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मेन्स प्रैक्टिस प्रश्न

  • प्रश्न :

    ‘प्रभावी आपदा प्रबंधन तकनीकों, जागरूकता अभियानों एवं प्रशासनिक सामंजस्य के माध्यम से आपदाओं के प्रभाव को कम किया जा सकता है।’ उपर्युक्त कथन के संदर्भ में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के कार्यो का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिये। (200 शब्द)

    22 Nov, 2019 सामान्य अध्ययन पेपर 3 आपदा प्रबंधन

    उत्तर :

    प्रश्न विच्छेद

    • प्रभावी आपदा प्रबंधन के संदर्भ में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के कार्यों का आलोचनात्मक परीक्षण करना है।

    हल करने का दृष्टिकोण

    • भूमिका लिखिये।

    • राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का विश्लेषण प्रभावी आपदा प्रबंधन तकनीकों के संदर्भ में कीजिये।

    • राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा जागरूकता अभियानों को स्पष्ट कीजिये।

    • राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रशासनिक सामंजस्य को विश्लेषित कीजिये।

    • निष्कर्ष दीजिये।

    आपदा प्रबंधन वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से आपदा पूर्व, आपदा के दौरान तथा आपदा के पश्चात् की कार्यविधियों को सम्मिलित किया जाता है। भारत में आने वाली आपदाओं के बेहतर प्रबंधन के लिये प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की व्यवस्था की गई है जिसके कार्यों के अंतर्गत आपदा के आने से पूर्व ही चेतावनी जारी करना, आपदा के दौरान प्रभावी क्षेत्र तक शीघ्रताशीघ्र पहुँच स्थापित करना तथा आपदा के पश्चात् पुनर्वास व पुनर्निमाण को सम्मिलित किया जाता है। आपदा प्रबंधन के उपर्युक्त लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिये बेहतर आपदा प्रबंधन तकनीकों, जागरूकता अभियानों तथा प्रशासनिक सामंजस्य की स्थापना करना अति आवश्यक है।

    • राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण प्राकृतिक व मानवजनित आपदा से होने वाली क्षति को कम करने के उद्देश्य से प्रभावी आपदा प्रबंधन तकनीकों के प्रयोग को निरंतर प्रेरित कर रहा है। आपदा के आने से पूर्व रेडियो, टेलीविज़न, मोबाइल आदि के माध्यम से खतरे का संदेश दिया जाता है। समुद्री तट पर आने वाले चक्रवाताें तथा सुनामी के संदर्भ में भारत में चेतावनी प्रणाली कार्यरत है। आपदा के दौरान प्राधिकरण जीआईएस (जियोग्राफिक इनफार्मेशन सिस्टम) प्रणाली तथा कम्युनिटी रेडियो के माध्यम से आपदाग्रस्त क्षेत्रों तक अपनी पहुँच सुनिश्चित कर सकता है। इसके अतिरिक्त प्राधिकरण ड्रोन व सूदूर संवेदन उपग्रहों के माध्यम से आपदा पश्चात् राहत व बचाव कार्यों को प्रभावी तरीके से संपन्न कर सकता है।
    • राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण बेहतर आपदा प्रबंधन हेतु सामुदायिक व निजी सहयोग के माध्यम से जागरूकता अभियानों को मज़बूत कर सकता है। आपदा प्रबंधन के दौरान जागरूकता लाने के लिये मानविकी के आदर्शों पर ध्यान दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत 3.C (कैपेसिटी बिल्डिंग कोऑर्डिनेशन तथा कम्युनिटी पार्टिसिपेशन) को प्रोत्साहित किया जा रहा है। कैपेसिटी बिल्डिंग के परिणामस्वरूप (मनरेगा के माध्यम से) आपदाग्रस्त क्षेत्र में प्रभावी जागरूकता का संचार तथा प्रशासन व पंचायती राज के मध्य बेहतर समन्वय (को-ऑर्डिनेशन) की स्थापना कर आपदा प्रभावी क्षेत्रों में मॉकड्रिल जैसे कार्यक्रमों को आयोजित किया जा सकता है। इसके अलावा सामुदायिक सहभागिता के ज़रिये आपदा प्रबंधन हेतु गैर-सरकारी संगठनों की भागीदारी, बढ़ाई जा सकती है।
    • बेहतर व प्रभावी आपदा प्रबंधन हेतु प्राधिकरण प्रशासनिक सामंजस्य की स्थापना का लक्ष्य करना है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण अपने साथ राज्य व ज़िला स्तर के प्राधिकरणों को समन्वित करने का कार्य करता है। इससे केंद्र, राज्य व स्थानीय शासन की गतिविधियों में सामंजस्य की स्थापना होती है तथा प्रभावी आपदा प्रबंधन के उद्देश्य को प्राप्त किया जा सकता है।

    निष्कर्षत: कहा जा सकता है कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को आपदा से होने वाले नुकसान को कम करने के लिये प्रभावी आपदा प्रबंधन की तकनीकों, जागरूकता अभियानों तथा प्रशासनिक सामंजस्य को अपनी कार्यप्रणाली में प्रमुखता से सम्मिलित करना होगा तभी आपदा प्रबंधन के उद्देश्य को प्राप्त किया जा सकता है।

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