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स्टेट पी.सी.एस.

  • 27 Sep 2021
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उत्तर प्रदेश Switch to English

बदायूँ से पुरातात्त्विक अवशेषों की प्राप्ति

चर्चा में क्यों?

हाल ही में भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण (ASI) को उत्तर प्रदेश के बदायूँ ज़िले के खेड़ा जलालपुर गाँव में एक टीले से गुप्त काल के बाद के पुरातात्विक अवशेषों की प्राप्ति हुई है।

प्रमुख बिंदु

  • गंगा नदी के पूर्वी तट पर स्थित खेड़ा जलालपुर गाँव के टीले से हिंदू मंदिर की मूर्तियों के टुकड़े, प्राचीन ईंट प्राप्त हुए हैं। एएसआई के अनुसार ये अवशेष गुप्तकाल के बाद के (7वीं-8वीं शताब्दी के) हैं, जिनका संबंध आज से करीब 1300-1400 वर्ष पहले के समय से है।
  • प्रसिद्ध पुरातत्त्वविद डॉ. बी.आर. मणि के अनुसार बदायूँ पुरातात्त्विक दृष्टि से अत्यधिक महत्त्वपूर्ण स्थल है। यह प्राचीन पांचाल (द्रौपदी की जन्मस्थली) का हिस्सा था। दिल्ली सल्तनत के मामलूक वंश के शासन के दौरान बदायूँ सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण इक्ता थी। सुल्तान बनने से पूर्व इल्तुतमिश यहीं का इक्तादार था।
  • उल्लेखनीय है कि बदायूँ अब्दुल कादिर बदायूँनी एवं शेख निज़ामुद्दीन औलिया की जन्मस्थली थी। साथ ही, यह दिल्ली-लखनौती व्यापारिक मार्ग का प्रमुख केंद्र था।

उत्तर प्रदेश Switch to English

कैबिनेट विस्तार

चर्चा में क्यों?

26 सितंबर, 2021 को उत्तर प्रदेश में मंत्रिपरिषद का विस्तार करते हुए 1 कैबिनेट मंत्री एवं 6 राज्यमंत्री सहित कुल 7 नए मंत्रियों को राज्यपाल आनंदी बेन पटेल द्वारा पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई।

प्रमुख बिंदु

  • मंत्रिपरिषद में शामिल मंत्रियों में जितिन प्रसाद को कैबिनेट मंत्री तथा छत्रपाल सिंह गंगवार, पल्टू राम, संगीता बलवंत, संजीव कुमार, दिनेश खटीक और धर्मवीर प्रजापति को राज्यमंत्री बनाया गया है। 
  • इस विस्तार से उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद में मंत्रियों की कुल सदस्य संख्या 60 हो गई है, जो उत्तर प्रदेश में मंत्रियों की अधिकतम संभावित संख्या है।
  • उल्लेखनीय है कि 91वें संविधान संशोधन द्वारा किसी भी राज्य में मंत्रियों की अधिकतम संख्या राज्य विधानसभा के कुल सदस्यों का 15% तक हो सकती है। उत्तर प्रदेश विधानसभा में सदस्यों की संख्या 403 है।

उत्तर प्रदेश Switch to English

मेडिकल डिवाइस पार्क

चर्चा में क्यों?

हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा ‘प्रमोशन ऑफ मेडिकल डिवाइस पार्क योजना’ के तहत उत्तर प्रदेश में मेडिकल डिवाइस पार्क की स्थापना को सैद्धांतिक मंज़ूरी प्रदान की गई है।

प्रमुख बिंदु

  • उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार, मेडिकल डिवाइस पार्क को गौतमबुद्ध नगर में स्थापित किया जाएगा।
  • उल्लेखनीय है कि देश में चिकित्सीय उपकरण उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिये केंद्र सरकार के उर्वरक एवं रसायन मंत्रालय द्वारा ‘प्रमोशन ऑफ मेडिकल डिवाइस पार्क योजना’ शुरू की गई है।
  • इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु एवं मध्य प्रदेश में 4 पार्कों के निर्माण को सैद्धांतिक मंज़ूरी प्रदान कर दी गई हैं। 
  • इस योजना के तहत कुल 400 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। 
  • इस योजना की कार्यावधि 2020-21 से 2024-25 तक निर्धारित की गई है।

राजस्थान Switch to English

एमनेस्टी स्कीम 2021

चर्चा में क्यों?

