रैपिड फायर
इंश्योरेंस मिस-सेलिंग पर रोक लगाने के लिये नियामक दबाव
- 06 Apr 2026
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भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) बैंकों द्वारा तीसरे पक्ष के वित्तीय उत्पादों की मिस-सेलिंग को रोकने के लिये 'रिस्पोंसिबल बिज़नेस कंडक्ट' पर अपने अंतिम दिशा-निर्देश जारी करने की तैयारी कर रहा है, जिससे नागरिकों की सुरक्षा के लिये भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) की कमीशन संरचनाओं की महत्त्वपूर्ण समीक्षा की जा रही है।
- मिस-सेलिंग का मूल कारण: इंश्योरेंस मिस-सेलिंग का तात्पर्य किसी ऐसे उत्पाद या सेवा की बिक्री से है जो ग्राहक की आवश्यकताओं के लिये अनुपयुक्त है।
- एग्रेसिव मिस-सेलिंग का प्राथमिक चालक IRDAI द्वारा विनियमित अग्रिम-भारित, उच्च कमीशन संरचना है।
- चूँकि एजेंट अपनी फीस का अधिकांश हिस्सा अग्रिम रूप से कमाते हैं, वे दीर्घकालिक पॉलिसी सेवा प्रदान करने के बजाय उत्पादों को आक्रामक रूप से बेचने के लिये अधिक प्रोत्साहित होते हैं।
- IRDAI की वित्त वर्ष 25 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, कुल जीवन बीमा कमीशन 60,800 करोड़ रुपये (वर्ष-दर-वर्ष 18% की वृद्धि) तक पहुँच गया, जबकि प्रीमियम में केवल एकल अंकों में वृद्धि हुई।
- मौजूदा विनियमन की सीमाएँ: एजेंट एक ही पॉलिसी पर कितना कमीशन कमा सकता है, इसे सीधे सीमित करने के बजाय, IRDAI का मौजूदा विनियमन केवल पूरी बीमा कंपनी के लिये समग्र प्रबंधन व्यय (EOM) को सीमित करता है।
- इससे बीमा कंपनियों की कार्यप्रणाली में अत्यधिक सुगमता आई। कंपनियों ने अन्यत्र लागत में कटौती करके अपनी समग्र EOM सीमाओं के भीतर रहने का प्रबंधन किया, जबकि आक्रामक सेलिंग को बढ़ावा देने के लिये एजेंटों को बड़े, असमानुपातिक कमीशन देना जारी रखा।
- कमीशन सुधारों के लिये अनुशंसित समाधान: IRDAI के प्रस्तावित सुधारों में कमीशन दरों को सीधे तय करना, सीमाएँ लगाना और व्यय-आधारित सीमाएँ शामिल हैं, हालाँकि उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि ये अकेले दुर्व्यवहारों को प्रभावी ढंग से रोकने के लिये पर्याप्त नहीं हो सकते हैं।
- जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिये उद्योग विशेषज्ञ बीमा कंपनियों के बोर्ड को एक बोर्ड-अनुमोदित पॉलिसी के माध्यम से कमीशन तय करने के लिये ज़िम्मेदार बनाने का सुझाव देते हैं, जिससे भुगतान नियामक प्रकटीकरणों के साथ-साथ समग्र EOM सीमाओं के भीतर सख्ती से रहे।
- ट्रेल-आधारित कमीशन में बदलाव: अत्यधिक अनुशंसित संरचनात्मक सुधार एक क्रमिक, ट्रेल-आधारित कमीशन मॉडल में संक्रमण को दर्शाता है।
- पॉलिसी के जीवनकाल में चरणबद्ध तरीके से कमीशन का भुगतान करके, विक्रेता के वित्तीय प्रोत्साहन सीधे खरीदार के दीर्घकालिक कल्याण के साथ संरेखित हो जाते हैं, जिससे बेहतर स्थिरता सुनिश्चित होती है और बीमा क्षेत्र में विश्वास बहाल होता है।
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