छत्तीसगढ़
भारत के राष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ में बस्तर पंडुम 2026 का उद्घाटन किया
- 11 Feb 2026
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चर्चा में क्यों?
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में बस्तर पंडुम 2026 का उद्घाटन किया।
मुख्य बिंदु:
- सांस्कृतिक महत्त्व: बस्तर पंडुम स्थानीय समुदायों की सांस्कृतिक चेतना को दर्शाता है, जहाँ मौसमी और कृषि चक्रों से जुड़ी परंपराएँ जनजातीय जीवन की जीवंतता को प्रतिबिंबित करती हैं।
- राष्ट्रपति ने यह भी रेखांकित किया कि देवी दंतेश्वरी को समर्पित प्रसिद्ध बस्तर दशहरा जैसी परंपराएँ आज भी जीवित हैं और क्षेत्र के इतिहास में गहराई से निहित हैं।
- चुनौतियाँ: बस्तर क्षेत्र लंबे समय तक माओवादी उग्रवाद से प्रभावित रहा, जिससे स्थानीय निवासियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
- कल्याण: बड़ी संख्या में पूर्व माओवादी कैडर आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटे हैं और उन्हें सरकारी योजनाओं तथा आजीविका अवसरों के माध्यम से समर्थन दिया जा रहा है।
- सरकार के प्रयासों से विद्युत, सड़क, जल जैसी बुनियादी सेवाओं का विस्तार हुआ है और स्कूलों के पुनः खुलने से ग्रामीण बस्तर में जीवन स्तर बेहतर हुआ है।
- PM-JANMAN योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान जैसे कार्यक्रम वंचित जनजातीय गाँवों तक विकास के लाभ पहुँचाने के लिये लागू किये जा रहे हैं।
- मुख्य बिंदु: राष्ट्रपति ने इस तर्क पर बल दिया कि शिक्षा समुदाय के विकास की कुंजी है।
- इसी के तहत जनजातीय क्षेत्रों में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों की स्थापना की गई है।
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