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स्टेट पी.सी.एस.

  • 30 Nov 2021
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उत्तर प्रदेश Switch to English

नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान

चर्चा में क्यों?

29 नवंबर, 2021 को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान के शताब्दी समारोह में ‘शताब्दी स्तंभ’का अनावरण तथा डाक टिकट एवं शताब्दी स्मारिका का विमोचन किया।

प्रमुख बिंदु 

  • इस शताब्दी स्मारिका में प्राणि उद्यान की 100 वर्ष की उपलब्धियों का वर्णन है।
  • इसके साथ ही उन्होंने ‘चित्रों में चिड़ियाघर’नामक एक पुस्तक का भी विमोचन किया तथा वन्य जीव संरक्षण में महत्त्वपूर्ण योगदान देने वाले पूर्व प्रशासकों एवं पूर्व निदेशकों को भी सम्मानित किया।
  • इस अवसर पर शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में वन्य जीव एवं पर्यावरण पर आधारित विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया।
  • मुख्यमंत्री ने प्राणि उद्यान के जीव-जंतुओं के अंगीकर्ताओं को भी सम्मानित किया। साथ ही बच्चों द्वारा सुझाए गए नाम के आधार पर 6 बाघों का नामकरण किया।
  • उल्लेखनीय है कि प्रदेश में वर्ष 1947 से 2017 तक 70 वर्षों में 2 प्राणि उद्यान ही बन पाए थे, जबकि विगत 5 वर्षों में एक प्राणि उद्यान गोरखपुर में स्थापित किया गया है।
  • ज्ञातव्य है कि यह प्राणि उद्यान लखनऊ के मध्य में बसा है, जो प्रदेश के लोगों के लिये एक आकर्षण का केंद्र है। साथ ही, लखनऊ नगरवासियों के लिये यहाँ के पेड़-पौधो प्राकृतिक रूप से ऑक्सीजन के सबसे बड़े प्लांट के रूप में हैं। यहाँ पर दृष्टिबाधित लोगों के लिये एक गैलरी की स्थापना भी की गई है।

बिहार Switch to English

मुख्यमंत्री द्वार NTPC बाढ़ सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट स्टेज-1 की इकाई-1 का लोकार्पण

चर्चा में क्यों?

हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा NTPC बाढ़ सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट के स्टेज-1 की इकाई-1 का लोकार्पण किया गया।

प्रमुख बिंदु 

  • लोकार्पण के अवसर पर मुख्यमंत्री के समक्ष NTPC बाढ़ सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया।
  • इस अवसर पर मुख्यमंत्री के द्वारा NTPC बाढ़ के प्रांगण में पौधारोपण भी किया गया।
  • विदित हो कि NTPC बाढ़ सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट के तहत 660 मेगावाट की 3 यूनिट की स्थापना करने का निर्णय ऊर्जा विभाग के द्वारा लिया गया था, जिसमें पहली यूनिट ने उत्पादन प्रारंभ कर दिया है।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरी यूनिट से उत्पादन वर्ष 2022 तक एवं तीसरी यूनिट में 2023 तक प्रारंभ किया जाएगा।

राजस्थान Switch to English

8 आईपीएस समेत 66 अधिकारी व पुलिसकर्मी डीजीपी डिस्क से सम्मानित

चर्चा में क्यों?

