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अंतर्राष्ट्रीय संबंध

भारत-संयुक्त अरब अमीरात वर्चुअल शिखर सम्मेलन

  • 19 Feb 2022
  • 10 min read

प्रिलिम्स के लिये:

सीईपीए, व्यापक रणनीतिक साझेदारी, कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण, गिफ्ट सिटी, खाड़ी सहयोग परिषद।

मेन्स के लिये:

भारत और उसके पड़ोसी, द्विपक्षीय समूह और समझौते, भारत-यूएई संबंध।

चर्चा में क्यों?

हाल ही में भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच एक वर्चुअल शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया।

Iran

शिखर सम्मेलन के प्रमुख बिंदु:

  • व्यापक रणनीतिक साझेदारी: इस शिखर सम्मेलन के दौरान 'भारत और यूएई समग्र सामरिक गठजोड़ में प्रगति: नए मोर्चे, नया मील का पत्थर' शीर्षक से एक संयुक्त दृष्टि-पत्र भी जारी किया गया।
    • यह बयान भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच भविष्योन्मुखी साझेदारी का एक खाका तैयार करता है तथा प्रमुख क्षेत्रों एवं परिणामों की पहचान करता है।  
    • इसका साझा उद्देश्य नए कारोबार, निवेश एवं विविध क्षेत्रों में नवोन्मेष को बढ़ावा देना है। 
  • रक्षा एवं सुरक्षा क्षेत्र: क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने में योगदान देने वाले समुद्री सहयोग को बढ़ाने पर भी सहमति व्यक्त की गई।
    • क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दोनों स्तरों पर सीमा पार आतंकवाद के सभी रूपों सहित चरमपंथ एवं आतंकवाद के खिलाफ लड़ने के लिये संयुक्त प्रतिबद्धता की पुष्टि की गई।
  • क्लाइमेट एक्शन एंड रिन्यूएबल्स: एक-दूसरे के स्वच्छ ऊर्जा मिशनों का समर्थन करने और ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन पर विशेष ध्यान देने के साथ दोनों ही प्रौद्योगिकियों को बढ़ाने में मदद करने के लिये एक संयुक्त हाइड्रोजन टास्क फोर्स की स्थापना पर सहमत हुए।
  • उभरती प्रौद्योगिकियाँ: महत्त्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों पर सहयोग और ई-व्यवसायों एवं ई-भुगतान समाधानों को पारस्परिक रूप से बढ़ावा देने तथा दोनों देशों के स्टार्ट-अप के विस्तार पर सहमति जताई गई।
  • शिक्षा सहयोग: संयुक्त अरब अमीरात में एक भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान स्थापित करने पर सहमति।
  • स्वास्थ्य सहयोग: टीके के लिये विश्वसनीय आपूर्ति शृंखला, अनुसंधान, उत्पादन और विकास में सहयोग करने तथा भारत में स्वास्थ्य बुनियादी ढांँचे में संयुक्त अरब अमीरात की संस्थाओं द्वारा निवेश बढ़ाने के साथ-साथ वंचित देशों में स्वास्थ्य सेवा हेतु सहयोग प्रदान करने का निर्णय लिया गया।
  • खाद्य सुरक्षा: दोनों देशों द्वारा खाद्य आपूर्ति शृंखलाओं के लचीलेपन और विश्वसनीयता को बढ़ाने की आवश्यकता को स्वीकार किया गया।
    • द्विपक्षीय खाद्य और कृषि व्यापार में वृद्धि के माध्यम से सहयोग बढ़ाने और संयुक्त अरब अमीरात में खेतों को बंदरगाहों से जोड़ने वाले बुनियादी ढांँचे एवं समर्पित रसद सेवाओं को बढ़ावा देने के साथ उन्हें मजबूत करने का भी निर्णय लिया गया।
  • कौशल सहयोग: कौशल विकास में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की गई ताकि बाजार की जरूरतों के साथ तालमेल बिठाकर औकार्य को भविष्य की बदलती ज़रूरतों के हिसाब से पूरा किया जा सके।
  • भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ और संयुक्त अरब अमीरात की स्थापना के 50वें वर्ष के अवसर पर संयुक्त स्मारक डाक टिकट (Joint Commemorative Stamp) का विमोचन किया गया।
  • व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (CEPA): विकास में महत्त्वपूर्ण योगदान देने हेतु दोनों पक्षों ने व्यापार और निवेश संबंधों को और बढ़ावा देने के लिये सीईपीए पर हस्ताक्षर किये।
    • प्लास्टिक, कृषि, खाद्य उत्पाद, ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, फार्मास्यूटिकल्स कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जिन्हें इस समझौते से बढ़ावा मिलेगा।
    • इस सौदे से देश में युवाओं के लिये 10 लाख नौकरियों के अवसर सर्जित होंगे और भारत के लिये व्यापक अफ्रीकी एवं एशियाई बाज़ारों तक पहुंँचना संभव होगा।
    • दोनों देशों के मध्य CEPA से अगले पाँच वर्षों (2022-27) में द्विपक्षीय व्यापार के 60 अरब अमेरिकी डॉलर के मौजूदा स्तर से बढ़कर 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पँहुचने की उम्मीद है।

