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टाटा ग्रुप बना भारत का सबसे वैल्यूएबल ब्रांड; एप्पल पूरे विश्व में अग्रणी
चर्चा में क्यों?
ब्रांड फाइनेंस ग्लोबल 500 2025 रिपोर्ट के अनुसार, टाटा ग्रुप भारत का सबसे मूल्यवान ब्रांड बनकर उभरा है, जबकि एप्पल विश्व का सबसे मूल्यवान ब्रांड घोषित हुआ है।
मुख्य बिंदु:
- ऐतिहासिक उपलब्धि: टाटा समूह $30 बिलियन की सीमा पार करने वाला पहला भारतीय ब्रांड बन गया है।
- ब्रांड मूल्य: समूह का मूल्य वर्ष-दर-वर्ष 10% बढ़कर $31.6 बिलियन तक पहुँच गया है।
- वैश्विक स्थान: यह ग्लोबल टॉप 100 में शामिल एकमात्र भारतीय ब्रांड बना हुआ है और 60वाँ स्थान रखता है।
- सततता नेतृत्व: समूह भारत में सस्टेनेबिलिटी परसेप्शंस वैल्यू (SPV) में भी अग्रणी है, जिसका मूल्य $4.3 बिलियन आँका गया है।
- अन्य प्रमुख भारतीय ब्रांड:
- इन्फोसिस: भारत में दूसरा स्थान (मूल्य: $16.3 बिलियन) और वैश्विक स्तर पर 132वाँ स्थान।
- HDFC ग्रुप: भारत में तीसरा स्थान (मूल्य: $14.2 बिलियन)।
- LIC: भारत का सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला ब्रांड, जिसका मूल्य 36% बढ़कर $13.3 बिलियन हो गया है।
- ताज होटल्स: लगातार चौथे वर्ष AAA+ रेटिंग के साथ भारत का सबसे मज़बूत ब्रांड बना रहा।
- इन्फोसिस: भारत में दूसरा स्थान (मूल्य: $16.3 बिलियन) और वैश्विक स्तर पर 132वाँ स्थान।
- विश्व का नंबर एक: एप्पल ने वर्ष 2025 के लिये $574.5 बिलियन के मूल्यांकन के साथ विश्व के सबसे मूल्यवान ब्रांड के रूप में अपना स्थान बरकरार रखा।
- शीर्ष वैश्विक ब्रांडों की सूची में माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, अमेज़न और NVIDIA जैसे प्रौद्योगिकी दिग्गजों ने भी अपनी अग्रणी स्थिति बनाए रखी।
- महत्त्व: ब्रांड फाइनेंस की रैंकिंग वैश्विक और घरेलू स्तर पर कंपनियों की प्रतिस्पर्द्धात्मक क्षमता, उपभोक्ता धारणा तथा व्यावसायिक संस्थाओं की आर्थिक मज़बूती के बारे में महत्त्वपूर्ण जानकारी प्रदान करती है।

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NHAI और कोंकण रेलवे ने इंटीग्रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिये MoU पर हस्ताक्षर किये
चर्चा में क्यों?
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड (KRCL) ने जनवरी 2026 में पूरे देश में सड़क तथा रेल अवसंरचना के एकीकृत नियोजन एवं विकास को मज़बूत करने के लिये एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किये हैं।
मुख्य बिंदु:
- आयोजक मंत्रालय:
- NHAI – सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अधीन
- KRCL – रेल मंत्रालय के अधीन
- कार्यान्वयन: एक संयुक्त कार्य समूह (JWG) परियोजनाओं की निगरानी करेगा, व्यवहार्यता अध्ययन करेगा और कार्यान्वयन में मार्गदर्शन देगा।
- समझौता ज्ञापन 5 वर्षों के लिये मान्य रहेगा।
- उद्देश्य: जहाँ राजमार्ग और रेलवे आपस में मिलते हैं, वहाँ अवसंरचना विकास के लिये संयुक्त नियोजन, समन्वय एवं संसाधन अनुकूलन को सुविधाजनक बनाना।
- सहयोग के क्षेत्र:
- सड़कों और रेलवे का एकीकृत विकास, जिसमें सुरंगें, पुल तथा लॉजिस्टिक्स हब शामिल हैं।
- तकनीकी सहयोग: परियोजना प्रबंधन, इंजीनियरिंग डिज़ाइन, निर्माण विधियाँ और पर्यावरण प्रबंधन।
- सुरक्षा और प्रशिक्षण: KRCL सुविधाओं पर NHAI कर्मचारियों के लिये ऑडिट एवं कौशल विकास।
- रणनीतिक लाभ:
- कठिन भूभागों में KRCL के अनुभव और NHAI के राजमार्ग विशेषज्ञता का लाभ उठाना।
- माल और यात्री परिवहन के लिये शुरुआती तथा अंतिम चरण की कनेक्टिविटी को सुदृढ़ बनाना।
- महत्त्व: एकीकृत अवसंरचना नियोजन को दर्शाता है, आर्थिक विकास का समर्थन करता है और बहु-मोडल कनेक्टिविटी को मज़बूत करता है।
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और पढ़ें: NHAI, मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी |

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