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भारत के उपराष्ट्रपति की श्रीलंका यात्रा

  • 20 Apr 2026
  • 51 min read

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस 

चर्चा में क्यों? 

भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने श्रीलंका की दो दिवसीय यात्रा पर गए, जो किसी भारतीय उपराष्ट्रपति की द्वीपीय देश की पहली यात्रा है।

  • भारत ने प्रवासी भारतीय नागरिकता (OCI) के विस्तार की घोषणा की, साथ ही ऊर्जा सहयोग, व्यापार और मछुआरों की चिंताओं जैसे प्रमुख द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की।

भारत के उपराष्ट्रपति की श्रीलंका यात्रा के मुख्य बिंदु क्या हैं?

  • OCI कार्ड पात्रता का विस्तार: भारत ने श्रीलंका में भारतीय प्रवासियों की पाँचवीं और छठी पीढ़ी के लिये OCI योजना का विस्तार किया है।
    • पूर्व में OCI कार्ड पात्रता का विस्तार चौथी पीढ़ी तक सीमित था, यह कदम विशेष रूप से भारतीय मूल के तमिल (मलैयाहा तमिल) समुदाय को लाभान्वित करेगा।
    • प्रशासनिक बाधाओं को कम करने के लिये आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा। OCI कार्ड अब श्रीलंकाई सरकार द्वारा प्रदान किये गए दस्तावेज़ों और प्रमाण-पत्रों के आधार पर जारी किये जाएंगे।
  • विकास सहायता और आवास: चर्चाओं में भारतीय आवास परियोजना के तृतीय चरण के तहत घरों की अंतिम किस्त के हस्तांतरण पर प्रकाश डाला गया, जो श्रीलंका में 50,000 घरों के निर्माण के लिये 2010 में भारत द्वारा की गई प्रतिबद्धता का हिस्सा है।
  • त्रिंकोमाली ऊर्जा केंद्र: दोनों देशों ने त्रिंकोमाली ज़िले में 'ऊर्जा केंद्र' विकसित करने की तात्कालिकता पर बल दिया, जिसमें द्वितीय विश्वयुद्ध-युग के तेल टैंक फार्मों के विकास के साथ-साथ दक्षिण भारत और श्रीलंका को जोड़ने वाली एक प्रस्तावित ईंधन पाइपलाइन शामिल है।
    • यह पहल अप्रैल 2025 में भारत, श्रीलंका और UAE के बीच त्रिंकोमाली विकास के लिये हस्ताक्षरित त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन के बाद हुई है।
  • मछुआरा विवाद: नेताओं ने पाक जलडमरूमध्य में मछली पकड़ने वाले समुदायों की आजीविका को संतुलित करते हुए विवादास्पद मछुआरों के मुद्दे को मानवीय दृष्टिकोण के माध्यम से संबोधित करने पर सहमति व्यक्त की।
  • चक्रवात दितवा राहत: श्रीलंका ने चक्रवात दितवा के बाद प्रदान किये गए 450 मिलियन अमेरिकी डॉलर के पुनर्वास और राहत पैकेज, विशेष रूप से भारत की त्वरित सहायता के लिये गहरी कृतज्ञता व्यक्त की और क्षेत्रीय संकटों के दौरान एक विश्वसनीय "प्रथम उत्तरदाता" के रूप में भारत के उभरने की प्रशंसा की।

Sri Lanka

ओवरसीज़ सिटिज़न ऑफ़ इंडिया (OCI) योजना क्या है?

