रैपिड फायर
इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-III
- 07 Feb 2026
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इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल ‘अग्नि-III’ का ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया।
- इसके दौरान मिसाइल के सभी परिचालन एवं तकनीकी मापदंडों का सफलतापूर्वक सत्यापन हुआ। यह परीक्षण स्ट्रैटेजिक फोर्सेज़ कमांड के अधीन संपन्न किया गया।
- अग्नि-III: अग्नि-III का विकास रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा किया गया है। यह एक दो-चरणीय, ठोस ईंधन चालित बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसकी प्रहार-सीमा 3000 किमी. से अधिक है।
- यह मिसाइल पारंपरिक तथा नाभिकीय दोनों प्रकार के युद्धक ले जाने में सक्षम है।
- यह 1.5 टन का पेलोड वहन कर सकती है, जिसकी अनुमानित विस्फोट क्षमता 200-300 किलोटन है।
- अग्नि-III एक सतह-से-सतह पर मार करने वाली मिसाइल है, जिसे रेल एवं सड़क आधारित मोबाइल लॉन्चर से डिप्लॉय किया जा सकता है, जिससे इसकी उत्तरजीविता तथा परिचालन लचीलेपन में वृद्धि होती है।
अग्नि शृंखला
- अग्नि मिसाइल शृंखला, जिसे वर्ष 1980 के दशक में एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम (IGMDP) के अंतर्गत परिकल्पित किया गया था, भारत की विश्वसनीय परमाणु प्रतिरोधक क्षमता की आधारशिला है।
- इसकी शुरुआत वर्ष 1989 में परीक्षण किये गए एक द्वि-चरणीय प्रौद्योगिकी प्रदर्शनकर्त्ता से हुई, जो आगे विकसित होकर अग्नि-I (700–1,250 किमी.), अग्नि-II (2,000-2,500 किमी.) तथा अग्नि-III (3,000-3,500 किमी.) में हुई। ये सभी ठोस ईंधन, गतिशील (मोबाइल) मिसाइलें हैं, जिन्हें भारतीय थलसेना में शामिल किया जा चुका है।
- इसके पश्चात भारत ने वर्ष 2014 में अग्नि-IV (3,000-4,000 किमी.) का परीक्षण किया, जो उन्नत स्वदेशी प्रणालियों से युक्त एक द्वि-चरणीय मध्यम दूरी बैलिस्टिक मिसाइल है तथा वर्तमान में फील्ड ट्रायल्स में है।
- अग्नि-V एक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) श्रेणी की मिसाइल है, जिसकी मारक क्षमता लगभग 5,000 किमी. से अधिक है तथा इसमें कैनिस्टर में तैनात, सड़क-गतिशील प्रक्षेपण की क्षमता है।
- विकासाधीन अग्नि-VI को स्थल एवं पनडुब्बी दोनों से प्रक्षेपित किये जाने की अपेक्षा है, जिसकी संभावित मारक क्षमता 8,000-10,000 किमी. होगी। यह भारत की प्रतिघाती (Second-Strike) प्रहार क्षमता को उल्लेखनीय रूप से सुदृढ़ करेगी।
- अग्नि प्राइम अग्नि वर्ग की एक नवीन पीढ़ी की उन्नत, परमाणु-सक्षम मिसाइल है। यह द्वि-चरणीय कैनिस्टर मिसाइल है, जिसकी अधिकतम मारक क्षमता 1,000 से 2,000 किमी. है तथा यह पूर्ववर्ती अग्नि मिसाइलों की तुलना में हल्की है।
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