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BBNJ समझौता लागू

  • 20 Jan 2026
  • 23 min read

स्रोत: यूनाइटेड नेशन

बायोडायवर्सिटी बियॉन्ड नेशनल ज्यूरिस्डिक्शन (BBNJ) समझौता, अंतर्राष्ट्रीय जल में समुद्री जैव विविधता की रक्षा के लिये विश्व का पहला विधिक रूप से बाध्यकारी समझौता, 17 जनवरी, 2026 को लागू हुआ और समावेशी समुद्री शासन सुनिश्चित करने वाला पहला समुद्री समझौता है, जिसमें स्वदेशी लोगों और स्थानीय समुदायों एवं लैंगिक संतुलन के प्रावधान हैं।

  • BBNJ समझौता: बायोडायवर्सिटी बियॉन्ड नेशनल ज्यूरिस्डिक्शन एग्रीमेंट (BBNJ समझौता), संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून अभिसमय (UNCLOS), 1982 के तहत अपनाया गया।
    • यह हाई सी और अंतर्राष्ट्रीय समुद्र तल पर लागू होता है अर्थात् राष्ट्रीय अनन्य आर्थिक क्षेत्रों (EEZ) से परे और किसी एक देश के नियंत्रण से बाहर स्थित समुद्री क्षेत्र।
    • समझौता एक वित्तपोषण तंत्र की स्थापना भी करता है और महत्त्वपूर्ण संस्थागत संरचनाओं का निर्माण करता है, जिसमें पक्षकारों का सम्मेलन (COP), सहायक निकाय, क्लियरिंग-हाउस मेकैनिज्म और एक सचिवालय शामिल हैं।
  • अंगीकरण और कानूनी स्थिति: इस समझौते को वर्ष 2023 में संयुक्त राष्ट्र के न्यूयॉर्क स्थित मुख्यालय में अंगीकार किया गया था। कम-से-कम 60 देशों द्वारा अनुमोदन के 120 दिन बाद इसके प्रभावी होने का प्रावधान था, इसकी आवश्यक सीमा पूर्ण हो चुकी है। अब तक 80 से अधिक देशों ने इस समझौते का अनुमोदन किया है।
    • चीन, जर्मनी, जापान, फ्राँस और ब्राज़ील जैसी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं ने इस समझौते का अनुसमर्थन किया है। हालाँकि अमेरिका के समान भारत ने भी वर्ष 2024 में इस समझौते पर हस्ताक्षर कर दिये हैं, तथापि इसकी घरेलू अनुसमर्थन प्रक्रिया अभी लंबित है।
  • BBNJ समझौते के चार स्तंभ: 
    • समुद्री आनुवंशिक संसाधन (MGR): इसमें लाभों का न्यायसंगत और समान वितरण शामिल है।
    • क्षेत्र-आधारित प्रबंधन उपकरण (ABMT): जैसे समुद्री संरक्षित क्षेत्र (MPA)
    • पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (EIA): हाई सी में गतिविधियों के लिये पर्यावरणीय प्रभाव का मूल्यांकन
    • क्षमता निर्माण और समुद्री प्रौद्योगिकी का स्थानांतरण: विकासशील देशों को समुद्री प्रौद्योगिकी में प्रशिक्षण और संसाधन हस्तांतरण।
  • महत्त्व: BBNJ समझौता लंबे समय से चले आ रहे समुद्री शासन की कमी को पूरा करता है, जो महासागर की सतह के दो-तिहाई से अधिक हिस्से पर कानूनी रूप से बाध्यकारी नियम लागू करता है। यह पृथ्वी के जीवित स्थान का 90% से अधिक कवरेज प्रदान करता है और UNCLOS (जिसे महासागरों का संविधान भी कहा जाता है) के तहत वैश्विक महासागर संरक्षण को मज़बूत बनाता है।
    • यह समझौता SDG-14 (जलीय जीवों की सुरक्षा) को समर्थन देता है और जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता ह्रास तथा प्रदूषण की त्रि-ग्रहीय संकट से निपटने में योगदान करता है, क्योंकि यह पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील अंतर्राष्ट्रीय जल क्षेत्रों में मानव गतिविधियों को विनियमित करता है।
    • BBNJ समझौता UNCLOS के तहत तीसरा कार्यान्वयन समझौता है। इससे पहले के दो समझौते हैं: अंतर्राष्ट्रीय समुद्री तल खनन पर 1994 का 'भाग XI कार्यान्वयन समझौता' और ‘फैले हुए तथा अत्यधिक प्रवासी मछली स्टॉक पर 1995 का 'संयुक्त राष्ट्र मछली स्टॉक समझौता'।

UN_High_Seas_Treaty

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