मध्य प्रदेश Switch to English
मध्य प्रदेश और असम के बीच वन्यजीव आदान-प्रदान पर सहमति
चर्चा में क्यों?
मध्य प्रदेश और असम ने एक अंतर-राज्यीय वन्यजीव विनिमय समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं, जिसका उद्देश्य स्थानीय रूप से विलुप्त प्रजातियों को पुनः स्थापित करके और दोनों राज्यों में जैव विविधता को बढ़ाकर संरक्षण को मज़बूत करना है।
मुख्य बिंदु:
- अंतर-राज्यीय वन्यजीव विनिमय समझौता अंतिम रूप से तैयार: MP के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुवाहाटी में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से मुलाकात की और संरक्षण उद्देश्यों के लिये वन्यजीवों के आदान-प्रदान संबंधी समझौते को अंतिम रूप दिया।
- असम से MP को मिलने वाले वन्यजीव: असम अगले तीन वर्षों में चरणबद्ध तरीके से 50 जंगली भैंसों का स्थानांतरण करेगा।
- इसके अलावा मध्य प्रदेश को एक सींग वाला गैंडा का एक जोड़ा और तीन किंग कोबरा हस्तांतरित किए जाएंगे।
- MP में पुनर्स्थापन स्थल: गैंडे और किंग कोबरा भोपाल के वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में रखे जाएंगे।
- जंगली भैंसा (Bubalus arnee), जो MP में पिछले एक शताब्दी से विलुप्त है, को कान्हा टाइगर रिज़र्व में उनके ऐतिहासिक आवास में पुनः स्थापित किया जाएगा।
- MP से असम को भेजे जाने वाले वन्यजीव: असम को बाघों का एक जोड़ा और छह मगरमच्छ (Mugger Crocodiles) प्रदान करेगा, जिससे असम की जैवविविधता मज़बूत होगी।
- व्यापक संरक्षण प्रयासों के अनुरूप: यह पहल MP की प्रजाति पुनर्स्थापन रणनीति को आगे बढ़ाती है, जिसमें पहले कुनो राष्ट्रीय उद्यान में चीता पुनर्स्थापन कार्यक्रम शामिल है।
प्रजातियों की स्थिति
- जंगली भैंसा (Bubalus arnee):
- IUCN रेड लिस्ट: संकटग्रस्त (Endangered)
- CITES: कुछ देशों में परिशिष्ट-III में सूचीबद्ध
- WPA स्थिति (भारत): वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची-I के अंतर्गत संरक्षित (सर्वोच्च संरक्षण)
- मगरमच्छ/घड़ियाल (Crocodylus palustris):
- IUCN रेड लिस्ट: संवेदनशील (Vulnerable) — आवास हानि के कारण संरक्षित एवं घटती आबादी
- WPA स्थिति (भारत): अनुसूची-I के अंतर्गत संरक्षित
- बंगाल टाइगर (Panthera tigris tigris):
- IUCN रेड लिस्ट: संकटग्रस्त (Endangered)
- एक-सींग वाला गैंडा (Rhinoceros unicornis):
- IUCN रेड लिस्ट: संवेदनशील (Vulnerable)
- किंग कोबरा (Ophiophagus hannah):
- IUCN रेड लिस्ट: संवेदनशील (Vulnerable)
और पढ़ें: कान्हा टाइगर रिज़र्व, कुनो राष्ट्रीय उद्यान।
मध्य प्रदेश Switch to English
मध्य प्रदेश सरकार और डिजिटल इंडिया भाषिणी के बीच समझौता ज्ञापन
चर्चा में क्यों?