29 नवंबर, 2021 को राजस्थान के पुलिस महानिदेशक एम. एल. लाठर ने पुलिस मुख्यालय में आयोजित समारोह में 66 पुलिस एवं अन्य सेवाओं के अधिकारियों व कर्मचारियों को सराहनीय कार्य के लिये डीजीपी प्रशस्ति-पत्र डिस्क एवं रोल प्रदान कर सम्मानित किया।

प्रमुख बिंदु 

  • अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, अपराध रवि प्रकाश ने बताया कि सम्मान समारोह के दौरान 8 आईपीएस, एक अतिरिक्त निदेशक प्रचार, एक उप निदेशक स्वास्थ्य, 10 आरपीएस, 2 निजी सचिव, 9 पुलिस निरीक्षक व कंपनी कमांडर, 3 उप निरीक्षक व प्लाटून कमांडर, 2-2 मंत्रालयिककर्मी व हेड कॉन्स्टेबल एवं 28 कॉन्स्टेबल को डीजीपी प्रशस्ति-पत्र व रोल प्रदान किया गया।
  • डीजीपी डिस्क से सम्मानित 8 आईपीएस हैं- एडिशनल डीजीपी, पुनर्गठन एवं नियम संजीव कुमार नार्जारी, आईजी इंटेलीजेंस रूपिंदर सिंह, डीआईजी कार्मिक गौरव श्रीवास्तव, एडिशनल कमिश्नर द्वितीय जयपुर हैदर अली जैदी, डीआईजी सीआईडी अनिल कुमार टॉक, एसपी जयपुर ग्रामीण मनीष अग्रवाल, एसपी कोटा शहर गौरव यादव (वर्तमान में सीआईडी सीबी जयपुर) एवं एसपी प्रशिक्षण पीटीसी जयपुर दौलतराम अटल।
  • सम्मानित किये गए 10 आरपीएस हैं- अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल, ज्ञान चंद यादव, भरत लाल मीणा, सौरभ कोठारी, ललित किशोर एवं पुलिस उप अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह, रामानंद शर्मा, सूर्यवीर सिंह राठौड़, नरेंद्र कुमार व अमीर हसन।
  • इसके अलावा अतिरिक्त निदेशक प्रचार पुलिस मुख्यालय गोविंद पारीक एवं उप निदेशक स्वास्थ्य डॉक्टर सुनील पूनिया को डीजीपी का सम्मान दिया गया।
  • साथ ही अतिरिक्त निजी सचिव, पुलिस मुख्यालय मुरारी लाल गुप्ता, डीजीपी के निजी सहायक बनवारी लाल शर्मा, प्रशासनिक अधिकारी अनुभाग प्रथम नेमीचंद शर्मा एवं सूचना सहायक एससीआरबी प्रकाश कंवर शेखावत को भी सम्मानित किया गया।
  • सम्मानित 9 पुलिस निरीक्षक एवं कंपनी कमांडर हैं- पुलिस निरीक्षक धीरज वर्मा, कामरान खान, राम सिंह नाथावत, शिवदास मीणा, पूनम चौधरी, विक्रांत शर्मा एवं कंपनी कमांडर दीपक जोशी, सीताराम तथा वीना कुमारी।
  • सम्मानित 3 उप निरीक्षक व प्लाटून कमांडर एवं 2 हेड कॉन्स्टेबल हैं- प्लाटून कमांडर मुकेश कुमार व उपनिरीक्षक रामकिशोर शर्मा एवं उपनिरीक्षक प्रोबेशनर विजय मीणा तथा हेड कॉन्स्टेबल जगदीश प्रसाद जाट व महावीर प्रसाद यादव।
  • सम्मानित 28 कॉन्स्टेबल एवं कॉन्स्टेबल चालक हैं- अशोक सिंह, अशोक कुमार रावत, भागीरथ मीणा, भंवर लाल, भूपेंद्र कुमार, गुमान सिंह, हेमराज राजावत, हनुमान चौधरी, जितेंद्र कुमार, कृष्ण कुमार, लालाराम, मुकेश कुमार गुर्जर, मुनेश कुमार, महेंद्र कुमार, महीराम, महेश कुमार, नारायण लाल, नरेंद्र सिंह, ओम प्रकाश, प्रताप सिंह, राजेंद्र कुमार शर्मा, रामचंद्र, सुभाष चंद्र वर्मा, सुरेश कुमार यादव, सोमपाल सिंह, सुरेश चंद गुर्जर, सुरेश कुमार एवं उमेश चंद्र दीक्षित।

मध्य प्रदेश Switch to English

मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना

चर्चा में क्यों?