  • पृष्ठभूमि: भारत ने भारतीय प्रवासियों के लिये उच्च-स्तरीय समिति की सिफारिशों के आधार पर नागरिकता अधिनियम, 1955 में संशोधन के माध्यम से दिसंबर 2005 में प्रवासी भारतीय नागरिकता (OCI) योजना शुरू की और इसे औपचारिक रूप वर्ष 2006 में प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन के दौरान दिया गया था।
    • यह योजना विदेशी नागरिकता रखने वाले भारतीय मूल के व्यक्तियों (PIO) को दीर्घकालिक निवास और यात्रा विशेषाधिकार प्रदान करती है।
    • बाद में, प्रवासी जुड़ाव को सुव्यवस्थित करने के लिये PIO योजना को वर्ष 2015 में OCI के साथ मिला दिया गया।
  • पात्रता: भारत सरकार किसी व्यक्ति को प्रवासी भारतीय नागरिक (OCI) के रूप में पंजीकृत कर सकती है यदि वह एक विदेशी नागरिक है जो 26 जनवरी, 1950 को या उसके बाद भारतीय नागरिक था या उस क्षेत्र से संबंधित था जो 15 अगस्त, 1947 के बाद भारत का हिस्सा बन गया या उस समय भारतीय नागरिकता के लिये पात्र था।
    • पात्रता में उनके बच्चे, पोते-पोतियाँ और परपोते/परपोतियाँ भी शामिल हैं, साथ ही ऐसे नाबालिग बच्चे भी जिनके कम-से-कम एक माता-पिता भारतीय हैं। इसके अलावा भारतीय नागरिकों या OCI धारकों (बशर्ते विवाह कम-से-कम दो वर्षों से पंजीकृत हो) के जीवनसाथी भी पात्र हैं।
  • महत्त्वपूर्ण अपवाद: कोई व्यक्ति, जिसके माता-पिता, दादा-दादी या परदादा-परदादी में से कोई भी वर्तमान में या पहले पाकिस्तान या बांग्लादेश का नागरिक रहा हो, वह OCI पंजीकरण के लिये पूर्णतः अपात्र है।
  • मुख्य लाभ: OCI कार्डधारकों को भारत की यात्रा के लिये आजीवन वैध, बहु-प्रवेश और बहु-उद्देशीय वीज़ा प्राप्त होता है।
    • उन्हें अपनी भारत में रहने की अवधि की परवाह किये बिना फॉरेन रीज़नल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (FRRO) के पास पंजीकरण कराने से कानूनी छूट प्राप्त होती है।
  • NRI के साथ समानता: उन्हें आर्थिक, वित्तीय और शैक्षिक क्षेत्रों में अनिवासी भारतीयों (NRIs) के समान अधिकार और सुविधाएँ प्राप्त होती हैं।
    • हालाँकि वे कृषि भूमि, फार्महाउस या बागान संपत्ति का अधिग्रहण नहीं कर सकते।
  • OCI की सीमाएँ:
    • दोहरी नागरिकता नहीं: OCI को दोहरी नागरिकता नहीं माना जाता, यह किसी भी प्रकार के राजनीतिक अधिकार प्रदान नहीं करता।
    • सार्वजनिक रोज़गार: उन्हें सार्वजनिक रोज़गार के मामलों में समान अवसर (अनुच्छेद 16) का अधिकार प्राप्त नहीं होता।
    • निर्वाचन राजनीति: OCI धारक जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत मतदाता के रूप में पंजीकरण नहीं करा सकते और वे संसद या राज्य विधानसभाओं के चुनाव लड़ने के लिये भी पात्र नहीं होते।
    • संवैधानिक पद: वे राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति के रूप में निर्वाचित होने के लिये अयोग्य होते हैं तथा उन्हें सर्वोच्च न्यायालय या उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त नहीं किया जा सकता।
  • OCI रद्दीकरण: यदि OCI पंजीकरण धोखाधड़ी, गलत प्रस्तुति या तथ्यों को छिपाकर प्राप्त किया गया हो, या यदि व्यक्ति भारत के संविधान के प्रति असंतोष प्रदर्शित करता है, तो उसका OCI पंजीकरण रद्द किया जा सकता है।
    • इसे युद्ध के दौरान शत्रु के साथ अवैध संचार या व्यापार के मामलों में भी रद्द किया जा सकता है या यदि पंजीकरण के पाँच वर्षों के भीतर व्यक्ति को दोषी ठहराकर दो वर्ष या उससे अधिक की कारावास की सज़ा सुनाई गई हो।
    • इसके अलावा भारत की संप्रभुता, अखंडता, सुरक्षा या अन्य देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों के हित में भी OCI रद्द किया जा सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. OCI योजना क्या है?
यह एक ऐसी योजना है जो नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत भारतीय मूल के व्यक्तियों को आजीवन वीज़ा और निवास संबंधी लाभ प्रदान करती है।

2. क्या OCI दोहरी नागरिकता के बराबर है?
नहीं, OCI राजनीतिक अधिकार या पूर्ण नागरिकता प्रदान नहीं करता, यह केवल सीमित आर्थिक और यात्रा संबंधी सुविधाएँ देता है।

3. OCI के लिये कौन पात्र नहीं है?
पाकिस्तान या बांग्लादेश से संबंध रखने वाले व्यक्ति OCI पंजीकरण के लिये पात्र नहीं हैं।

4. OCI के मुख्य लाभ क्या हैं?
आजीवन वीज़ा FRRO में पंजीकरण से छूट तथा आर्थिक और शैक्षिक क्षेत्रों में NRIs के समान सुविधाएँ।

5. OCI किस आधार पर रद्द किया जा सकता है?
इसे धोखाधड़ी, राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों, आपराधिक दोषसिद्धि या राष्ट्रीय सुरक्षा के लिये खतरे की स्थिति में रद्द किया जा सकता है।

UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष के प्रश्न (PYQ)

प्रिलिम्स

प्रश्न. भारत के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये: (2021)

  1. भारत में केवल एक ही नागरिकता और एक ही अधिवास है।
  2. जो व्यक्ति जन्म से नागरिक हो, केवल वही राष्ट्राध्यक्ष बन सकता है।
  3. जिस विदेशी को एक बार नागरिकता दे दी गई है, किसी भी परिस्थिति में उसे इससे वंचित नहीं किया जा सकता। 

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

(a) केवल 1

(b) केवल 2

(c) 1 और 3

(d) 2 और 3 

उत्तर: (a)

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