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अधिसूचित रोग के रूप में रेबीज़

  • 06 Jan 2026
  • 17 min read

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

दिल्ली सरकार ने महामारी रोग अधिनियम, 1897 के तहत मानव रेबीज़ को अधिसूचित रोग (नोटिफायबल डिजीज़) घोषित करने का निर्णय लिया है, जिसका उद्देश्य कुत्तों के काटने से फैलने वाले रेबीज़ के कारण होने वाली मानव मौतों को शून्य करना है।

अधिसूचित रोग (Notifiable Disease)

  • परिचय: अधिसूचित रोग वे होते हैं, जिन्हें महामारी रोग अधिनियम, 1897 जैसे कानूनों के तहत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्राधिकरणों को रिपोर्ट करना कानूनी रूप से अनिवार्य होता है। रोग निगरानी का प्रमुख ढाँचा एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (IDSP) है, जिसका संचालन राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) द्वारा किया जाता है।
  • अधिसूचना के प्रभाव: किसी रोग के अधिसूचित होते ही सभी स्वास्थ्य सेवा प्रदाता (सार्वजनिक एवं निजी) अस्पताल और चिकित्सक कानूनी रूप से संदिग्ध, संभावित तथा पुष्ट मामलों की जानकारी निर्धारित प्राधिकरणों को देने के लिये बाध्य हो जाते हैं, जिससे व्यापक और सटीक डेटा संग्रह सुनिश्चित होता है।
  • सामान्यतः अधिसूचित रोग: यद्यपि राज्यों के अनुसार सूचियाँ भिन्न हो सकती हैं, फिर भी कई राज्यों में सामान्यतः जिन रोगों को अधिसूचित किया गया है, उनमें तपेदिक, डेंगू, मलेरिया, हैज़ा, हेपेटाइटिस, खसरा, लेप्टोस्पायरोसिस और पोलियो शामिल हैं। कोविड-19 को महामारी के दौरान देश भर में अधिसूचित रोग घोषित किया गया था।
    • हाल के वर्षों में नए अधिसूचित रोगों के उदाहरणों में वर्ष 2024 में सर्पदंश और वर्ष 2025 में मानव रेबीज़ को शामिल किया गया है।
  • विकेंद्रीकृत एवं असमान प्रणाली: भारत में अधिसूचित रोगों की कोई एकल, समान राष्ट्रीय सूची नहीं है। किसी रोग को अधिसूचित करने का अधिकार मुख्यतः राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों (जहाँ विधानसभा है) की सरकारों के पास है, जिसके कारण विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में अधिसूचित रोगों की सूचियों में भिन्नता देखने को मिलती है।
  • वैश्विक प्रतिबद्धता: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियम (2005) (IHR) एक कानूनी रूप से बाध्यकारी अंतर्राष्ट्रीय कानून है, जिसके तहत सदस्य देशों को ऐसे सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिमों या घटनाओं की जानकारी WHO को देना अनिवार्य है, जिनके अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रभाव हो सकते हैं, चाहे उनका उद्गम या स्रोत कुछ भी हो।

और पढ़ें: भारत में रेबीज़

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