29 नवंबर, 2021 को सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग द्वारा प्रदेश के युवाओं के लिये स्वयं का उद्योग, सेवा या व्यवसाय स्थापित करने हेतु ‘मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना’शुरू की गई। 

प्रमुख बिंदु 

  • सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम विभाग के सचिव पी. नरहरि ने कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में योजना का प्रस्तुतीकरण किया। 
  • इस नई योजना में विनिर्माण इकाई और उद्यम स्थापित करने वाले युवाओं को 1 लाख से 50 लाख रुपए, जबकि सेवा क्षेत्र के लिये 1 लाख से 25 लाख रुपए तक का लोन दिया जाएगा। 
  • मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना का लाभ केवल नवीन उद्यमों की स्थापना के लिये मिलेगा। योजना के प्रावधान सभी वर्गों के आवेदकों के लिये समान रहेंगे। इस योजना में वित्तीय सहायता के लिये आवेदक की आयु 18 से 40 वर्ष तथा शैक्षणिक योग्यता के रूप में आवेदक का न्यूनतम 12वीं कक्षा उत्तीर्ण होना चाहिये।
  • परिवार की वार्षिक आय 12 लाख रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिये। पात्रता उन्हीं आवेदकों को होगी, जो स्वयं किसी बैंक अथवा किसी वित्तीय संस्था के डिफाल्टर न हों। इसी तरह आवेदक वर्तमान में राज्य अथवा केंद्र सरकार की किसी अन्य स्व-रोज़गार योजना का हितग्राही न हो।
  • इस योजना में वित्तीय सहायता में ब्याज अनुदान योजनांतर्गत सभी वर्ग के हितग्राहियों को बैंक द्वारा वितरित शेष ऋण पर 3 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से ब्याज अनुदान, अधिकतम 7 वर्षों तक मोरेटोरियम अवधि सहित दिया जाएगा।
  • जिस अवधि के दौरान हितग्राही का ऋण खाता एन.पी.ए. बना रहता है, उस अवधि के लिये कोई ब्याज अनुदान स्वीकार्य नहीं होगा। ब्याज अनुदान की राशि प्रतिपूर्ति वार्षिक आधार पर दी जाएगी। 
  • योजना में गारंटी फीस प्रचलित दर से अधिकतम 7 वर्षों तक मोरेटोरियम अवधि सहित दी जाएगी। योजना का क्रियान्वयन सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग द्वारा किया जाएगा। इस योजना का क्रियान्वयन समेकित पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा।

झारखंड Switch to English

तोरपा शत-प्रतिशत कोविड-19 टीकाकरण प्राप्त करने वाला राज्य का पहला ब्लॉक

चर्चा में क्यों?

हाल ही में तोरपा 100 प्रतिशत कोविड-19 टीकाकरण कवरेज हासिल करने वाला झारखंड का पहला ब्लॉक बन गया है।

प्रमुख बिंदु

  • राज्य के खूंटी ज़िले में स्थित आदिवासी बहुल इस प्रखंड ने टीकाकरण अभियान के शुरुआती चरण में ग्रामीणों के विरोध के बावजूद यह उपलब्धि हासिल की है।
  • ज़िला प्रशासन के अधिकारियों की कड़ी मेहनत और गैर-सरकारी संगठनों द्वारा प्रदान की गई सहायता से टीकाकरण के बारे में जागरूकता पैदा करने और ग्रामीणों में टीकाकरण से जुड़ी आशंकाओं को दूर करने में मदद मिली।
  • तोरपा में कुल 95 गाँव हैं और अब तक 55939 लोगों (18 वर्ष से अधिक की आबादी) को पहली खुराक का टीका लगाया जा चुका है। यह टीके के लिये पात्र जनसंख्या का 100% है; साथ ही 70 प्रतिशत लोगों ने दूसरी खुराक भी ले ली है।
  • स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की संयुक्त सचिव गायत्री मिश्रा ने हाल ही में अपने तोरपा दौरे पर तोरपा में शुरू किये गए अभियान के बारे में जानकारी ली।

छत्तीसगढ़ Switch to English

माँ महामाया सहकारी शक्कर कारखाना में गन्ना पेराई सत्र का शुभारंभ

चर्चा में क्यों?