25 सितंबर, 2021 को राज्य में औद्योगिक विकास को गति प्रदान करने हेतु एमनेस्टी स्कीम 2021 लागू की गई है, जो कि 31 मार्च, 2022 तक प्रभावी रहेगी।

प्रमुख बिंदु

  • इसमें पूर्व में संचालित राज्य पूंजी विनियोजन अनुदान योजना, 1990 के अंतर्गत ऐसी औद्योगिक इकाईयाँ, जो योजना के प्रावधानों एवं शर्तों का पालन करने में असफल रही हैं, उन्हें सरकार द्वारा उद्योग विभाग के माध्यम से राहत प्रदान की जाएगी। 
  • इस योजना के अंतर्गत वित्तीय संकट, प्राकृतिक आपदा, टेक्नोलॉजी परिवर्तन एवं अपरिहार्य कारणों से असफल रही इकाईयों को संबल प्रदान करने के लिये अब वसूलनीय मूल अनुदान राशि के पेटे 50 प्रतिशत राशि जमा कराने पर बकाया मूल अनुदान एवं समस्त ब्याज माफ कर दिया जाएगा। 
  • इस योजना की मुख्य विशेषता यह है कि किसी इकाई ने मूल अनुदान में से जो राशि पूर्व में जमा करा दी है, उसे शामिल करते हुए आधा मूल अनुदान जमा कराने पर भी इस स्कीम का लाभ मिलेगा। साथ ही पूर्व में आधा या उससे अधिक मूल अनुदान जमा करा चुकी इकाईयों का पूरा ब्याज माफ किया जाएगा। इससे वित्तीय कारणों से रुग्ण हो चुकी इकाइयों को राहत मिलेगी। 
  • उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त अर्चना सिंह ने कहा कि इस योजना से करीब 565 इकाईयों को लाभ मिलेगा। विगत कई वर्षों से इन इकाईयों के विरुद्ध विभिन्न न्यायालयों में लंबित प्रकरणों से उनको न केवल राहत मिलेगी, बल्कि बंद इकाईयों के पुनर्जीवन का नया रास्ता खुलेगा, जिससे राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को बल मिलेगा।
  • उल्लेखनीय है कि राज्य पूंजी विनियोजन अनुदान योजना में राज्य सरकार ने 13,413 इकाईयों को उनके द्वारा किये गए स्थायी पूंजी निवेश पर करीब 308 करोड़ रुपए का अनुदान दिया था। 
  • इस योजना में यह शर्त थी कि लाभान्वित इकाई न्यूनतम 5 वर्ष तक उत्पादनरत् रहेगी। हालाँकि इसमें से मात्र 4 प्रतिशत इकाईयाँ इस शर्त को पूरा नहीं कर सकीं। इस कारण उनसे नियमानुसार लगभग 25 करोड़ रुपए मूल अनुदान और अब तक करीब 75 करोड़ रुपए ब्याज राशि वसूल की जानी थी, लेकिन यह इकाईयाँ वसूलनीय मूल अनुदान राशि का 50 प्रतिशत जमा कराकर इस स्कीम का लाभ ले सकेंगी।
  • इस स्कीम को अत्यंत सरल, सुगम एवं पारदर्शी बनाया गया है। पात्र इकाईयाँ बकाया मूल अनुदान की राशि जमा कराकर निर्धारित प्रारूप में आवेदन भरकर आवश्यक दस्तावेज़ों के साथ अनुदान वितरण एजेंसियों, यथा- ज़िला उद्योग केंद्र, राजस्थान वित्त निगम एवं रीको को जमा कराना होगा, पात्रता जाँच के बाद सभी एजेंसियाँ अपनी अनुशंसा के साथ आवेदन पत्रों को आयुक्त, उद्योग एवं वाणिज्य को प्रेषित करेंगी। 
  • वितरण एजेंसियों से प्राप्त प्रस्ताव एवं पात्रता की जाँच उपरांत आयुक्त द्वारा संबंधित इकाई से वसूलनीय शेष मूल अनुदान एवं संपूर्ण ब्याज राशि को माफ करने का आदेश जारी किया जाएगा।

मध्य प्रदेश Switch to English

मुख्यमंत्री भू-अधिकार योजना

चर्चा में क्यों?