व्यापक आर्थिक सहयोग तथा भागीदारी समझौता (CEPA):

  • यह एक प्रकार का मुक्त व्यापार समझौता है जिसमें सेवाओं एवं निवेश के संबंध में व्यापार और आर्थिक साझेदारी के अन्य क्षेत्रों पर बातचीत करना शामिल है। यह व्यापार सुविधा व सीमा शुल्क सहयोग, प्रतिस्पर्द्धा  तथा बौद्धिक संपदा अधिकारों जैसे क्षेत्रों पर बातचीत किये जाने पर भी विचार कर सकता है।
  • साझेदारी या सहयोग समझौते मुक्त व्यापार समझौतों की तुलना में अधिक व्यापक हैं।
  • CEPA व्यापार के नियामक पहलू को भी देखता है और नियामक मुद्दों को कवर करने वाले एक समझौते को शामिल करता है।
  • भारत ने दक्षिण कोरिया और जापान के साथ CEPA पर हस्ताक्षर किये हैं।

भारत-यूएई संबंधों की वर्तमान स्थिति:

  • परिचय:
    • भारत और संयुक्त अरब अमीरात दोनों देशों के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक, धार्मिक और आर्थिक संबंध हैं।
    • वर्ष 1966 में अबू धाबी के शासक के रूप में हिज हाइनेस शेख जायद बिन सुल्तान अल नाहयान की नियुक्ति और बाद में वर्ष 1971 में यूएई फेडरेशन के निर्माण के बाद यह संबंध और अधिक मज़बूत हुआ।
  • राजनीतिक संबंध:
    • वर्ष 2019 में UAE ने दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही दोस्ती और संयुक्त रणनीतिक सहयोग को मज़बूत करने के लिये भारत के प्रधानमंत्री को अपने सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार, जायेद मेडल से सम्मानित किया।
    • अगस्त 2015 में भारतीय प्रधानमंत्री की संयुक्त अरब अमीरात यात्रा ने एक नई और व्यापक व रणनीतिक साझेदारी की शुरुआत की।
  • आर्थिक संबंध:
    •  वर्ष 2019-20 में भारत-यूएई व्यापार लगभग 60 बिलियन अमेरिकी डॉलर का था, जिससे चीन और अमेरिका के बाद यूएई भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार बन गया है।
    • संयुक्त अरब अमीरात जो कि अमेरिका के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य भी है, का निर्यात वर्ष 2019-2020 में लगभग 29 बिलियन अमेरिकी डाॅलर था।
    • वर्ष 2019 में संयुक्त अरब अमीरात और भारत के बीच गैर-तेल व्यापार लगभग 41.43 बिलियन अमेरिकी डॉलर का था जो भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार था।
  • सांस्कृतिक संबंध:
    • दोनों राष्ट्र ऐतिहासिक संबंध साझा करते हैं और आधिकारिक व लोकप्रिय दोनों स्तरों पर नियमित सांस्कृतिक आदान-प्रदान बनाए रखते हैं।
    • दोनों देशों ने वर्ष 1975 में एक सांस्कृतिक समझौते पर हस्ताक्षर किये और दोनों देशों के दूतावास सांस्कृतिक संगठनों के साथ सहयोग द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन करते हैं।
  • भारतीय समुदाय:
    • संयुक्त अरब अमीरात में 2.6 मिलियन से अधिक भारतीय प्रवासी हैं, जो संयुक्त अरब अमीरात में सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय है, जिसने संयुक्त अरब अमीरात के आर्थिक विकास में एक प्रमुख भूमिका निभाई है।
    • हाल ही में भारत ने खाड़ी सहयोग परिषद (GCC), जिसमें संयुक्त अरब अमीरात भी शामिल है, के सदस्यों से कहा है कि उन भारतीयों को वापसी की सुविधा प्रदान की जाए, जो कोविड-19 से संबंधित प्रतिबंधों में ढील के साथ काम फिर से शुरू करना चाहते हैं।

स्रोत: पी.आई.बी.

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