दृष्टि के NCERT कोर्स के साथ करें UPSC की तैयारी और जानें
ध्यान दें:

डेली अपडेट्स



रैपिड फायर

भारत-खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) मुक्त व्यापार समझौता

  • 25 Feb 2026
  • 20 min read

स्रोत: पीआईबी

भारत और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने भारत-खाड़ी सहयोग परिषद मुक्त व्यापार समझौते पर वार्त्ता को आगे बढ़ाने के लिये संयुक्त घोषणा पर हस्ताक्षर किये, जो पहले से तय संदर्भ शर्तों के अनुरूप है। यह कदम आर्थिक सहयोग को गहरा करने और भारत-खाड़ी सहयोग परिषद संबंधों में एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त करने का उद्देश्य रखता है।

  • भारत-खाड़ी सहयोग परिषद व्यापार: खाड़ी सहयोग परिषद भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार समूह है, जो भारत के वैश्विक व्यापार का 15.42% बनाता है। 
    • दो-पक्षीय व्यापार: वित्तीय वर्ष 2024-25 में दो-पक्षीय व्यापार 178.56 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गया (निर्यात: 56.87 बिलियन USD; आयात: 121.68 बिलियन USD) और पिछले पाँच वर्षों में वार्षिक औसत वृद्धि दर 15.3% दर्ज की गई।
    • भारत के प्रमुख निर्यात: भारत खाड़ी सहयोग परिषद देशों को मुख्य रूप से चावल, वस्त्र, मशीनरी और रत्न एवं आभूषण निर्यात करता है।
    • भारत के प्रमुख आयात: GCC से भारत के आयात में कच्चा तेल, द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (LNG), पेट्रोकेमिकल्स और सोने जैसी कीमती धातुएँ प्रमुख हैं।
  • आर्थिक महत्त्व: खाड़ी सहयोग परिषद एक बड़े बाज़ार का प्रतिनिधित्व करता है, जिसमें 61.5 मिलियन लोग हैं और इसका सकल घरेलू उत्पाद (GDP) (दुनिया में 9वाँ स्थान) 2.3 ट्रिलियन USD है। यह भारत के लिये प्रमुख विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) स्रोत भी है, जिसके संचित निवेश सितंबर 2025 तक 31.14 बिलियन USD से अधिक हैं।
  • प्रवासी और सॉफ्ट पावर: GCC में लगभग 10 मिलियन भारतीय समुदाय के लोग रहते हैं, जो एक महत्त्वपूर्ण “जीवंत सेतु” का काम करते हैं। दोनों क्षेत्रों के बीच यह प्रगाढ़ और चिरस्थायी 'जन-से-जन' (People-to-People) संपर्क ही भारत और जीसीसी (GCC) संबंधों की आधारशिला है। इससे इस क्षेत्र में भारतीय कंपनियों की व्यापक उपस्थिति से और भी बल मिलता है।

खाड़ी सहयोग परिषद (GCC)

  • यह एक क्षेत्रीय राजनीतिक और आर्थिक गठबंधन है, जो वर्ष 1981 में प्रभाव में आया और इसमें बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं।
  • स्थापना का उद्देश्य और पृष्ठभूमि: ईरानी क्रांति (1979) और ईरान–इराक युद्ध (1980–1988) जैसे क्षेत्रीय तनावों के जवाब में खाड़ी सहयोग परिषद का गठन किया गया। इसका उद्देश्य अपने सदस्य देशों के बीच आर्थिक, सुरक्षा, सांस्कृतिक तथा सामाजिक सहयोग को बढ़ावा देना है।
  • खाड़ी सहयोग परिषद का मुख्यालय रियाद, सऊदी अरब में स्थित है। इसकी संगठनात्मक संरचना में सर्वोच्च परिषद शामिल है, जो सदस्य देशों के प्रमुखों से बनी सर्वोच्च संस्था है और पदाधिकार में घूर्णन होता है।

Gulf_Cooperation Council

और पढ़ें: भारत-खाड़ी सहयोग परिषद आर्थिक और सामरिक संबंध

close
Share Page
images-2
images-2