25 सितंबर, 2021 को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सतना ज़िले के रैगाँव में पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर हर वर्ग के गरीब आवासहीनों को रहने के लिये ज़मीन का पट्टा देने हेतु प्रदेश में ‘मुख्यमंत्री भू-अधिकार योजना’ लागू करने की घोषणा की। 

प्रमुख बिंदु

  • इस योजना के प्रथम चरण में सर्वे करके गरीबों का चिह्नांकन किया जाएगा। इसके बाद इन्हें उपलब्ध शासकीय ज़मीन में आवासीय प्लॉट दिये जाएंगे। सरकारी ज़मीन उपलब्ध न होने पर निजी भूमि खरीद कर भी गरीबों को दी जाएगी। इस योजना में सतना ज़िले को मॉडल बनाया जाएगा।
  • शहरों में जहाँ भूमि उपलब्ध नही होगी, वहाँ मल्टी स्टोरिंग बिल्डिंग बनाकर रहने की व्यवस्था की जाएगी।
  • जो भूमि, भूमि माफियाओं से मुक्त कराई जाएगी, उसे भी इस योजना के तहत शामिल किया जाएगा।
  • मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रैगाँव में इसी सत्र से कॉलेज खोलने, तहसील भवन के निर्माण के लिये एक करोड़ 15 लाख रुपए की स्वीकृति दी। साथ ही ‘सीएम राइज स्कूल’ खोलने और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन एवं ग्रामीण खेल स्टेडियम बनाने की घोषणा की।

मध्य प्रदेश Switch to English

मुस्कान किरार: वर्ल्ड सीनियर आर्चरी

चर्चा में क्यों?

25 सितंबर, 2021 को यांकटन (अमेरिका) में आयोजित सीनियर वर्ल्ड आर्चरी चैंपियनशिप में महिला कंपाउंड टीम इवेंट में मध्य प्रदेश राज्य तीरंदाज़ी अकादमी, जबलपुर की मुस्कान किरार कोलम्बिया के विरुद्ध फाइनल मुकाबले में दमदार प्रदर्शन करते हुए भारत को रजत पदक दिलाने में कामयाब हुईं।

प्रमुख बिंदु

  • कोलम्बिया ने भारत को 229 के मुकाबले 224 अंकों से हराया। 
  • उल्लेखनीय है कि यांकटन (अमेरिका) में 19 से 26 सितंबर, 2021 तक इस चैंपियनशिप का आयोजन किया गया था।
  • भारत की तरफ से इस टीम इवेंट में मुस्कान किरार (जबलपुर, मध्य प्रदेश), प्रिया गुर्जर (राजस्थान) और ज्योति (आंध्र प्रदेश) शामिल थीं। फाइनल मुकाबले में मुस्कान किरार ने 80 में से 78, प्रिया ने 80 में से 74 और ज्योति ने 80 में से 72 अंक अर्जित किये। 
  • गौरतलब है कि मुस्कान किरार मूलत: जबलपुर की निवासी हैं। मुस्कान को वर्ष 2018 में राज्य शासन ने एकलव्य पुरस्कार तथा वर्ष 2019 में विक्रम पुरस्कार से सम्मानित किया था। मुस्कान किरार ने एशियन गेम्स 2018 में रजत पदक अर्जित किया था। 
  • मुस्कान अब तक 14 अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। इन प्रतियोगिताओं में मुस्कान ने एक स्वर्ण, छह रजत और तीन कांस्य पदक सहित भारत को कुल 10 पदक दिलाए हैं।

हरियाणा Switch to English

हरियाणा का पहला मशरूम सर्वेक्षण

चर्चा में क्यों?

26 सितंबर, 2021 को हरियाणा वन विभाग ने बताया कि कवक, वनस्पति और जीवों की समृद्ध विविधता का पता लगाने तथा इसे संरक्षित करने के लिये हरियाणा का पहला मशरूम सर्वेक्षण, 30 सितंबर, 2021 को यमुनानगर ज़िले के कालेसर राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य में आयोजित किया जाएगा।

