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DRI द्वारा लॉन्च किया गया ऑपरेशन सह्याद्री चेकमेट
चर्चा में क्यों?
राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने सह्याद्री पर्वत शृंखला में ‘ऑपरेशन सह्याद्री चेकमेट’ नामक एक बड़ा अभियान चलाया।
मुख्य बिंदु:
- अभियान: सह्याद्री के दुर्गम वन क्षेत्र में गुप्त रूप से संचालित मादक पदार्थ उत्पादन नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिये DRI ने यह अभियान शुरू किया।
- स्थान: सह्याद्री पर्वत शृंखला में स्थित मेथामफेटामाइन (मेफेड्रोन) की एक गुप्त मोबाइल लैब, जिसे पोल्ट्री फार्म (मुर्गी पालन केंद्र) की आड़ में छुपाया गया था।
- बरामदगी: 21.912 किलोग्राम मेफेड्रोन और 71.5 किलोग्राम कच्चा माल, जिससे लगभग 15 किलोग्राम मादक पदार्थ तैयार किये जा सकते थे।
- बाज़ार मूल्य: अवैध मादक पदार्थों का अनुमानित मूल्य ₹55 करोड़ है।
- रणनीति: यह खुफिया-आधारित निगरानी और देर रात की कार्रवाई का संयोजन है।
- राष्ट्रीय सुरक्षा: संगठित मादक पदार्थ तस्करी को रोकना, जनस्वास्थ्य की रक्षा करना और आपराधिक नेटवर्क को बाधित करना।
- यह अभियान राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा में DRI की महत्त्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।
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और पढ़ें: सह्याद्री, राजस्व खुफिया निदेशालय |
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विंग्स इंडिया 2026
चर्चा में क्यों?
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया कि एशिया का सबसे बड़ा नागरिक उड्डयन कार्यक्रम ‘विंग्स इंडिया 2026’ जनवरी 2026 में हैदराबाद के बेगमपेट हवाई अड्डे पर आयोजित होगा।
मुख्य बिंदु:
- थीम: इसका थीम है—“भारतीय विमानन: भविष्य का मार्ग प्रशस्त करना - डिज़ाइन से तैनाती तक, विनिर्माण से रखरखाव तक, समावेशिता से नवाचार तक और सुरक्षा से स्थिरता तक।”
- कार्यक्रम का स्वरूप: विंग्स इंडिया 2026 एक वैश्विक नागरिक उड्डयन प्रदर्शनी और सम्मेलन है, जिसमें हवाई अड्डे, एयरलाइंस, विनिर्माण, MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल) तथा लॉजिस्टिक्स सहित संपूर्ण विमानन मूल्य शृंखला को शामिल किया गया है।
- भारत के विमानन क्षेत्र की वृद्धि: यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि, विमानों की संख्या में बढ़ोतरी और हवाई अड्डा अवसंरचना के विस्तार के साथ विश्व के सबसे तेज़ी से बढ़ते नागरिक उड्डयन बाज़ारों में उभरा है।
- विंग्स इंडिया 2026 क्षेत्रीय हवाई संपर्क को बढ़ावा देता है, जो UDAN (उड़े देश का आम नागरिक) योजना का मुख्य उद्देश्य है।
- मुख्य फोकस: यह आयोजन विमान निर्माण, MRO और एयरोस्पेस घटक उत्पादन को प्रोत्साहित करने पर बल देता है।
- सत्रों में हवाई अड्डों और अवसंरचना, विमान लीज़िंग, एयर कार्गो, ड्रोन, उन्नत वायु गतिशीलता, प्रशिक्षण तथा विमानन क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी।
- सततता पहल: सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF), ग्रीन एयरपोर्ट्स तथा डिजिटल और पर्यावरण-अनुकूल विमानन प्रौद्योगिकियों को अपनाने पर विशेष ज़ोर दिया गया है।
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और पढ़ें: UDAN योजना, सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल |
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