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मध्य प्रदेश स्टेट पी.सी.एस.

  • 04 Sep 2023
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मध्य प्रदेश के दो ग्रामों को रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म में मिलेंगे अवॉर्ड्स

चर्चा में क्यों?

2 सितंबर, 2023 को मध्य प्रदेश के जनसंपर्क विभाग से मिली जानकारी के अनुसार टूरिज्म बोर्ड के ग्रामीण पर्यटन परियोजना के अंतर्गत दो ग्राम, पन्ना के मंडला और छिंदवाड़ा के सबरवानी को आईसीआरटी (इंटरनेशनल सेंटर फॉर रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म) द्वारा विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट योगदान के लिये निर्धारित अवॉर्ड से नवाजा जाएगा। 

प्रमुख बिंदु  

  • प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति एवं प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि मंडला का सार्थक संबंधों के लिये सर्वश्रेष्ठ और स्थानीय सोर्सिंग, शिल्प और भोजन के लिये सर्वश्रेष्ठ श्रेणी में नामांकन किया गया था। वहीं सबरवानी का प्रकृति के लिये सर्वोत्तम-सकारात्मक पर्यटन श्रेणी में नामांकन किया गया था।  
  • आगामी 30 सितंबर को नई दिल्ली में बीएलटीएम ट्रेड शो के दौरान समारोह में दोनों ग्रामों को सम्मानित किया जाएगा। यह अवॉर्ड भारतीय उप महाद्वीप क्षेत्र के लिये प्रदान किया गया है। 
  • रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म अवॉर्ड्स 2023 पुरस्कारों को चार क्षेत्रों में विभाजित किया गया है- अफ्रीका, भारत, लैटिन अमेरिका और शेष विश्व। प्रत्येक क्षेत्र के विजेता को नवंबर में होने वाले वैश्विक पुरस्कारों के लिये नामित किया जाएगा। 
  • आईसीआरटी, भारत पुरस्कार के लिये 6 श्रेणियाँ है- 
    • प्लास्टिक कचरे के निपटान के लिये सर्वोत्तम 
    • बेस्ट फॉर मीनिंगफुल कनेक्शन 
    • स्थानीय सोर्सिंग, शिल्प और भोजन के लिये सर्वश्रेष्ठ 
    • जलवायु परिवर्तन को संबोधित करना 
    • विविधता और समावेशन के लिये सर्वश्रेष्ठ 
    • प्रकृति-सकारात्मक पर्यटन के लिये सर्वोत्तम

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रीवा में खुलेगा संस्कृत विश्वविद्यालय का केंद्र

चर्चा में क्यों?

2 सितंबर, 2023 को मध्य प्रदेश के जनसंपर्क एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने रीवा में पत्रकार वार्ता में बताया कि शीघ्र ही ज़िले में संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना लक्ष्मणबाग परिसर में की जाएगी। 

प्रमुख बिंदु  

  • मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि मुख्यमंत्री 30 सितंबर को लक्ष्मणबाग परिसर में पाणिनि संस्कृत विश्वविद्यालय के केंद्र का शुभारंभ करेंगे।  
  • उन्होंने बताया कि प्रारंभ में पाँच पाठ्यक्रमों में पढ़ाई शुरू होगी और भविष्य में विश्वविद्यालय के रूप में विकास किया जाएगा। 
  • मंत्री ने कहा कि रीवा में पत्रकारों को आवासीय भूखंड प्रदान किये जाएंगे। भूखंड 1375 वर्ग फीट का होगा।  
  • उन्होंने कहा कि रीवा में 500 करोड़ रुपए की लागत से हवाई अड्डे का निर्माण किया जा रहा है, निर्माण कार्य मार्च 2024 तक पूर्ण होगा।  
  • रीवा में आईटी पार्क की स्थापना के लिये 30 करोड़ रुपए मंज़ूर किये गए हैं। बहुती नहर का काम तेजी से जारी है। इससे 6 लाख एकड़ में सिंचाई की सुविधा मिल जाएगी। 
  • जनसंपर्क मंत्री ने कहा कि कैबिनेट की बैठक में रीवा में ग्लोबल स्किल पार्क की स्थापना के लिये 250 करोड़ रुपए की मंज़ूरी दी गई है। इससे कुशल व्यक्ति तैयार होंगे।  

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मनरेगा कार्यक्रमों के लिये जलवायु सूचना सेवा टूल- U-CRISP का मेपकास्ट परिसर में लोकार्पण हुआ

चर्चा में क्यों?