प्रमुख बिंदु

  • वन विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि सर्वेक्षण प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव), हरियाणा और प्रसिद्ध माइकोलॉजिस्ट डॉ. एन.एस.के. हर्ष के मार्गदर्शन में किया जाएगा, जिसमें कालेसर राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य की कवक एवं मशरूम विविधता का आकलन किया जाएगा।
  • इस सर्वेक्षण के परिणाम कालेसर राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य के कवक, वनस्पतियों एवं जीवों के संरक्षण के लिये एक प्रभावी प्रबंधन रणनीति तैयार करने में मदद करेंगे तथा क्षेत्र की पारिस्थितिकी पर आवास की गड़बड़ी और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव के अवलोकन का आधार भी बनेंगे।
  • इस सर्वेक्षण का फोकस मशरूम पर होगा। हालाँकि तितलियों, मकड़ियों, उभयचर, मछली, सरीसृप, पक्षियों और स्तनधारी विविधता तथा उनके संरक्षण से संबंधित विभिन्न पहलुओं के लिये भी सर्वेक्षण किया जाएगा।
  • प्रवक्ता ने कहा कि पेड़, झाड़ियाँ और जड़ी-बूटियाँ बिना फफूंद के भूमि पर नहीं रह सकतीं। वे कई कीड़ों और अन्य जीवों की खाद्य श्रृंखला का एक अभिन्न अंग हैं। कवक और मशरूम एक स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र का एक अविभाज्य अंग हैं। कई कवक प्रजातियाँ (मशरूम) खाने योग्य हैं और इसके अलावा मशरूम विटामिन डी का एकमात्र शाकाहारी स्रोत है।
  • इस एकदिवसीय सर्वेक्षण में वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून से पंद्रह वैज्ञानिक (कवक, कीड़े, मिट्टी, जलवायु परिवर्तन, वनस्पति विज्ञान, पादप शरीर क्रिया विज्ञान आदि क्षेत्रों में विशेषज्ञ), भारत के वन्यजीव संस्थान, देहरादून के दस वैज्ञानिक (भृंग, तितलियों, मधुमक्खियों, परागणकों, जुगनू, भौंरा, मधुमक्खियों, स्तनधारियों, पक्षियों और सरीसृप जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञ), यमुनानगर के विभिन्न कॉलेजों के प्रोफेसर और जीव विज्ञान के छात्र, गैर-सरकारी संगठन, पक्षी प्रेमी और हरियाणा वन विभाग के अधिकारी भाग लेंगे। 
  • उल्लेखनीय है कि कालेसर राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य एक अच्छी तरह से संरक्षित एवं प्रबंधित क्षेत्र है तथा विभिन्न जीवन रूपों की समृद्ध विविधता को आश्रय देता है।

हरियाणा Switch to English

पल्स पोलियो 2021-22 के दूसरे उप-राष्ट्रीय टीकाकरण (एसएनआईडी) दौर का उद्घाटन

चर्चा में क्यों?

26 सितंबर, 2021 को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने करनाल ज़िले में पल्स पोलियो 2021-22 के दूसरे उप-राष्ट्रीय टीकाकरण (एसएनआईडी) दौर का उद्घाटन किया।

प्रमुख बिंदु

  • इस टीकाकरण में 25.7 लाख बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से 5 वर्ष से कम उम्र के लगभग 13.21 लाख (51%) बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जा चुकी है।
  • स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि अधिकांश ज़िलों में बूथों का उद्घाटन विधायक/उपायुक्त/नगर पार्षद/सिविल सर्जन और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों सहित गणमान्य व्यक्तियों द्वारा किया गया है।
  • उन्होंने बताया कि राज्य के 13 चिह्नित ज़िलों- अंबाला, फरीदाबाद, गुरूग्राम, झज्जर, करनाल, कुरुक्षेत्र, मेवात, पलवल, पंचकूला, पानीपत, रोहतक, सोनीपत और यमुनानगर में पोलियो मुक्त स्थिति बनाए रखने के लिये टीकाकरण शुरू किया  गया है।
  • पहले दिन बूथ गतिविधि के दौरान छूटे हुए बच्चों को 27 सितंबर और 28 सितंबर को उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों, जैसे- झुग्गी-झोपड़ियों, ईंट-भट्ठों, पलायन करने वाली आबादी और निर्माण स्थलों में घर-घर जाकर पोलियो वैक्सीन की खुराक पिलाई जाएगी।

हरियाणा Switch to English

‘समर्पण’ पोर्टल

चर्चा में क्यों?

25 सितंबर, 2021 को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर ‘समर्पण’ पोर्टल लॉन्च किया, जिसका उद्देश्य ऐसे स्वयंसेवकों को प्रोत्साहित करना है, जो समाज की सेवा करने के इच्छुक हैं और सामाजिक कार्यों के प्रति अपना समय एवं प्रयास समर्पित करके हरियाणा में सामाजिक उत्थान का एक अनिवार्य हिस्सा बन सकते हैं।

