प्रारंभिक परीक्षा
भारत का HPV टीकाकरण अभियान
- 25 Feb 2026
- 50 min read
चर्चा में क्यों?
भारत ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) टीकाकरण को संपूर्ण देश में लागू करने जा रहा है, जिसका उद्देश्य सर्वाइकल/ग्रीवा कैंसर को समाप्त करना है। यह भारत में महिलाओं को प्रभावित करने वाला एक सामान्य लेकिन रोकथाम योग्य कैंसर है।
HPV टीकाकरण अभियान के संबंध में मुख्य बिंदु क्या हैं?
- लक्ष्य समूह और कवरेज: यह अभियान 14 वर्षीय लड़कियों को लक्षित करेगा और स्वैच्छिक तथा निशुल्क होगा। टीकाकरण की प्रक्रिया निर्धारित सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों, जैसे—आयुष्मान आरोग्य मंदिर और जिला अस्पतालों में संपन्न की जाएगी।
- यह टीका किशोरावस्था में दिये जाने पर सर्वाइकल/ग्रीवा कैंसर के जोखिम को 85% से अधिक कम कर देता है।
- टीका विवरण: प्रारंभ में इस अभियान में MSD का गार्डासिल (अमेरिका आधारित) उपयोग किया जाएगा। यह चतुर्विकल्पीय टीका है, जो HPV प्रकार 16 और 18 (जो सर्वाइकल/ग्रीवा कैंसर का कारण बनते हैं) तथा प्रकार 6 एवं 11 से सुरक्षा प्रदान करता है।
- वैज्ञानिक प्रभावशीलता और सुरक्षा: यह एक गैर-संक्रामक टीका है, जिसका अर्थ है कि यह शरीर में HPV संक्रमण पैदा नहीं कर सकता। इसका सुरक्षा प्रोफाइल अत्यंत सुदृढ़ और प्रमाणित है, यानी यह HPV संक्रमण नहीं फैलाता। इस टीके का सुरक्षा रिकॉर्ड अत्यंत सुदृढ़ है और वर्ष 2006 से विश्व स्तर पर 500 मिलियन से अधिक खुराकें दी जा चुकी हैं।
- अध्ययन दर्शाते हैं कि HPV टीके विभिन्न प्रकार के HPV द्वारा होने वाले गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की रोकथाम में 93–100% तक प्रभावी हैं।
- खरीद और कार्यान्वयन:भारत ने GAVI (वैक्सीन एलायंस) के साथ रणनीतिक साझेदारी के माध्यम से 'गार्डासिल' टीके सुनिश्चित किये हैं। ये टीके केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) द्वारा प्रमाणित हैं और वैश्विक स्तर पर विश्वसनीय माने जाते हैं। इन्हें अब भारत के राष्ट्रीय HPV टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत एकीकृत किया गया है।
- भारत की सर्वोच्च टीकाकरण संस्था, टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (NTAGI) ने इस टीके को राष्ट्रीय कार्यक्रम में शामिल करने की आधिकारिक सिफारिश की थी। साथ ही केंद्रीय बजट 2024 के भाषण में 9–14 वर्ष की लड़कियों के लिये सर्वाइकल/ग्रीवा कैंसर की रोकथाम हेतु टीकाकरण को प्रोत्साहित किया गया।
- अभियान की रणनीति: सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (UIP) के तहत होने वाले नियमित टीकाकरण के विपरीत, HPV टीकाकरण एक विशेष अभियान के रूप में निर्धारित टीकाकरण दिवसों पर संचालित किया जाएगा। इसकी तीव्र कवरेज सुनिश्चित करने के लिये U-WIN डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से इसकी निगरानी (Tracking) की जाएगी।
ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) क्या है?
