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प्रिलिम्स फैक्ट्स

  • 10 May, 2021
  • 8 min read
प्रारंभिक परीक्षा

प्रिलिम्स फैक्ट : 10 मई, 2021

दाहला बांध 

(Dahla Dam)

हाल ही में तालिबान ने अफगानिस्तान के दूसरे सबसे बड़े बांध- दाहला बांध पर कब्ज़ा कर लिया है।

Dahla-Dam

प्रमुख बिंदु

दाहला बांध के बारे में:

  • दाहला बांध को अरघानदाब (Arghandab) बांध के रूप में भी जाना जाता है।
  • यह अफगानिस्तान के कंधार प्रांत के शाह वली कोट ज़िले में स्थित है।
  • इस बांध का निर्माण वर्ष 1952 में संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा किया गया था।
  • यह बांध अरघानदाब नदी पर निर्मित है।

अफगानिस्तान में भारत द्वारा बनाए गए बांध:

  • काबुल नदी पर शहतूत बांध (Shahtoot Dam) के निर्माण हेतु दोनों देशों के बीच एक समझौता किया गया है।
  • अफगान-भारत मैत्री बांध (सलमा बांध)।

विविध

Rapid Fire (करेंट अफेयर्स): 10 मई, 2021

‘आईडी-आर्ट’ एप्लीकेशन

अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक पुलिस संगठन यानी इंटरपोल ने एक ‘आईडी-आर्ट’ नाम से एक मोबाइल फोन एप्लीकेशन (एप) लॉन्च की है, जो चोरी हुई सांस्कृतिक संपत्ति की पहचान करने, तस्करी को कम करने और चुराई हुई कलाकृतियों की पुनर्प्राप्ति की संभावना को बढ़ाने में मदद करेगा। इंटरपोल का यह एप उपयोगकर्त्ताओं को चोरी हुईं कलाकृतियों से संबंधित इंटरपोल के डेटाबेस तक पहुँच प्राप्त करने, निजी कला संग्रहों की एक सूची बनाने और उन सांस्कृतिक साइटों की रिपोर्ट करने, जिन पर संभावित जोखिम है आदि में सक्षम बनाता है। यह एप विभिन्न देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ-साथ आम जनता द्वारा भी प्रयोग किया जा सकता है। ज्ञात हो कि हाल के कुछ वर्षों में ऐसी तमाम सशस्त्र संघर्ष और संगठित लूटपाट की घटनाएँ दर्ज की गई हैं, जिसके कारण विभिन्न देशों की सांस्कृतिक विरासतें गंभीर रूप से प्रभावित हो रही हैं। इस तरह यह नया एप पुलिस अधिकारियों, सांस्कृतिक विरासत पेशेवरों और आम जनमानस को सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में क्षमता बनाने हेतु एक महत्त्वपूर्ण कदम है। विरासत स्थलों की स्थिति के प्रलेखन के अलावा यह एप भौगोलिक स्थिति को रिकॉर्ड करने को भी सक्षम बनाता है। इस एप्लीकेशन के माध्यम से अब तक इटली और नीदरलैंड में कुल चार कलाकृतियों को बरामद किया गया है।

सीनोफार्म वैक्सीन 

हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चीन में निर्मित सीनोफार्म कोविड-19 वैक्सीन को आपातकालीन उपयोग के लिये सूचीबद्ध किया है, जिसका अर्थ है कि अब इस वैक्सीन का प्रयोग दुनिया भर में टीकाकरण अभियानों में किया जा सकता है। इस वैक्सीन का उत्पादन बीजिंग बायो-इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलॉजिकल प्रोडक्ट्स कंपनी लिमिटेड द्वारा किया जाता है, जो कि चाइना नेशनल बायोटेक ग्रुप (CNBG) की एक अनुषंगी कंपनी है। विदित हो कि सीनोफार्म, विश्व स्वास्थ्य संगठन का समर्थन प्राप्त करने वाली पहली गैर-पश्चिमी वैक्सीन है और इसका प्रयोग संभवतः कोवैक्स (COVAX) कार्यक्रम के लिये किया जाएगा, जिसके तहत निम्न और मध्यम आय वाले देशों में टीकों की आपूर्ति की जाती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, चीन द्वारा निर्मित यह वैक्सीन सभी आयु वर्गों के लिये लगभग 79 प्रतिशत तक प्रभावी है। सीनोफार्म वैक्सीन, भारत बायोटेक इंडिया द्वारा विकसित कोवैक्सिन की तरह ही एक निष्क्रिय कोरोना वायरस वैक्सीन है। निष्क्रिय वैक्सीन में उस विशिष्ट रोग से संबंधित वायरस (कोविड-19 के मामले में SARS-CoV-2) का प्रयोग किया जाता है और उसे ऊष्मा, रसायन या विकिरण का उपयोग कर निष्क्रिय कर दिया जाता है। फ्लू और पोलियो के टीके को भी इसी विधि से निर्मित किया जाता है। 

माउंट सिनाबंग 

हाल ही में इंडोनेशिया के सक्रीय ज्वालामुखी ‘माउंट सिनाबंग’ में विस्फोट हुआ है। यह ज्वालामुखी वर्ष 2010 में तब सक्रिय हुआ था, जब लगभग 400 वर्षों की निष्क्रियता के बाद इसमें पहली बार विस्फोट हुआ था। सिनाबंग ज्वालामुखी उत्तरी सुमात्रा प्रांत के कारो ज़िले में स्थित है। इसकी ऊँचाई 2,475 मीटर है। यह दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के प्रमुख जागृत ज्वालामुखियों में से एक है। जागृत ज्वालामुखी लंबा एवं शंक्वाकार होता है, जो कठोर लावा और टेफ्रा की पर्तों से मिलकर बना होता है। इंडोनेशिया में ऐसी ज्वालामुखी घटनाएँ काफी सामान्य हैं, क्योंकि यह देश प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ पर स्थित है जहाँ पर विवर्तनिक प्लेटों के आपस में टकराने के फलस्वरूप भूकंपीय और ज्वालामुखी घटनाएँ अक्सर देखी जाती हैं। ‘रिंग ऑफ फायर’ में विश्व के लगभग 75 प्रतिशत ज्वालामुखी मौजूद हैं और लगभग 90 प्रतिशत भूकंप भी इसी क्षेत्र में दर्ज किये जाते हैं। ज्वालामुखी मूल रूप से तीन प्रकार के होते हैं - सक्रिय, निष्क्रिय या विलुप्त। एक विस्फोट तब होता है जब ‘मैग्मा’, जो कि पृथ्वी के मेंटल के पिघलने पर बनता है, पृथ्वी की सतह पर आ जाता है। सतह पर आ जानेके बाद इसे ‘लावा’ कहते हैं।

वी. कल्याणम

महात्मा गांधी के पूर्व निजी सचिव वी. कल्याणम का हाल ही में 99 वर्ष की आयु में चेन्नई में निधन हो गया है। वी. कल्याणम वर्ष 1943 से वर्ष 1948 तक महात्मा गांधी की मृत्यु तक उनके निजी सचिव थे। ज्ञात हो कि 30 जनवरी, 1948 को नई दिल्ली में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या के दौरान वी. कल्याणम महात्मा गांधी के साथ ही थे। वी. कल्याणम का जन्म 15 अगस्त, 1922 को शिमला में हुआ था। गांधी के निधन के बाद कल्याणम ने पंडित नेहरू, एडविना माउंटबेटन और रेड क्रॉस आदि के साथ भी कार्य किया, इसके अलावा वे एक सद्भावना मिशन पर चीन भी गए।


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