रैपिड फायर
सरकार ने मेटालर्जिकल कोक के आयात पर प्रतिबंध हटाए
- 06 Jan 2026
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भारत सरकार ने कम राख वाले मेटालर्जिकल कोक (18% से कम राख सामग्री) पर लगाए गए आयात प्रतिबंधों को हटाने का निर्णय लिया है। यह कदम अस्थायी एंटी-डंपिंग ड्यूटी लागू करने के बाद उठाया गया, जिसका उद्देश्य व्यापार संरक्षण बनाए रखते हुए इस्पात उद्योग के लिये कच्चे माल की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
- इसके पहले, दिसंबर 2025 में, विदेशी व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने कम राख वाले मेटालर्जिकल कोक पर आयात प्रतिबंधों को 1 जनवरी से 30 जून, 2026 तक बढ़ा दिया था, क्योंकि उस समय एंटी-डंपिंग ड्यूटी नहीं था।
- हालाँकि वित्त मंत्रालय द्वारा एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाए जाने को मंज़ूरी देने के बाद प्रतिबंध लगाने का तर्क समाप्त हो गया, जिसके परिणामस्वरूप DGFT ने आयात पर मात्रात्मक प्रतिबंध हटा दिये।
- भारत ने कम राख वाले मेटालर्जिकल कोक के आयात पर प्रति टन 60 अमेरिकी डॉलर से 130 अमेरिकी डॉलर तक का अस्थायी एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाया है।
- एंटी-डंपिंग ड्यूटी: यह एक व्यापार सुधारात्मक उपाय है, जो उन आयातों पर लगाया जाता है जिन्हें सामान्य मूल्य से कम पर बेचा जाता है और जिससे घरेलू उत्पादकों को वास्तविक नुकसान पहुँचता है। इसका उद्देश्य आयात की मात्रा को प्रतिबंधित करना नहीं, बल्कि निष्पक्ष प्रतिस्पर्द्धा बहाल करना है।
- मेटालर्जिकल कोक: यह कोकिंग कोल से प्राप्त उच्च-कार्बन और कम अशुद्धता वाला ईंधन है, जिसका उपयोग ब्लास्ट फर्नेस इस्पात निर्माण में एक प्रमुख इनपुट के रूप में किया जाता है। इसका उत्पादन कोक ओवन में हवा की अनुपस्थिति में कोयले को गर्म करके किया जाता है।(भंजक आसवन )
- यह ब्लास्ट फर्नेस में ईंधन और अपचायक (Reducing Agent) दोनों का काम करता है, जिससे लौह अयस्क को द्रवित लोहा में परिवर्तित किया जा सके।
- कम राख (Low Ash) और अति-निम्न फॉस्फोरस वाली किस्में उच्च-श्रेणी के इस्पात निर्माण के लिये विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण हैं।
- भारत के पास विशाल प्रमाणित कोकिंग कोयला भंडार हैं (16.5 अरब टन मध्यम गुणवत्ता वाला और 5.13 अरब टन प्रमुख गुणवत्ता वाला कोयला), फिर भी यह लगभग 85% कोकिंग कोयले का आयात करता है। इसका कारण यह है कि घरेलू कोयले का बड़ा हिस्सा धातुकर्म उपयोग के लिये उपयुक्त नहीं है, जिससे इस्पात क्षेत्र और समग्र आर्थिक स्थिरता बाहरी आपूर्ति संकट के प्रति संवेदनशील बन जाती है।