1 सितंबर, 2023 को मध्य प्रदेश के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा एवं ब्रिटिश उप उच्चायुक्त एवं मंत्री क्रिस्टीना स्कॉट के मुख्य आतिथ्य में मनरेगा कार्यक्रमों के लिये जलवायु सूचना सेवा टूल- U-CRISP (Universal Climate Resilience Information System and Planning Tool) का मेपकास्ट परिसर में लोकार्पण हुआ। 

प्रमुख बिंदु  

  • मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर एनवायरनमेंट एंड डेवलपमेंट के सहयोग से भारत सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत यह टूल विकसित किया गया है। 
  • मंत्री सखलेचा ने बताया कि इस टूल के माध्यम से इकोसिस्टम एवं जलवायु परिस्थितियों को समझने में सहायता मिलेगी। इस टूल के माध्यम से ग्रामों को जोड़ा जाएगा, जिससे प्राप्त सूचना का लाभ ग्रामों को मिल पाएगा। साथ ही इकोसिस्टम नेचर को समझने में इस टूल से सहायता मिल सकती है।  
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा एवं ब्रिटिश उप उच्चायुक्त एवं मंत्री क्रिस्टीना स्कॉट ने मेपकास्ट में एकदिवसीय कार्यशाला में जलवायु लचीलापन योजना के अंतर्गत वैश्विक स्तर पर उपयोग एवं वैश्विक अधिकारियों के प्रशिक्षण के लिये स्थापित नवनिर्मित रिसोर्स सेंटर का भी उद्घाटन किया। 
  • विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिये मेपकास्ट एवं ब्रिटिश उच्चायुक्त के बीच एमओयू किया गया। एमओयू से भविष्य में विभिन्न तकनीकी एवं नवाचार में दोनों संस्थाएँ मिलकर योजना बना सकेंगी, कार्य कर सकेंगी और नवीन प्रौद्योगिकियों को साझा भी कर सकेंगी। 
  • गौरतलब है कि यू क्रिस्प टूल का विकास ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार और विदेशी राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय (एफसीडीओ) यूनाइटेड किंगडम सरकार के इंफ्रा-स्ट्रक्चर फॉर क्लाइमेट रेजिलियेंट ग्रोथ प्रोग्राम (आईसीआरजी) पोर्टफोलियो के अंतर्गत विशेष सहयोग से हुआ है।  
  • आवश्यकता को देखते हुए यूनिवर्सल टूल का निर्माण, जिसके अंतर्गत अन्य देशों में भी क्लाइमेट चेंज की गतिविधियों को संपादित किया जाएगा। इस टूल को बीबीसी द्वारा ‘शीर्ष 10 नवाचार टूल’ में भी शामिल किया गया है। 
  • U-CRISP टूल जलवायु परिवर्तन की संभावित चुनौतियों का सामना करने में ग्रामीण समुदायों को आवश्यक सहायता देगा। यह ग्रामीण परिवारों को स्थानीय जलवायु डाटा को प्राप्त करने और साझा करने की सुविधा प्रदान करने के साथ ही जलवायु संकट का सामना करने में मदद करता है और उनकी आजीविका की सुरक्षा के लिये संसाधनों तक पहुँचने की सुविधा प्रदान करता है।  
  • यह टूल जलवायु प्रभावों का बेहतर प्रबंधन करने में मदद के साथ ही जल-संरक्षण के निर्माण के लिये एक एकीकृत दृष्टिकोण भी प्रदान करेगा। साथ ही विभिन्न विभागों, जैसे- कृषि, वन, जल संसाधन आदि की विकास पहलों के तहत भूमि विकास और पौध-रोपण के कार्यों का समर्थन कर सकता है।  
  • इस टूल से जलवायु प्रतिरोध क्षमता योजनाएँ भी ग्रामीण क्षेत्रों को लंबे समय तक सूखे से सुरक्षित करने का समर्थन कर सकती हैं।


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वरुण वडेरिया ने यूरोप की सबसे ऊँची चोटी ‘माउंट एल्ब्रूज’पर लहराया तिरंगा

चर्चा में क्यों?

1 सितंबर, 2023 को मध्य प्रदेश के जनसंपर्क विभाग से मिली जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के जॉइंट डायरेक्टर (वित्त) वरुण वडेरिया ने यूरोप की सबसे ऊँची चोटी ‘माउंट एल्ब्रूज’ पर तिरंगा लहराया है। 

प्रमुख बिंदु  

  • जानकारी के अनुसार वरुण वडेरिया ने इंटरनेशनल फेडरेशन फॉर क्लाइंबिंग एंड माउंटेनियरिंग से मान्यताप्राप्त संस्था नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ उत्तरकाशी से माउंटेनियरिंग कोर्स किया है।  
  • वडेरिया ने बताया कि समुद्र तल से 5642 मीटर ऊँचे ‘माउंट एल्ब्रूज’ पर चढ़ाई काफी चुनौतीपूर्ण रही। ऊँचाई पर तापमान माइनस 10 डिग्री सेल्सियस से भी कम रहता है और हवा का बहाव काफी तेज़ होता है। चोटी की खड़ी चढ़ाई में हवा और ठंड आपकी कठोर परीक्षा लेती है। इसलिये यह यूरोप की न सिर्फ सबसे ऊँची चोटी है, बल्कि चुनौतीपूर्ण भी है।  
  • उन्होंने बताया कि एल्ब्रूज चोटी पर ऑक्सीजन और एयर प्रेशर काफी कम हो जाता है। इनके प्रभाव से साँस फूलने लगती है। लेकिन योग, प्राणायाम के कारण काफी फायदा मिला और औसत समय से पहले ही चढ़ाई पूरी कर ली।  
  • विदित है कि वडेरिया एक प्रशिक्षित पर्वतारोही हैं, जिनका लक्ष्य सेवन समिट (सप्त चोटी) पर तिरंगा फहराना है। सेवन समिट सात पारंपरिक महाद्वीपों में से प्रत्येक के सबसे ऊँचे पर्वत हैं।


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