प्रमुख बिंदु

  • पोर्टल लॉन्च करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पोर्टल के माध्यम से स्वेच्छा से काम करने वाले लोगों को जोड़ा जाएगा, जिसके बाद शिक्षा, कौशल विकास, खेल, कृषि आदि के क्षेत्र में युवाओं, सेवानिवृत्त कर्मचारियों सहित स्वयंसेवकों की सेवाएँ ली जाएंगी।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘समर्पण’ समाज के लिये कुछ अच्छा करने की इच्छा रखने वाले स्वयंसेवकों को एक मंच प्रदान करेगा, उदाहरण के लिये- यदि कोई बच्चों की मदद करना चाहता है तो इस पोर्टल पर पंजीकरण करके उन्हें शिक्षित कर सकता है या उन्हें खेल या कौशल प्रशिक्षण दे सकता है। इसी तरह अगर कोई महिलाओं के कल्याण के लिये काम करना चाहता है तो वह उन्हें पोषण, सशक्तीकरण या सुरक्षा के बारे में जागरूक कर सकता है।
  • ‘समर्पण’ पहल के माध्यम से प्रदान की जाने वाली स्वैच्छिक सेवाएँ सरकार के विभिन्न कार्यक्रमों और पहल, जैसे- शिक्षा, महिला और बाल विकास, किसान कल्याण, कौशल विकास से जुड़ी हुई हैं।
  • उन्होंने कहा कि स्वैच्छिक सेवाओं की अनूठी विशेषता यह है कि वे व्यक्तिगत-आधारित हैं और समर्पण की इस महान भावना के माध्यम से कोई भी सरकार एवं स्थानीय समुदाय को सुशासन के लक्ष्य को पूरा करने में मदद कर सकता है।

हरियाणा Switch to English

विदेश सहयोग विभाग (FCD ) की आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च

चर्चा में क्यों?

25 सितंबर, 2021 को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने विदेश सहयोग विभाग (FCD) की आधिकारिक वेबसाइट http:\\www.fcd.haryana.gov.in लॉन्च की।

प्रमुख बिंदु

  • यह वेबसाइट हरियाणा के अनिवासी लोगों को हरियाणा में अपनी जड़ों को फिर से जोड़ने, फिर से खोजने और पुनर्जीवित करने का एक अविश्वसनीय अवसर प्रदान करती है। एफसीडी की वेबसाइट हरियाणा, हरियाणवी संस्कृति, हरियाणा में निवेश करने के कारण, राज्य के निर्यात प्रदर्शन आदि के बारे में व्यापक जानकारी प्रदान करती है।
  • वेबसाइट की नई विशेषताओं में हरियाणा के संभावित निर्यातकों के लिये डायस्पोरा पंजीकरण फॉर्म, निर्यात पंजीकरण फॉर्म, व्यापार सूचना फॉर्म और निर्यात गाइड शामिल हैं।
  • विदेश सहयोग विभाग भारत में किसी भी राज्य द्वारा स्थापित अपनी तरह का पहला विभाग है। एफसीडी ‘गो ग्लोबल अप्रोच’ के माध्यम से हरियाणा को बदलने के राज्य सरकार के दृष्टिकोण का प्रचार करता है।
  • एफसीडी हरियाणा सरकार का एक समर्पित विभाग है, जो राज्य की कूटनीति, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर द्विपक्षीय और बहुपक्षीय संबंध बनाने तथा हरियाणवी प्रवासी की सहायता के लिये ज़िम्मेदार है।
  • एफसीडी का उद्देश्य विदेशी निवेश के लिये हरियाणा को सबसे पसंदीदा गंतव्य के रूप में बढ़ावा देना, हरियाणा से निर्यात को बढ़ावा देना, व्यापार को बढ़ावा देने के लिये देश-वार रणनीति तैयार करना, इनबाउंड और आउटबाउंड निवेश, हरियाणवी संस्कृति को आगे बढ़ाना है।
  • यह विभाग आपसी सहयोग को बढ़ावा देने के लिये देश-वार संचार रणनीति तैयार करने और निवेश, रोज़गार, शिक्षा, कौशल विकास, संस्कृति तथा एनआरआई/पीआईओ मामलों से संबंधित मामलों पर विदेशों में भारतीय मिशनों और भारत में विदेशी मिशनों के साथ संपर्क करने के लिये राज्य की नोडल एजेंसी भी है।

झारखंड Switch to English

झारखंड के 9 दिव्यांगों को हुनरबाज़ पुरस्कार

चर्चा में क्यों?

25 सितंबर, 2021 को आज़ादी के अमृत महोत्सव पर आयोजित ऑनलाइन कार्यक्रम में भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा झारखंड के 9 दिव्यांग युवाओं को ‘हुनरबाज़ पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।

प्रमुख बिंदु

  • गौरतलब है कि दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना एवं स्व-रोज़गार प्रशिक्षण संस्थान का ‘हुनरबाज़ पुरस्कार’ ग्रामीण विकास मंत्रालय के तत्त्वावधान में राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान, हैदराबाद द्वारा संस्थापित किया गया है।
  • अंत्योदय दिवस (25 सितंबर) के अवसर पर 15 राज्यों के 75 दिव्यांगों को यह पुरस्कार प्रदान किया गया, जिसमें झारखंड से कुलवंती बाड़ा (गढ़वा), शबनम खातून एवं सुनीता ताटुडू (हज़ारीबाग), सावित्री (दुमका), आशा टूटी (खूँटी), अबोध महाथा और तेजीय कुमारी (बोकारो), पिंकी (धनबाद), नेहा रेखा कुमारी (राँची) शामिल हैं।

छत्तीसगढ़ Switch to English

कृषि महाविद्यालय के वैज्ञानिकों ने विकसित की हल्दी व धनिया की नई प्रजाति

चर्चा में क्यों?