29 नवंबर, 2021 को पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस. सिंहदेव और सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने सूरजपुर ज़िले के विकासखंड प्रतापपुर के ग्राम केरता स्थित माँ महामाया सहकारी शक्कर कारखाना में गन्ना पेराई सत्र 2021-22 का शुभारंभ किया।

प्रमुख बिंदु 

  • ज्ञातव्य है कि इस सत्र में राज्य सरकार ने गन्ना की दर 355 रुपए प्रति क्व़िटल तय की है। 
  • गन्ना पेराई सत्र 2021-22 में ज़िला- सूरजपुर, सरगुजा (अम्बिकापुर) एवं बलरामपुर के 17 विकास खंडों से गन्ना रकबा 9,374.874 हेक्टेयर से तीन लाख मीट्रिक टन गन्ना पेराई करने का अनुमानित लक्ष्य रखा गया है। पंजीकृत 15 हज़ार 310 कृषकों से गन्ना क्रय किया जाएगा।
  • गन्ना पेराई वर्ष 2021-22 के लिये उचित और लाभकारी मूल्य का निर्धारण दर रिकवहरी प्रतिशत 9.5 प्रतिशत पर निर्धारित 275.50 रुपए प्रति क्विंटल है।
  • राज्य शासन द्वारा गन्ना प्रोत्साहन राशि 79.50 रुपए प्रति क्विंटल कुल 355 प्रति क्विंटल भुगतान किया जाएगा, साथ ही रिकवहरी 9.5 प्रतिशत से अधिक होने पर 0.1 प्रतिशत पर 2.90 रुपए प्रति क्विंटल अतिरिक्त गन्ना मूल्य भुगतान किया जाएगा।
  • उल्लेखनीय है कि गन्ना पेराई सत्र 2020-21 में ज़िला सरगुजा, सूरजपुर एवं बलरामपुर के 15 विकाख खंडों से गन्ना रकबा 8689.846 हेक्टेयर से 3 लाख मीट्रिक टन पेराई करने का लक्ष्य रखा गया था, जिसके विरुद्ध में गन्ना उत्पादक 10,600 कृषकों से कुल 2 लाख 2 हज़ार 617 मीट्रिक टन गन्ना की खरीदी की गई। 
  • गन्ने खरीदी पर 270.75 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गन्ना मूल्य राशि 54 करोड़ 86 लाख रुपए का भुगतान कृषकों के बैंक खाता के माध्यम से कर दिया गया है। किसानों को राज्य शासन द्वारा 12 करोड़ 18 लाख 7 हज़ार 422 रुपए का गन्ना बोनस का भुगतान किया जा चुका है।

छत्तीसगढ़ Switch to English

नगरी दुबराज को मिला जीआई टैग

चर्चा में क्यों?

29 नवंबर, 2021 को ग्वालियर में आयोजित जियोग्राफिकल इंडिकेशन कमेटी की बैठक में छत्तीसगढ़ के धमतरी विकास खंड के नगरी के धान की ‘नगरी दुबराज’किस्म को जीआई टैग देने के लिये अनुमोदन किया गया।

