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राजस्थान स्टेट पी.सी.एस.

  • 16 Sep 2021
  • 0 min read
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मारवाड़ क्षेत्रीय जनजाति विकास बोर्ड

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चर्चा में क्यों?

15 सितंबर, 2021 को जनजाति क्षेत्रीय विकास राज्यमंत्री अर्जुन बामनिया ने विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान बताया कि मारवाड़ क्षेत्रीय जनजाति विकास बोर्ड में जन-प्रतिनिधियों को भी परामर्शदाता के रूप में जोड़ा जाएगा।

प्रमुख बिंदु

  • उन्होंने बताया कि बोर्ड के माध्यम से जालौर, पाली तथा अन्य ज़िलों में शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से छात्रावास भी स्वीकृत किये गए हैं।
  • उल्लेखनीय है कि मारवाड़ क्षेत्रीय जनजाति विकास बोर्ड का गठन 2 फरवरी, 2021 को किया गया था।
  • मारवाड़ क्षेत्रीय विकास बोर्ड का उद्देश्य जोधपुर संभाग के माडा, माडा कलस्टर एवं बिखरी जनजाति क्षेत्र के अनुसूचित जनजाति समुदाय का विकास करना है।
  • यह बोर्ड जोधपुर संभाग में अनुसूचित जनजाति समुदाय के उत्थान एवं विकास के विषय में राज्य सरकार की स्थाई परामर्शदात्री संस्था के रूप में कार्य करेगा बोर्ड को इस संदर्भ में विशेष योजनाओं का निर्माण कर उन्हें जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग या अन्य विभागों के माध्यम से क्रियान्वित करने हेतु राज्य सरकार को संस्तुति प्रदान करने का अधिकार है।

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वात्सल्य योजना

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चर्चा में क्यों?

15 सितंबर, 2021 से जयपुर में देखभाल एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों को पारिवारिक वातावरण में पालन-पोषण एवं देखरेख सुनिश्चित करने हेतु ज़िला बाल संरक्षण इकाई, जयपुर द्वारा राजस्थान सरकार वात्सल्य योजना का क्रियान्वयन शुरू किया गया।

प्रमुख बिंदु

  • ज़िला बाल संरक्षक इकाई के सहायक निदेशक रोहित जैन ने बताया कि ज़िले में इस योजना के तहत किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 के तहत बच्चों का पारिवारिक वातावरण में पालन-पोषण एवं देखरेख करने के इच्छुक भावी पोषक माता-पिता को चिह्नित करने के लिये आवेदन-पत्र आमंत्रित किये गए हैं।
  • कोई भी इच्छुक भावी पोषक माता-पिता द्वारा कार्यालय सहायक निदेशक, ज़िला बाल संरक्षण इकाई, जयपुर को आवेदन प्रस्तुत कर सकता है। पोषक माता-पिता के माध्यम से किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 2(14) में परिभाषित देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों को अस्थाई पारिवारिक देखरेख (दत्तक ग्रहण से अलग) उपलब्ध कराई जाएगी।
  • वात्सल्य योजना के तहत पोषक माता-पिता हेतु योग्यता निम्नानुसार है-
    • एक व्यक्ति (महिला या पुरुष) की स्थिति में न्यूनतम आयु 25 वर्ष तथा अधिकतम आयु 65 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिये, भावी पोषक माता-पिता का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिये, एकल पुरुष किसी बालिका को पालन-पोषण देखरेख में लेने के पात्र नहीं होंगे।
    • भावी पोषक माता-पिता निर्धारित आवदेन-पत्र के साथ आयु संबंधित प्रमाण-पत्र, निवास प्रमाण-पत्र, आय प्रमाण-पत्र, आयकर रिटर्न का प्रतिचिकित्सीय प्रमाण-पत्र, पुलिस सत्यापन रिपोर्ट एवं दो प्रतिष्ठित व्यक्तियों की गवाही प्रस्तुत करेंगे।
    • उल्लेखनीय है कि वात्सल्य योजना को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वर्ष 2020-21 के बजट भाषण के दौरान लॉन्च किया था।

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