26 सितंबर, 2021 को कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र रायगढ़ में आयोजित अखिल भारतीय मसाला अनुसंधान परियोजना की वार्षिक बैठक में रायगढ़ के वैज्ञानिकों के शोध से विकसित धनिया एवं हल्दी के नई प्रजातियों की राष्ट्रीय स्तर पर विमोचन हेतु पहचान की गई।

प्रमुख बिंदु

  • इन प्रजातियों को केंद्रीय विमोचन समिति के समक्ष प्रस्तुत करने के उपरांत दोनों प्रजातियों को बीज उत्पादन श्रृंखला में लाया जाएगा।
  • धनिया की एक प्रविष्ठी को छत्तीसगढ़ राज्य धनिया-3 के नाम से शामिल किया जाएगा तथा देश के 10 प्रदेशों के लिये विमोचित किया जाएगा। वहीं दूसरी तरफ हल्दी की प्रविष्ठी को छत्तीसगढ़ राज्य हल्दी-3 के नाम से शामिल किया जाएगा और देश के 7 प्रदेशों के लिये विमोचित किया जाएगा। विमोचन के बाद इन प्रजातियों के बीज का विभिन्न वर्गों में उत्पादन भी किया जा सकेगा। 
  • इन प्रजातियों के प्रमुख प्रजनक वैज्ञानिक डॉ. श्रीकांत सांवरगावकर ने बताया कि धनिया एवं हल्दी की ये दोनों प्रजातियाँ किसानों के लिये बहुत महत्त्वपूर्ण एवं लाभदायक हैं, जो कि किसानों के बाज़ार के अनुरूप हैं। इनके उत्पादन से किसान ज़्यादा-से-ज़्यादा लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इन प्रजातियों का उत्पादन ज़्यादा एवं गुणवत्ता अच्छी है। इनकी फसल अवधि प्रचलित प्रजातियों से थोड़ा कम है।
  • परियोजना के प्रमुख अन्वेषक एवं कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. ए.के. सिंह ने बताया कि इन दोनों प्रजातियों से छत्तीसगढ़ के ही नहीं, अपितु अन्य राज्यों के किसानों को भी इनका लाभ मिलेगा। इन प्रजातियों में रोगों एवं कीटों के प्रति प्रतिरोधकता अधिक है। इन प्रजातियों की उत्पादन लागत कम होने एवं उत्पादन अधिक होने से कृषकों को अधिक लाभ मिलेगा।

छत्तीसगढ़ Switch to English

ग्रामीण स्वरोज़गार प्रशिक्षण केंद्र

चर्चा में क्यों?

25 सितंबर, 2021 को छत्तीसगढ़ के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने प्रदेश में संचालित ग्रामीण स्वरोज़गार प्रशिक्षण केंद्रों (RSETI) की वार्षिक गतिविधि रिपोर्ट, 2020-21 का विमोचन किया।

प्रमुख बिंदु

  • भारत सरकार के कौशल विकास मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप स्वतंत्र एजेंसी नेशनल एकेडमी ऑफ रूडसेटी, बंगलुरू द्वारा यह रिपोर्ट तैयार की गई है।
  • सिंहदेव ने रिपोर्ट का विमोचन करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत प्रदेश के 18 ज़िलों में संचालित ग्रामीण स्वरोज़गार प्रशिक्षण केंद्रों में युवाओं को अनेक रोज़गारमूलक गतिविधियों का नि:शुल्क आवासीय प्रशिक्षण देकर स्वावलंबी बनाया जा रहा है।
  • वित्तीय वर्ष 2020-21 में प्रदेश भर में 302 प्रशिक्षण सत्रों का आयोजन कर 7003 युवाओं को उनकी रुचि के अनुसार बैंक मित्र, सामान्य उद्यमिता विकास, मशरूम उत्पादन, पापड़ निर्माण, आचार निर्माण, मसाला निर्माण, अगरबत्ती निर्माण, मोमबत्ती निर्माण, वर्मी कंपोस्ट निर्माण, सिलाई तथा डेयरी फॉर्म़िग इत्यादि का स्वरोज़गार आधारित प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। 
  • इन केंद्रों में प्रशिक्षित लोगों में 95 प्रतिशत महिलाएँ हैं। सामाजिक समावेश के आधार पर अनुसूचित जनजाति के 36 प्रतिशत, अनुसूचित जाति के 15 प्रतिशत, अन्य पिछड़ा वर्ग के 46 प्रतिशत और सामान्य वर्ग के चार प्रतिशत हितग्राहियों को इन केंद्रों के माध्यम से प्रशिक्षित किया गया है।
  • सिंहदेव ने रिपोर्ट के विमोचन के दौरान मौजूद असेसमेंट एवं सर्टिफिकेशन शाखा के सहायक नियंत्रक अरुण कुमार सोनी को प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए ज़रूरतमंद ग्रामीण युवाओं के लिये उनकी रुचि की विधाओं में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिये।

