मध्य प्रदेश
पूरे देश में ‘दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन’ की शुरुआत मध्य प्रदेश से की गई
- 09 Feb 2026
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चर्चा में क्यों?
भारत सरकार ने मध्य प्रदेश के सीहोर ज़िले के अमलाहा से ‘दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन’ के अंतर्गत देशव्यापी दलहन क्रांति की शुरुआत की।
मुख्य बिंदु:
- शुरुआत: ‘दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन’ का उद्घाटन अमलाहा स्थित खाद्य दलहन अनुसंधान केंद्र (FLRP), सीहोर ज़िला, मध्य प्रदेश में किया गया, जिसका उद्देश्य भारत को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना है।
- मुख्य अतिथि: कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की।
- उद्देश्य: यह मिशन दलहन आयात पर भारत की निर्भरता समाप्त कर देश को दलहन निर्यातक बनाने का प्रयास करता है, जिसके लिये उत्पादन, उत्पादकता, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्द्धन को बढ़ावा दिया जाएगा।
- इसका फोकस बीज से लेकर बाज़ार तक पूरी मूल्य शृंखला विकसित करने पर है, जिसमें बीज सुधार, क्लस्टर विकास और किसानों को उचित मूल्य दिलाने के उपाय शामिल हैं।
- क्लस्टर मॉडल और प्रोत्साहन: मिशन के तहत पूरे देश में 1,000 दलहन मिलें स्थापित की जाएँगी ताकि प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाई जा सके।
- सरकार इन मिलों को सब्सिडी (प्रति इकाई ₹25 लाख तक) प्रदान करेगी और क्लस्टर-आधारित उत्पादन को प्रोत्साहित करेगी, जिससे विशेष रूप से मध्य प्रदेश के किसानों को लाभ होगा।
- बीज वितरण सुधार: इस मिशन का लक्ष्य राज्य स्तर पर बीजों के विमोचन और वितरण प्रणाली को और अधिक मज़बूत बनाना है।
- किसानों को उन्नत बीज किट तथा बेहतर उत्पादन पद्धतियाँ अपनाने के लिये वित्तीय सहायता (₹10,000 प्रति हेक्टेयर) दी जाएगी।
- महत्त्व: यह पहल आयात-प्रतिस्थापन, किसानों की आय वृद्धि और पोषण सुरक्षा को समर्थन देती है।
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