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रैपिड फायर

शैलो फेक

  • 06 Apr 2024
  • 1 min read

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस 

हाल ही में अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस का वायरल वीडियो, शैलो फेक ने समाज के समक्ष मौजूद जोखिम की ओर इशारा किया है।

  • शैलो फेक या चीप फेक का आशय ऐसे चित्र, वीडियो और वॉयस क्लिप से है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक की मदद के बिना या तो संपादन या अन्य सरल सॉफ्टवेयर टूल का उपयोग करके बनाए जाते हैं।
  • डीपफेक सिंथेटिक मीडिया है जिसमें दृश्य एवं ऑडियो सामग्री में हेर-फेर करने (आमतौर पर किसी को धोखा देने या गुमराह करने के इरादे से) के क्रम में AI का उपयोग होता है।
    • इन्हें जेनरेटिव एडवरसैरियल नेटवर्क (GANs) नामक तकनीक का उपयोग करके बनाया जाता है, जिसमें दो प्रतिस्पर्द्धी तंत्रिका नेटवर्क शामिल हैं: जनरेटर और डिस्क्रिमिनेटर।
    • विश्व आर्थिक मंच (WEF) की वैश्विक जोखिम रिपोर्ट 2024 में भी AI-संचालित गलत सूचना और दुष्प्रचार को अगले 2 वर्षों में सबसे गंभीर जोखिम के रूप में संदर्भित किया है।

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