छत्तीसगढ़ Switch to English

प्रदेश में एक साथ 7 खेल अकादमियों की ऐतिहासिक शुरुआत

चर्चा में क्यों?

25 सितंबर, 2021 को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य के खिलाड़ियों के लिये एक साथ 7 खेल अकादमियों की ऐतिहासिक शुरुआत की। इनमें से बिलासपुर में 4 तथा रायपुर में 3 खेल अकादमी विधिवत प्रारंभ हुईं।

प्रमुख बिंदु

  • मुख्यमंत्री ने अपने निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से बिलासपुर और रायपुर में लगभग 42 करोड़ 14 लाख रुपए की लागत वाली नई खेल सुविधाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें मुख्य रूप से फुटबाल, कबड्डी, तीरंदाज़ी और एथलेटिक्स की अकादमी, दो खेल छात्रावास, एक तीरंदाज़ी प्रशिक्षण उपकेंद्र और एथलेटिक्स के लिये सिंथेटिक ट्रैक एंड फील्ड शामिल हैं। 
  • मुख्यमंत्री ने बिलासपुर में हॉकी, तीरंदाज़ी, एथलेटिक्स और कबड्डी अकादमी तथा रायपुर में तीरंदाज़ी, बालिका फुटबाल एवं बालक-बालिका एथलेटिक्स अकादमी का शुभारंभ किया।
  • बिलासपुर में हॉकी, तीरंदाज़ी, एथलेटिक्स की बोर्डिंग एवं कबड्डी (बालिका) अकादमी तथा रायपुर में तीरंदाज़ी की बोर्डिंग, फुटबाल (बालिका) एवं एथलेटिक्स (बालक-बालिका) की डे- बोर्डिंग अकादमी में कुल 370 सीटें हैं, जिसमें 180 बोर्ड़िग सीट एवं 190 डे- बोर्डिंग सीट शामिल हैं। 
  • इसी के साथ मुख्यमंत्री ने बिलासपुर के स्वर्गीय बी.आर. यादव राज्य खेल परिसर में 9.20 करोड़ रुपए की लागत से बने 400 मीटर सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक एंड फील्ड, 2.82 करोड़ की लागत से बालकों के लिये निर्मित 50 सीटर खेल छात्रावास, 4.75 करोड़ रुपए की लागत से बालिकाओं के लिये निर्मित 100 सीटर खेल छात्रावास तथा 4.47 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित प्रशासनिक भवन का लोकार्पण किया। 
  • उन्होंने बिलासपुर में 4 करोड़ 94 लाख रुपए की लागत से बनने वाले कबड्डी इंडोर हॉल, 15 करोड़ 96 लाख रुपए की लागत से एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम की गैलरी एवं पैवेलियन के निर्माण सहित वहाँ फ्लड लाईट लगाए जाने के कार्य की आधारशिला रखी। 
  • मुख्यमंत्री ने रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम परिसर में स्वर्गीय कोदूराम वर्मा स्मृति तींरदाज़ी प्रशिक्षण अकादमी, स्वामी विवेकानंद स्टेडियम परिसर कोटा में बालिकाओं के लिये फुटबाल अकादमी तथा बालक-बालिकाओं के लिये एथलेटिक्स अकादमी का भी शुभारंभ किया।

छत्तीसगढ़ Switch to English

‘साल इंटरनेशनल ट्राईबल फेस्टिवल’

चर्चा में क्यों?