प्रमुख बिंदु

  • ‘नगरी दुबराज’छत्तीसगढ़ राज्य की दूसरी फसल है, जिसे जियोग्राफिकल इंडिकेशन रजिस्ट्री टैग, यानी जीआई टैग मिला है। इसके पहले जीरा फूल धान की किस्म के लिये प्रदेश को जीआई टैग मिल चुका है।
  • चेन्नई द्वारा गठित कमेटी में भारत के 10 विशेषज्ञों की एक टीम द्वारा जाँचा और परखा गया तथा नगरी दुबराज की नगरी में उत्पत्ति होने का प्रमाण स्वीकार कर लिया गया है। जल्द ही इसका प्रमाण-पत्र भी मिल जाएगा। 
  • ज्ञातव्य है कि अक्टूबर 2021 में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर ने जीआई टैग के लिये नगरी दुबराज का प्रस्ताव भेजा था। 
  • नगरी दुबराज को छत्तीसगढ़ में बासमती भी कहा जाता है, क्योंकि छत्तीसगढ़ के पारंपरिक भोज कार्यक्रमों सुगंधित चावल के रूप में इस चावल का प्रयोग किया जाता है।
  • नगरी दुबराज की उत्पत्ति सिहावा के श्रृंगी ऋषि आश्रम क्षेत्र से मानी गई है। इसका वर्णन वाल्मीकि रामायण में भी किया गया है। विभिन्न शोध पत्रों में भी दुबराज का स्रोत नगरी सिहावा को ही बताया गया है।
  • नगरी दुबराज से निकलने वाला चावल बहुत ही सुगंधित है। यह पूर्णरूप से देशी किस्म है और इसके दाने छोटे हैं। इसका चावल पकने के बाद खाने में बेहद नरम है। एक एकड़ में अधिकतम छह क्विंटल तक उपज मिलती है। धान की ऊँचाई कम और 125 दिन में पकने की अवधि है।
  • वर्ल्ड इंटलैक्चुअल प्रॉपर्टी आर्गनाइज़ेशन (विपो) के अनुसार  जियोग्राफिकल इंडिकेशन टैग एक प्रकार का लेबल होता है, जिसमें किसी खास फसल, प्राकृतिक या कृत्रिम उत्पाद को विशेष भौगोलिक पहचान दी जाती है। यह बौद्धिक संपदा का अधिकार माना जाता है। 
  • उल्लेखनीय है कि भारतीय संसद ने सन् 1999 में रजिस्ट्रेशन एंड प्रोटेक्शन एक्ट के तहत ‘जियोग्राफिकल इंडिकेशंस ऑफ गुड्स’लागू किया था। इस आधार पर भारत के किसी भी क्षेत्र में पाए जाने वाली विशिष्ट वस्तु का कानूनी अधिकार उस राज्य, व्यक्ति या संगठन इत्यादि को दे दिया जाता है।  

उत्तराखंड Switch to English

स्व. धीरज नैथानी स्मृति राज्यस्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता

चर्चा में क्यों?

26-28 नवंबर, 2021 तक देहरादून में आयोजित स्व. धीरज स्मृति राज्यस्तरीय बैंडमिंटन प्रतियोगिता में पौड़ी जनपद चैंपियन रहा।

प्रमुख बिंदु

  • देहरादून में आयोजित इस प्रतियोगिता में 50 प्लस पुरुष वर्ग व 40 प्लस पुरुष वर्ग में पौड़ी विजयी रहा।
  • इस प्रतियोगिता के अंतर्गत 50 प्लस एकल मुकाबले में पौड़ी जनपद के अर्जुनसिंह बिष्ट देहरादून के सगीर-अहमद को पराजित कर चैंपियन बने तथा 40 प्लस के मुकाबले में पौड़ी जनपद के पंकज रावत व अजीत सिंह गुसाईं की जोड़ी ने देहरादून शिक्षा विभाग के रवि रावत व परवीन जुयाल की जोड़ी को पराजित किया।
  • प्रतियोगिता में बेस्ट खिलाड़ी का पुरस्कार भी पौड़ी जनपद के जगदीश नेगी को प्राप्त हुआ है।

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