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मेन्स प्रैक्टिस प्रश्न

  • प्रश्न :

    स्वतंत्रता पश्चात भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विकास पर चर्चा कीजिये। (150 शब्द)

    25 Sep, 2023 सामान्य अध्ययन पेपर 1 इतिहास

    उत्तर :

    हल करने का दृष्टिकोण:

    • वर्ष 1947 के बाद विज्ञान के क्षेत्र में होने वाले विकास का संक्षिप्त विवरण देते हुए अपने उत्तर की शुरुआत कीजिये।
    • विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रमुख उपलब्धियों पर चर्चा कीजिये।
    • तदनुसार निष्कर्ष दीजिये।

    परिचय:

    वर्ष 1947 में ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन से स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद से, भारत ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में परिवर्तनकारी यात्रा की है। भारत एक आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से उन्नत समाज के रूप में विकसित हुआ है।

    मुख्य भाग:

    इस विकास को प्रदर्शित करने वाले मुख्य बिंदु और उदाहरण:

    • संस्थागत आधार: भारत द्वारा अनुसंधान और शिक्षा को बढ़ावा देने के लिये भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IITs), भारतीय विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (IISERs) तथा वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) जैसे प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्थानों की स्थापना की गई है।
    • अंतरिक्ष अन्वेषण: भारत की अंतरिक्ष एजेंसी, ISRO (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) ने इस क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण प्रगति की है, जिसमें चंद्रयान -1 (भारत का पहला चंद्र अन्वेषण मिशन) और मंगलयान (भारत का मंगल ऑर्बिटर मिशन) का प्रक्षेपण शामिल है।
      • उदाहरण: वर्ष 2013 में मंगल ग्रह पर मंगलयान की सफलता ने ISRO को लाल ग्रह तक पहुँचने वाली विश्व की चौथी अंतरिक्ष एजेंसी बना दिया।
    • परमाणु क्षमता: भारत ने वर्ष 1974 (स्माइलिंग बुद्धा) और वर्ष 1998 (पोखरण-II) में सफल परमाणु परीक्षण करके परमाणु क्षमता विकसित की।
    • सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और सॉफ्टवेयर उद्योग: भारत एक वैश्विक आईटी और सॉफ्टवेयर केंद्र के रूप में उभरा है, जिसमें इंफोसिस, टीसीएस और विप्रो जैसी वैश्विक स्तर की दिग्गज कंपनियाँ शामिल हैं।
      • उदाहरण: 1990 के दशक के अंत में Y2K बग संकट ने भारत की आईटी शक्ति को प्रदर्शित किया क्योंकि भारतीय IT पेशेवरों ने विश्व भर में इस मुद्दे को हल करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।
    • फार्मास्यूटिकल्स और जैव प्रौद्योगिकी: भारत का फार्मास्युटिकल उद्योग सस्ती जेनेरिक दवाओं के उत्पादन द्वारा वैश्विक बाज़ार में एक प्रमुख हितधारक बन गया है।
      • उदाहरण: डॉ. रेड्डीज़ और सिप्ला जैसी भारतीय दवा कंपनियों ने विश्व स्तर पर स्वास्थ्य सेवा को और अधिक सुलभ बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
    • हरित क्रांति: उच्च उपज वाली फसल किस्मों और आधुनिक कृषि तकनीकों की शुरूआत के साथ, भारत ने हरित क्रांति के माध्यम से कृषि उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि हासिल की है।
    • नवीकरणीय ऊर्जा: भारत अपने कार्बन पदचिह्न को कम करने के लिये सौर और पवन ऊर्जा जैसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों में निवेश कर रहा है।
      • उदाहरण: जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय सौर मिशन का उद्देश्य सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना तथा भारत को सौर ऊर्जा उत्पादन में वैश्विक स्तर पर प्रमुख देश बनाना है।
    • विज्ञान और अनुसंधान संस्थान: भारत में टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (TIFR), भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) और भारतीय सांख्यिकी संस्थान (ISI) जैसे प्रमुख अनुसंधान संस्थान हैं जो वैज्ञानिक प्रगति में योगदान देते हैं।

    निष्कर्ष:

    स्वतंत्रता के बाद भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विभिन्न उपलब्धियों और प्रगति को देखा गया है। स्वतंत्रता के समय आधारभूत तकनीकी बुनियादी ढाँचे के लिये संघर्ष करने वाले देश से भारत वर्तमान में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के विभिन्न क्षेत्रों में एक वैश्विक हितधारक बन गया है।

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