के बीच परिचालन समन्वय को सुदृढ़ करना था।
मुख्य बिंदु:
- स्थान: यह अभ्यास अरुणाचल प्रदेश के ईस्ट सियांग ज़िले के सिगार क्षेत्र में आयोजित हुआ।
- उद्देश्य: इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य नॉन-आर्टिलरी कार्मिकों (जिनमें इन्फैंट्री और ITBP के जवान शामिल हैं) को तोपखाना प्रक्रियाओं, फायर कंट्रोल सिस्टम, समन्वय तंत्र तथा यथार्थपरक फील्ड परिस्थितियों में फायरिंग मिशनों के निष्पादन से परिचित कराना था।
- प्रतिभागी: भारतीय सेना की स्पीयर कॉर्प्स के स्पीयरहेड गनर्स, विभिन्न इन्फैंट्री रेजिमेंट्स तथा ITBP के कार्मिक।
- महत्त्व: सीमा सुरक्षा और युद्धक अभियानों हेतु सेना और अर्द्धसैनिक बलों के बीच समन्वय को सुदृढ़ करने में सहायक है।
- परिचालन तत्परता: विशेषकर उच्च तुंगता वाले सीमा क्षेत्रों में जटिल युद्धक्षेत्र परिदृश्यों हेतु सैनिकों की तैयारी और क्षमता को बेहतर बनाने में सहायक है।
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सामाजिक विकास के लिये संयुक्त राष्ट्र आयोग के 64वें सत्र में भारत
चर्चा में क्यों?
भारत न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित सामाजिक विकास आयोग (CSocD64) के 64वें सत्र में भाग ले रहा है।
मुख्य बिंदु:
- नेतृत्व: न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित सामाजिक विकास आयोग (CSocD) के 64वें सत्र में भारत के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने किया।
- आयोग: सामाजिक विकास आयोग (CSocD) संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक परिषद (ECOSOC) की एक प्रमुख इकाई है, जो गरीबी उन्मूलन, सामाजिक समावेशन, समानता एवं कल्याणकारी नीतियों सहित सामाजिक विकास के लिये अंतर्राष्ट्रीय सहयोग पर ध्यान केंद्रित करती है।
- अध्यक्ष: 64वें सत्र की अध्यक्षता यूक्रेन की संयुक्त राष्ट्र में स्थायी प्रतिनिधि राजदूत क्रिस्टिना हायोविशिन ने की तथा इसमें 100 से अधिक संयुक्त राष्ट्र सदस्य देशों ने भाग लिया।
- भारत इस 64वें सत्र का निर्वाचित सदस्य है, जिसमें सदस्य देश सामाजिक विकास से जुड़े मुद्दों पर प्रगति की समीक्षा करते हैं और अनुभव साझा करते हैं।
- भारत का वक्तव्य: भारत ने रेखांकित किया कि सामाजिक न्याय और सामाजिक संरक्षण सांविधानिक गारंटियों में दृढ़ता से निहित हैं तथा देश के दीर्घकालिक विज़न ‘विकसित भारत 2047’ के अनुरूप हैं।
- मार्गदर्शक सिद्धांत: ‘सबका साथ, सबका विकास’ को इस बात का प्रतीक बताया गया कि सरकार और समाज के समग्र दृष्टिकोण से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी पीछे न रह जाए।
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CSIR-NIO की तटीय प्रयोगशाला विशाखापत्तनम में उद्घाटित
चर्चा में क्यों?
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने हाल ही में विशाखापत्तनम में CSIR-राष्ट्रीय महासागर विज्ञान संस्थान (NIO) के क्षेत्रीय केंद्र की तटीय (शोर-आधारित) प्रयोगशाला का उद्घाटन किया।
मुख्य बिंदु:
- अवसंरचना: केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) द्वारा ₹32 करोड़ की लागत से निर्मित यह अत्याधुनिक सुविधा 4 एकड़ परिसर में फैली है और इसका निर्मित क्षेत्र 4,550 वर्ग मीटर है। यह येंदादा गाँव, ऋषिकोंडा में स्थित है।
- क्षेत्रीय दायित्व: यह प्रयोगशाला भारत के पूर्वी महाद्वीपीय तट (ECMI) में समुद्री भूवैज्ञानिक एवं भूभौतिकीय सर्वेक्षणों पर केंद्रित होगी।
- रणनीतिक अनुसंधान: इसका उद्देश्य समुद्र तल की गहराई (बाथीमेट्री) का मानचित्रण करना तथा हिमालयी नदी प्रणालियों से आए अवसादों के प्रभाव से जुड़े हाइड्रोकार्बन, समुद्र-तल खनिज, तेल एवं प्राकृतिक गैस की संसाधन क्षमता की पहचान करना है।
- समर्थित क्षेत्र: यह केंद्र ONGC और ऑयल इंडिया जैसे हितधारकों के साथ सहयोग करते हुए औषधि उद्योग, बंदरगाह, ताप विद्युत तथा मत्स्य क्षेत्र को समर्थन देगा।
- नीली अर्थव्यवस्था (Blue Economy) के लिये महत्त्व: यह प्रयोगशाला उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के मार्ग का पूर्वानुमान लगाने तथा हानिकारक शैवाल प्रस्फुटन की भविष्यवाणी कर तटीय आजीविकाओं की रक्षा में सहायक होगी।
- आत्मनिर्भरता: गहरे समुद्र के संसाधनों की खोज के माध्यम से यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मज़बूत करेगी और राष्ट्रीय नीली अर्थव्यवस्था के दृष्टिकोण को समर्थन देगी।
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चित्तूर ज़िले ने ई-साइकिल वितरण के लिये गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड हासिल किया
चर्चा में क्यों?
आंध्र प्रदेश के चित्तूर ज़िला प्रशासन ने 24 घंटे की अवधि के भीतर 5,555 इलेक्ट्रिक साइकिलों का वितरण कर आधिकारिक रूप से गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है।
मुख्य बिंदु:
- रिकॉर्ड: इस आयोजन ने 24 घंटे में सबसे अधिक इलेक्ट्रिक साइकिलें वितरित करने का खिताब हासिल किया, जिससे हरित गतिशीलता (ग्रीन मोबिलिटी) पहलों में पहले के वैश्विक मानकों को पीछे छोड़ दिया गया।
- लक्षित लाभार्थी: ई-साइकिलें मुख्य रूप से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों विशेष रूप से छात्राओं और हाशिये पर रहने वाले समुदायों से आने वाले छात्रों को प्रदान की गईं, ताकि शिक्षा तक पहुँच बेहतर हो तथा ड्रॉपआउट दर कम की जा सके।
- लॉजिस्टिक्स: वितरण प्रक्रिया का नेतृत्व चित्तूर में पुलिस परेड ग्राउंड्स पर ज़िला प्रशासन (कलेक्टरेट) द्वारा किया गया।
- स्थिरता पर ज़ोर: यह पहल ग्रामीण परिवहन के डी-कार्बोनाइजेशन को बढ़ावा देती है और जीवाश्म ईंधन आधारित आवागमन पर निर्भरता घटाकर भारत की जलवायु कार्रवाई प्रतिबद्धताओं के अनुरूप है।
- सामाजिक सशक्तीकरण: छात्रों को स्वच्छ परिवहन उपलब्ध कराकर यह कार्यक्रम ‘लास्ट-माइल’ कनेक्टिविटी की समस्या का समाधान करता है, जो प्राय: ग्रामीण शिक्षा में बाधा बनती है।


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