IAS प्रिलिम्स ऑनलाइन कोर्स (Pendrive)
ध्यान दें:
उत्तर प्रदेश पी.सी.एस. परीक्षा मॉडल पेपर (2019)65 वीं बी.पी.एस.सी संयुक्त (प्रारंभिक) प्रतियोगिता परीक्षा - उत्तर कुंजी.बी .पी.एस.सी. परीक्षा 63वीं चयनित उम्मीदवारअब आप हमसे Telegram पर भी जुड़ सकते हैं !यू.पी.पी.सी.एस. परीक्षा 2017 चयनित उम्मीदवार.63 वीं बी .पी.एस.सी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा - अंतिम परिणामबिहार लोक सेवा आयोग - प्रारंभिक परीक्षा (65वीं) - 2019- करेंट अफेयर्सउत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (प्रवर) मुख्य परीक्षा मॉडल पेपर 2018यूपीएससी (मुख्य) परीक्षा,2019 के लिये संभावित निबंधसिविल सेवा (मुख्य) परीक्षा, 2019 - मॉडल पेपरUPSC CSE 2020 : प्रारंभिक परीक्षा टेस्ट सीरीज़Result: Civil Services (Preliminary) Examination, 2019.Download: सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा - 2019 (प्रश्नपत्र & उत्तर कुंजी).

प्रीलिम्स फैक्ट्स

  • 06 Jul, 2019
  • 6 min read
प्रारंभिक परीक्षा

प्रीलिम्स फैक्ट्स: 06 जुलाई, 2019

गंगा नदी डॉल्फ़िन

हाल में बिहार के किशनगंज ज़िले में गंगा की सहायक महानंदा नदी में पहली बार लुप्तप्राय गंगा नदी डॉल्फ़िन (Gangetic river dolphins) पाई गई है।

Gangetic river dolphin

  • तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (Tilka Manjhi Bhagalpur University) के विक्रमशिला जैव विविधता अनुसंधान और शिक्षा केंद्र (Vikramshila Biodiversity Research and Education Centre- VBREC) के वैज्ञानिकों की एक टीम ने सर्वेक्षण के दौरान 14 गंगा नदी डॉल्फ़िन पाए।
  • अलग-अलग स्थानों पर सामान्यतः इसे गंगा नदी डॉल्फ़िन, ब्लाइंड डॉल्फ़िन, गंगा ससु, हिहु, साइड-स्विमिंग डॉल्फिन, दक्षिण एशियाई नदी डॉल्फिन आदि नामों से जाना जाता है।
  • इसका वैज्ञानिक नाम प्लैटनिस्टा गैंगेटिका (Platanista gangetica) है।
  • यह CITES के परिशिष्ट 1 में सूचीबद्ध है। तथा IUCN की लुप्तप्राय (Endangered) सूची में शामिल है।

CITES

  • CITES (The Convention of International Trade in Endangered Species of Wild Fauna and Flora) एक अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन है।
  • इसका उद्देश्य वन्यजीवों और पौधों के प्रतिरूप को किसी भी प्रकार के खतरे से बचाना है तथा इनके अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को रोकना है।

वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची 1:

  • यह वन्यजीवों को पूर्ण सुरक्षा प्रदान करती है और अपराध के लिये उच्चतम दंड निर्धारित करती है।

स्‍टार्ट-अप के लिये डीडी चैनल

आम बजट 2019-20 पेश करते हुए वित्त मंत्री ने स्टार्ट-अप के लिये विशेष रूप से एक डीडी चैनल शुरू करने का प्रस्ताव रखा है।

