रैपिड फायर
भारत औद्योगिक विकास योजना
- 19 Mar 2026
- 14 min read
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 100 प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्क स्थापित करने के लिये 33,660 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA) को स्वीकृति प्रदान की है।
- प्लग-एंड-प्ले ईकोसिस्टम: यह योजना पूर्व-अनुमोदित भूमि और तैयार बुनियादी ढाँचा (100 से 1,000 एकड़) प्रदान करती है, जिससे उद्योग भूमि अधिग्रहण या अनुमोदन में देरी के बगैर "आशय से उत्पादन तक" पहुँच सकते हैं।
- वित्तीय सहायता: केंद्र (आंतरिक सड़कें, जल निकासी), मूल्यवर्द्धित (परीक्षण प्रयोगशालाएँ) और सामाजिक अवसंरचना (श्रमिक आवास) के लिये प्रति एकड़ 1 करोड़ रुपये तक, साथ ही बाहरी कनेक्टिविटी के लिये परियोजना लागत का 25% प्रदान करेगा।
- चयन तंत्र: परियोजनाओं का चयन "चैलेंज मोड" के माध्यम से किया जाएगा, जिससे राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से उच्च-गुणवत्ता, सुधार-उन्मुख और निवेश-उन्मुख प्रस्ताव सुनिश्चित होंगे।
- रणनीतिक एकीकरण: पीएम गतिशक्ति सिद्धांतों के साथ संरेखित, इन पार्कों में मल्टी-मोड कनेक्टिविटी, हरित ऊर्जा और "नो-डिग" वातावरण के लिये एकीकृत भूमिगत यूटिलिटी कॉरिडोर होंगे।
- कार्यान्वयन ढाँचा: इसे राज्यों और निजी क्षेत्र की भागीदारी से राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम (NICDC) द्वारा राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम (NICDP) के ढाँचे के तहत कार्यान्वित किया जाएगा।
- NICDC वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग संवर्द्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) के तहत कार्य करता है।
- लाभार्थी: प्राथमिक लाभार्थियों में उपयोग के लिये तैयार औद्योगिक बुनियादी ढाँचे की तलाश कर रही विनिर्माण इकाइयाँ, MSME, स्टार्टअप और वैश्विक निवेशक शामिल हैं।
- द्वितीयक लाभार्थियों में श्रमिक, लॉजिस्टिक्स प्रदाता, सेवा क्षेत्र के उद्यम और स्थानीय समुदाय शामिल हैं।
|
और पढ़ें: औद्योगिक गलियारे एवं एनआईसीडीपी |