मध्य प्रदेश सरकार ने डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किये हैं, जिसका उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता-आधारित भाषा प्रौद्योगिकियों के माध्यम से बहुभाषी डिजिटल शासन और नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण को बढ़ावा देना है।
मुख्य बिंदु:
- भाषायी समावेशन: इस साझेदारी का उद्देश्य भाषिणी AI प्लेटफॉर्म के माध्यम से विभिन्न भारतीय भाषाओं में सरकारी सेवाएँ और जानकारी उपलब्ध कराकर भाषा अवरोधों को दूर करना है।
- वॉयस-बेस्ड एक्सेस: इसका प्रमुख लक्ष्य वॉयस-फर्स्ट टूल विकसित करना है, जिससे नागरिक अपनी मातृभाषा में सरकारी पोर्टलों के साथ संवाद कर सकें।
- AI एकीकरण: मध्य प्रदेश स्वास्थ्य, कृषि, राजस्व आदि विभागों में भाषिणी का रियल-टाइम अनुवाद और स्पीच-टू-टेक्स्ट क्षमताओं का उपयोग करेगा।
- डेटा एवं AI लैब्स: इस MoU के साथ ही राज्य ने 30 डेटा और AI लैब स्थापित करने की घोषणा की है, जो युवाओं तथा सरकारी अधिकारियों को अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों में प्रशिक्षित करेंगी।
- महत्त्व: यह सहयोग मध्य प्रदेश को शासन में भाषिणी अपनाने वाले अग्रणी राज्यों में स्थापित करता है और डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर (DPI) निर्माण के राष्ट्रीय प्रयासों को भी सुदृढ़ करता है।
भाषिणी (BHASHINI)
- भाषिणी (भारत शेयर्ड रिपॉजिटरी ऑफ इंस्क्रिप्शन्स इन इंडियन लैंग्वेजेज) डिजिटल इंडिया प्रोग्राम के तहत लॉन्च किया गया एक राष्ट्रीय भाषा टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म है।
- इसका उद्देश्य अनुवाद, स्पीच-टू-टेक्स्ट, टेक्स्ट-टू-स्पीच और बहुभाषी AI सेवाओं को भारतीय भाषाओं में सक्षम बनाना है, ताकि डिजिटल सेवाएँ नागरिकों को उनकी मातृभाषा में सुलभ हो सकें।
और पढ़ें: डिजिटल इंडिया प्रोग्राम, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर
राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स Switch to English
गुजरात ने ‘पोषण उड़ान 2026’ शुरू किया
चर्चा में क्यों?
गुजरात ने मकर संक्रांति उत्सव के दौरान ‘पोषण उड़ान 2026’ की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य पारंपरिक उत्सवों और सामुदायिक सहभागिता का उपयोग करते हुए पूरे राज्य में पोषण तथा स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना है।
मुख्य बिंदु:
- पहल: ‘पोषण उड़ान 2026’ पूरे राज्य में जन-जागरूकता बढ़ाने के लिये पतंग उत्सव की लोकप्रियता का उपयोग करता है, जिसमें पोषण और स्वास्थ्य संदेशों वाली पतंगें उड़ाई जाती हैं।
- इसका उद्देश्य बच्चों, किशोरियों और माताओं के लिये संतुलित आहार तथा स्वास्थ्य के महत्त्व को रेखांकित करना है।
- एकीकरण: यह कार्यक्रम आँगनवाड़ी केंद्रों पर ICDS (एकीकृत बाल विकास सेवाओं) के अंतर्गत संचालित किया जाता है।
- कार्यान्वयन: यह राज्यव्यापी पोषण जागरूकता अभियान गुजरात के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित किया जाता है।
- फोकस: पहल का मुख्य ज़ोर आहार विविधता, जंक फूड के सेवन को घटाने, सुरक्षित पेयजल और स्वच्छता प्रथाओं पर है ताकि पोषण संबंधी परिणामों में सुधार हो सके।
- लक्षित समूह: जागरूकता अभियान में स्कूल के बच्चे, किशोरियाँ, गर्भवती और धात्री महिलाएँ तथा स्थानीय समुदाय के अभिकर्त्ता शामिल होते हैं।
- स्वास्थ्य हस्तक्षेप: माताओं और बच्चों के लिये हीमोग्लोबिन परीक्षण, आयरन एवं फोलिक एसिड (IFA) टैबलेट वितरण, BMI (शरीर द्रव्यमान सूचकांक) जाँच तथा व्यक्तिगत पोषण परामर्श जैसी गतिविधियाँ संचालित की गईं।
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और पढ़ें: मकर संक्रांति उत्सव, पोषण अभियान, ICDS, BMI |
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