Startup channel

  • इसका उद्देश्य विभिन्न प्रकार के करों में छूट प्रदान करके रोज़गार को बढ़ावा देना है।
  • यह विशेष डीडी चैनल स्टार्ट-अप को प्रोत्साहित करने में मदद करेगा और उन्हें एक विशेष मंच प्रदान करेगा।
  • इस चैनल को स्‍टार्ट-अप खुद तैयार करेंगे और चलाएंगे।
  • सरकार ने अपने कुछ नियमों में छूट देने का भी प्रस्ताव दिया है जिसमें तथाकथित ‘एंजेल टैक्‍स’ का मुद्दा भी शामिल है।
  • स्‍टार्ट-अप में निवेश करने के लिये आवासीय मकान की बिक्री से प्राप्‍त होने वाले पूंजी लाभों की छूट अवधि 31 मार्च, 2021 तक बढ़ाए जाने का भी प्रस्‍ताव है।
  • स्‍टार्ट-अप और उनके द्वारा जुटाई गई निधियों के संबंध में आयकर विभाग की ओर से किसी भी प्रकार की जाँच नहीं की जाएगी।

स्‍फूर्ति योजना

वर्ष 2019-20 के बजट के दौरान ‘पारंपरिक उद्योगों के उन्‍नयन एवं पुनर्निर्माण के लिये कोष की योजना/स्‍फूर्ति योजना (Scheme of Fund for Upgradation and Regeneration of Traditional Industries’- SFURTI) के तहत और अधिक साझा सुविधा केंद्रों की स्‍थापना करने का लक्ष्‍य रखा है।

  • इससे पारंपरिक उद्योगों को और ज़्यादा उत्‍पादक, लाभप्रद एवं सतत् रोज़गार अवसरों को सृजित करने में सक्षम बनाने के लिये क्लस्‍टर आधारित विकास को सुविधाजनक बनाया जा सकेगा।
  • इसके तहत फोकस वाले क्षेत्र या सेक्‍टर बाँस, शहद और खादी समूह हैं।
  • ‘स्‍फूर्ति’ योजना के तहत वर्ष 2019-20 के दौरान 100 नए समूह (Cluster) स्‍थापित करने की परिकल्‍पना की गई है जिससे 50,000 कारीगर आर्थिक मूल्‍य श्रृंखला से जुड़ सकेंगे।
  • मत्‍स्‍य पालन एवं मछुआरा समुदाय खेती-बाड़ी से काफी हद तक जुड़े हुए हैं और ये ग्रामीण भारत के लिये अत्‍यंत महत्त्वपूर्ण माने जाते हैं।
  • अतः मत्‍स्‍य पालन विभाग ‘प्रधानमंत्री मत्‍स्‍य संपदा योजना (Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana- PMMSY) के ज़रिये एक सुदृढ़ मत्‍स्‍य पालन प्रबंधन रूपरेखा स्‍थापित किया जाएगा।
  • इस योजना के ज़रिये अवसंरचना, आधुनिकीकरण, उत्‍पादकता, फसल कटाई उपरांत प्रबंधन और गुणवत्ता नियंत्रण आदि में आने वाली बाधाओं को दूर किया जाएगा।
  • किसानों की उपज के साथ-साथ सहायक गतिविधियों से प्राप्‍त उत्‍पादों को बढ़ावा देने हेतु निजी उद्यमिता को आवश्‍यक सहयोग दिया जाएगा।
  • 10,000 नए किसान उत्‍पादक संगठन बनाए जाएंगे, ताकि अगले पाँच वर्षों के दौरान किसानों के लिये व्‍यापक उत्‍पादन स्‍तर सुनिश्चित किया जा सके।
  • पशु चारे के उत्‍पादन और दूध की खरीद, प्रोसेसिंग एवं विपणन के लिये बुनियादी ढांचागत सुविधाओं को सृजित करके भी सहकारी समितियों के ज़रिये डेयरी को प्रोत्‍साहित किया जाएगा।

एसएमएस अलर्ट
 

नोट्स देखने या बनाने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

नोट्स देखने या बनाने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

close

प्रोग्रेस सूची देखने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

close

आर्टिकल्स को बुकमार्क करने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

close