- परिचय: HPV 200 से अधिक परस्पर संबंधित आवरण-रहित, द्वि-शृंखलित DNA विषाणुओं का एक समूह है, जो पैपिलोमाविरीडे कुल से संबंधित है तथा मुख्यतः त्वचा और श्लेष्म झिल्लियों की उपकला कोशिकाओं को संक्रमित करता है।
- अधिकांश संक्रमण लक्षणरहित होते हैं तथा स्वतः समाप्त हो जाते हैं, जिनमें से लगभग 90% संक्रमण शरीर की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया के माध्यम से एक से दो वर्ष के भीतर समाप्त हो जाते हैं।
- HPV प्रकारों का वर्गीकरण: HPV प्रकारों को दो मुख्य श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है:
- निम्न-जोखिम प्रकार (उदाहरणार्थ, HPV 6 तथा 11): ये मुख्यतः बिनाइन अवस्था उत्पन्न करते हैं, जैसे– जननांग में होने वाले मस्से (genital warts) अथवा सामान्य त्वचा में होने वाले मस्से (common skin warts)।
- उच्च-जोखिम प्रकार (उदाहरणार्थ, HPV 16 तथा 18): ये ऑन्कोजेनिक होते हैं तथा HPV-संबद्ध कैंसरों के अधिकांश मामलों के लिये उत्तरदायी होते हैं।
- रोगों का बोझ: गर्भाशय ग्रीवा कैंसर भारत में महिलाओं के मध्य दूसरा सर्वाधिक सामान्य कैंसर है, जिसमें प्रतिवर्ष लगभग 80,000 नए प्रकरण तथा 42,000 से अधिक मृत्यु दर्ज की जाती हैं। स्थायी HPV संक्रमण सभी गर्भाशय ग्रीवा कैंसरों के लगभग 85% के लिये उत्तरदायी हैं, जिनमें प्रकार 16 तथा 18 भारत में 80% से अधिक मामलों के लिये उत्तरदायी हैं।
- संक्रमण: संक्रमण मुख्यतः त्वचा-से-त्वचा संपर्क के माध्यम से होता है, जो सर्वाधिक रूप से यौन क्रिया के दौरान होता है। यह विश्व भर में सर्वाधिक सामान्य यौन संचारित संक्रमण (sexually transmitted infection) है।
- रोकथाम की रणनीति: HPV संक्रमण और उससे संबंधित कैंसर से बचने के लिये टीकाकरण सबसे प्रभावी तरीका है। इसका प्राथमिक लक्ष्य 9-14 वर्ष की आयु की सभी लड़कियाँ होनी चाहिये, ताकि उन्हें यौन रूप से सक्रिय होने से पहले सुरक्षित किया जा सके। यह टीका 1 या 2 खुराक के रूप में दिया जा सकता है। रोकथाम के अन्य तरीकों में कंडोम का उपयोग, स्वैच्छिक पुरुष खतना और धूम्रपान का त्याग शामिल है।
- WHO उन्मूलन लक्ष्य (WHA 73.2): गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के उन्मूलन में तीव्रता लाने हेतु वैश्विक रणनीति द्वारा वर्ष 2030 तक तीन प्रमुख लक्ष्य निर्धारित किये गए हैं:
- 15 वर्ष की आयु तक पहुँचने से पहले 90% बालिकाओं का पूर्ण HPV टीकाकरण सुनिश्चित करना है।
- 35 वर्ष की आयु तक 70% महिलाओं की उच्च-निष्पादन परीक्षण द्वारा जाँच तथा 45 वर्ष की आयु पर पुनः जाँच।
- गर्भाशय ग्रीवा रोग से पहचानी गई 90% महिलाओं को उपचार एवं देखभाल की उपलब्धता।
- WHO प्रत्युत्तर रूपरेखा: HPV-संबंधित कैंसरों की रोकथाम वर्ष 2022–2030 की WHO की वैश्विक स्वास्थ्य रणनीति का एक प्रमुख लक्ष्य है, जो HIV, हेपेटाइटिस तथा यौन संचारित संक्रमणों को संबोधित करती है। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2021 के WHO प्रस्ताव में मौखिक स्वच्छता के संदर्भ में मुख एवं गले के कैंसर से निपटने हेतु उपाय सम्मिलित किये गए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. भारत के HPV टीकाकरण कार्यक्रम का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?
9 से 14 वर्ष की आयु की लड़कियों को निशुल्क, स्वैच्छिक टीकाकरण प्रदान करके गर्भाशय ग्रीवा कैंसर को समाप्त करना, मुख्य रूप से HPV प्रकार 16 और 18 को लक्षित करना।
2. राष्ट्रीय HPV अभियान में किस टीके का उपयोग किया जा रहा है?
भारत गार्डासिल का उपयोग कर रहा है, जो एक चतुःसंयोजी टीका है जो HPV 6, 11, 16 और 18 से सुरक्षा प्रदान करता है।
3. WHO के गर्भाशय ग्रीवा कैंसर उन्मूलन लक्ष्य क्या है?
विश्व स्वास्थ्य संगठन का लक्ष्य वर्ष 2030 तक 90% टीकाकरण, 70% जाँच और 90% उपचार कवरेज प्राप्त करना है।
UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष के प्रश्न
प्रश्न. भारत सरकार द्वारा चलाया गया ‘मिशन इंद्रधनुष’ (2016) किससे संबंधित है? (2016)
(a) बच्चों और गर्भवती महिलाओं का प्रतिरक्षण
(b) पूरे देश में स्मार्ट सिटी का निर्माण
(c) बाहरी अंतरिक्ष में पृथ्वी सदृश ग्रहों के लिये भारत की स्वयं की खोज
(d) नई शिक्षा नीति
उत्तर: (a)