उत्तर प्रदेश Switch to English
लखनऊ अपशिष्ट प्रबंधन पहल
चर्चा में क्यों?
उत्तर प्रदेश सरकार ने लखनऊ नगर निगम के लिये 250 इलेक्ट्रिक और CNG वाहनों को लॉन्च करके अपशिष्ट प्रबंधन को सुदृढ़ किया है, जिससे स्वच्छता तथा सतत शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्य बिंदु:
- लॉन्च: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में अपशिष्ट प्रबंधन कार्यों को सुदृढ़ करने के लिये 250 इलेक्ट्रिक और CNG वाहनों को हरी झंडी दिखाई।
- उद्देश्य: इस पहल का लक्ष्य शहर के सभी वार्डों में 100% अपशिष्ट संग्रहण, परिवहन और प्रसंस्करण सुनिश्चित करना तथा एक सतत शहरी पर्यावरण को बढ़ावा देना है।
- यह ‘शून्य अपशिष्ट से शून्य कार्बन उत्सर्जन’ के लक्ष्य को भी प्रोत्साहित करता है।
- पर्यावरण-अनुकूल दृष्टिकोण: नगर निगम प्रदूषण कम करने के लिये डीज़ल वाहनों को धीरे-धीरे हटाकर इलेक्ट्रिक और CNG वाहनों को प्राथमिकता दे रहा है।
- इलेक्ट्रिक वाहनों को समर्थन देने हेतु शहर में 13 स्थानों पर लगभग 520 चार्जिंग पॉइंट स्थापित किये गए हैं।
- वेस्ट-टू-वेल्थ: यह परियोजना अपशिष्ट को उपयोगी संसाधनों में परिवर्तित करने और परिपत्र अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने पर केंद्रित है।
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और पढ़ें: वेस्ट-टू-वेल्थ |

राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स Switch to English
विश्व की सबसे बड़ी और भारत की पहली डिजिटल जनगणना शुरू
चर्चा में क्यों?
भारत सरकार ने जनगणना 2027 के चरण-I — हाउसलिस्टिंग एवं आवास जनगणना (HLO) की शुरुआत कर दी है, जो डिजिटल डेटा संग्रहण और स्व-गणना की शुरुआत के साथ विश्व की सबसे बड़ी जनगणना प्रक्रिया का आरंभ है।
मुख्य बिंदु:
- परिचय: जनगणना 2027 भारत की देशव्यापी जनसंख्या गणना प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य नीतिगत योजना और शासन के लिये जनसांख्यिकीय, सामाजिक एवं आर्थिक आँकड़ों का संग्रह करना है।
- यह देश की 16वीं जनगणना है तथा स्वतंत्रता के बाद आयोजित होने वाली 8वीं जनगणना है।
- डिजिटल जनगणना: जनगणना 2027 भारत की पहली जनगणना होगी, जिसमें डिजिटल डेटा संग्रहण और ऑनलाइन स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध होगी।
- पहली बार गणनाकर्त्ता स्मार्टफोन पर मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से डेटा एकत्रित और प्रस्तुत करेंगे।
- स्व-गणना सुविधा:
- नागरिक एक सुरक्षित वेब पोर्टल (se.census.gov.in) के माध्यम से अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं।
- विवरण जमा करने के बाद सत्यापन हेतु एक सेल्फ-एन्यूमरेशन आईडी (SE ID) उत्पन्न होगी, जिसे गणनाकर्त्ता के दौरे के समय उपयोग किया जाएगा।
- शुरुआत: भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जनगणना 2027 के लिये स्व-गणना प्रक्रिया पूरी करने वाली पहली नागरिक बन गईं।
- पहले ही दिन लगभग 55,000 परिवारों ने इस सुविधा का लाभ उठाया।
- भाषाएँ: स्व-गणना सुविधा 16 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे यह प्रक्रिया देशभर के लोगों के लिये सुलभ बनती है।
- प्रारंभिक क्रियान्वयन क्षेत्र: यह प्रक्रिया प्रारंभ में अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह, गोवा, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मिज़ोरम, ओडिशा, सिक्किम तथा नई दिल्ली नगरपालिका परिषद और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड के क्षेत्रों में शुरू की गई।
- चरण-I – हाउसलिस्टिंग एवं आवास जनगणना:
- यह 1 अप्रैल से 30 सितंबर, 2026 के बीच आयोजित की जा रही है।
- प्रत्येक राज्य/केंद्रशासित प्रदेश इस अवधि में 30 दिनों का निरंतर क्षेत्रीय कार्य करेगा।
- पहली बार घर-घर सर्वेक्षण शुरू होने से ठीक पहले 15 दिनों की अतिरिक्त अवधि स्व-गणना के लिये प्रदान की जाएगी।
- संग्रहित जानकारी: चरण-I के दौरान आवास की स्थिति, घरेलू सुविधाओं और परिसंपत्तियों से संबंधित विवरण 33 अधिसूचित प्रश्नों के माध्यम से एकत्र किये जाएंगे।
- कानूनी ढाँचा: जनगणना के दौरान एकत्रित आँकड़े जनगणना अधिनियम, 1948 के अंतर्गत संरक्षित होते हैं, जो व्यक्तिगत जानकारी की कड़ी गोपनीयता सुनिश्चित करता है।
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और पढ़ें: जनगणना अधिनियम, 1948, जनगणना 2027 शुभंकर |



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