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मेन्स प्रैक्टिस प्रश्न

  • अनुकूलतम जनसंख्या से आप क्या समझते हैं? इसके मापदंडों की संक्षेप में चर्चा करें।

    06 Jun, 2018 सामान्य अध्ययन पेपर 1 भूगोल

    उत्तर :

    प्रश्न-विच्छेद

    • अनुकूलतम जनसंख्या को बताना है।
    • इसके निर्धारण के मापदंडों की संक्षेप में चर्चा करनी है।

    हल करने का दृष्टिकोण

    • प्रभावी भूमिका के साथ उत्तर-लेखन की शुरुआत करें।
    • तार्किक एवं संतुलित विषय-वस्तु प्रस्तुत करें।
    • प्रश्नानुसार संक्षिप्त एवं सारगर्भित निष्कर्ष लिखें।

    किसी प्रदेश की वह जनसंख्या जिसे वहाँ उपलब्ध संसाधनों के अनुसार उच्चतम जीवन स्तर प्राप्त होता है, अनुकूलतम या अभीष्ट जनसंख्या कही जा सकती है। दूसरे शब्दों में, किसी प्रदेश में उपलब्ध संसाधनों का वर्तमान प्राविधिकी के अनुसार पूर्ण विकास करने तथा उसके उपयोग के लिये आवश्यक एक निश्चित जनसंख्या जिसे उच्चतम जीवन स्तर प्राप्त होता है, अनुकूलतम जनसंख्या मानी जाती है।

    जनसंख्या और संसाधन के मध्य पूर्ण संतुलन स्थापित होना अत्यंत कठिन है। अतः किसी प्रामाणिक मापदंड के अभाव में विश्व के किसी भी देश में उपलब्ध समस्त संसाधनों का मूल्यांकन तथा संपूर्ण जनसंख्या से उनके सहसंबंध का निर्धारण करना अत्यंत जटिल और कठिन कार्य है।

    अनुकूलतम जनसंख्या के निर्धारण हेतु निम्नलिखित मापदंडों को प्रयोग में लाया जा सकता है—

    1. सकल राष्ट्रीय उत्पादः अधिकतम आर्थिक उपयोगिता का आकलन प्रायः सकल राष्ट्रीय उत्पाद के रूप में किया जाता है। यह मापदंड अधिक सार्थक नहीं है, क्योंकि यदि समाज के विभिन्न वर्गों तथा व्यक्तियों में इसका वितरण समान नहीं है तो सभी व्यक्तियों का जीवन स्तर उच्च नहीं हो सकता। प्रति व्यक्ति आय सकल राष्ट्रीय उत्पाद पर आधारित होती है और औसत आय को प्रकट करती है।
    2. पूर्ण रोज़गारः योग्यता के अनुसार सभी व्यक्तियों को रोज़गार की उपलब्धता भी एक महत्त्वपूर्ण मापदंड है। इससे आय के वितरण में असंतुलन कम होता है और आश्रित जनसंख्या का भार भी निम्नतम होता है।
    3. उच्चतम जीवन स्तरः यह एक सामाजिक अवधारणा है जो उच्चतम आय और पूर्ण रोजगार के साथ ही उत्तम स्वास्थ्य तथा जीवन की सभी आवश्यक सुविधाओं की प्राप्ति से संबंधित है।
    4. संसाधनों का पूर्ण उपयोगः इसका अर्थ किसी ज्ञात प्राविधिकी के अंतर्गत समस्त संसाधनों के पूर्ण उपयोग से है। यह देश, काल के अनुसार अधिक परिवर्तनशील है।
    5. जनांकिकीय संरचनाः अनुकूलतम जनसंख्या का संबंध जनांकिकीय संरचना से भी होता है। जनसंख्या में आयु, लिंग आदि जनांकिकीय तत्त्व संतुलित होने पर निर्भरता अनुपात सामान्य होता है तथा जन्मदर एवं मृत्युदर का अंतर लगभग समाप्त हो जाता है।
    6. प्रदूषण रहित विकासः अनुकूलतम जनसंख्या को केवल आर्थिक उत्पादन और आय के संदर्भ में ही नहीं देखा जा सकता। यदि अधिकतम आर्थिक लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से पर्यावरण को क्षति पहुँचाई जा रही है तो यह अनुकूलतम जनसंख्या नहीं है।

    अतः उपरोक्त मापदंडों के आधार पर अनुकूलतम जनसंख्या का अधिकतम वह है जो पर्यावरण अथवा समाज को या पोषण की कमी से व्यक्ति के स्वास्थ्य को क्षति पहुँचाए बिना ही अनिश्चितकाल तक स्थिर रह सके।

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