25 सितंबर, 2021 को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में इस साल आयोजित होने वाले इंटरनेशनल ट्राईबल फेस्टिवल का नामकरण छत्तीसगढ़ के राजकीय वृक्ष एवं आदिवासी संस्कृति में देवतुल्य साल वृक्ष के नाम पर ‘साल इंटरनेशनल ट्राईबल फेस्टिवल’ रखने का निर्णय लिया गया।

प्रमुख बिंदु

  • बैठक में ट्राइबल फेस्टिवल के साथ ही राज्योत्सव की रूपरेखा तय की गई। राज्य शासन द्वारा ‘साल इंटरनेशनल ट्राईबल फेस्टिवल एवं राज्योत्सव’ का संयुक्त रूप से पाँच दिवसीय आयोजन 28 अक्तूबर से लेकर एक नवंबर तक रायपुर के साईंस कॉलेज मैदान में किया जाएगा। 
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि साल छत्तीसगढ़ का राजकीय वृक्ष है। आदिवासी संस्कृति में साल वृक्ष को देवतुल्य मानकर पूजा जाता है। आदिवासी अंचल में धूमधाम से मनाए जाने वाले सरहुल त्योहार में साल वृक्ष की पूजा की जाती है। इसलिये ट्राईबल फेस्टिवल का नामकरण ‘साल इंटरनेशनल ट्राईबल फेस्टिवल’ किया गया है। 
  • बैठक में निर्णय लिया गया कि 28 अक्तूबर से 30 अक्तूबर तक साल इंटरनेशनल ट्राईबल फेस्टिवल का आयोजन, 31 अक्तूबर को लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी के शहादत दिवस पर उनके कर्त्तव्य तथा आदिवासी जनजीवन पर परिचर्चा एवं गोष्ठी का आयोजन होगा, जिसमें प्रसिद्ध वक्ता एवं विचारक शामिल होंगे। 
  • एक नवंबर को राज्य अलंकरण समारोह में छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति, विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले ख्यातिप्राप्त लोगों एवं संस्थाओं को राज्य अलंकरण से सम्मानित किया जाएगा। 
  • साल इंटरनेशनल ट्राईबल फेस्टिवल एवं राज्योत्सव के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में ख्यातिप्राप्त लोगों से इंटरेक्शन, प्रदर्शनी, आदिवासी कला-संस्कृति का जीवंत प्रदर्शन, ट्राईबल क्राफ्ट मेला, कौशल उन्नयन सहित कई कार्यक्रमों का आयोजन होगा। देश-विदेश के कलाकार इस दौरान अपने कार्यक्रम की प्रस्तुति देंगे।

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कोविड-19 प्रभावित परिवहन व्यवसायियों के लिये आर्थिक सहायता योजना

चर्चा में क्यों?

26 सितंबर, 2021 को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कोविड-19 से प्रभावित परिवहन व्यवसायियों (चालक/परिचालक/क्लीनर) को सरकार द्वारा दी जाने वाली आर्थिक सहायता योजना का विधिवत् शुभारंभ किया।

प्रमुख बिंदु

  • इस योजना के अंतर्गत संपूर्ण प्रदेश के 103235 चालक/परिचालक/क्लीनर को 2000 रुपए प्रतिमाह की राशि 6 माह तक प्रदान की जाएगी।
  • इस योजना के प्रथम चरण में 36,100 परिवहन व्यवसायियों को डीबीटी के माध्यम से 2000 रुपए प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जाएगी, जिसमें 34,635 चालक, 930 परिचालक तथा 535 क्लीनर शामिल हैं।
  • इस योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु परिवहन विभाग द्वारा एक पोर्टल का निर्माण किया गया है, जिसके द्वारा परिवहन व्यवसायी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

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मुख्यमंत्री नारी सशक्तीकरण योजना की घोषणा

चर्चा में क्यों?

26 सितंबर, 2021 को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिये ‘मुख्यमंत्री नारी सशक्तीकरण योजना’ प्रारंभ करने की घोषणा की।

प्रमुख बिंदु

  • इस योजना के अंतर्गत उत्तराखंड की महिलाओं को स्वरोज़गार के लिये ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इससे महिलाएँ आर्थिक स्वावलंबी बनेंगी।
  • इस योजना के तहत महिलाओं को दिये गए ऋण में 30 प्रतिशत अथवा 1 लाख रुपए तक की सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
  • इस योजना का लाभ अविवाहित, तलाकशुदा, विकलांग आदि महिलाएँ प्राप्त कर सकेंगी।
  • इस योजना के क्रियान्वयन हेतु शहरी क्षेत्रों में महाप्रबंधक, ज़िला उद्योग केंद्र तथा ग्रामीण क्षेत्रों में खंड विकास अधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी।

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