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स्टेट पी.सी.एस.

  • 09 Feb 2023
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उत्तर प्रदेश Switch to English

गणतंत्र दिवस परेड में शामिल एनसीसी कैडेट सम्मानित

चर्चा में क्यों?

8 फरवरी 2023 को उत्तर प्रदेश के राजभवन लखनऊ में एनसीसी ग्रुप मुख्यालय की ओर से गणतंत्र दिवस परेड में शामिल एनसीसी कैडेट्स को सम्मानित किया गया। इस परेड में कुल 52 गर्ल्स कैडेटों ने भाग लिया था। जिन्हें ड्रिल प्रतियोगिता में प्रथम स्थान मिला है।

प्रमुख बिंदु

  • परेड टुकड़ी में 20 यूपी गर्ल्स बटालियन से 9 कैडेट, 19 बटालियन से 16 कैडेट, 63 बटालियन से 4 कैडेट, 64 बटालियन से 5 कैडेट, 67 बटालियन से 21 कैडेट, 39 से 8 कैडेट और 5 एयर स्क्वार्डन एनसीसी से 9 कैडेट शामिल थे।
  • साथ ही सीनियर डिवीजन के एनसीसी लड़कों ने ड्रिल प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
  • वहीं लखनऊ एनसीसी ग्रुप मुख्यालय की दो गर्ल्स कैडेटों को नेतृत्व, पहल, लगन और विभिन्न कैंपों में बेहतरीन प्रदर्शन के लिये डायरेक्टर जनरल एनसीसी दिल्ली का प्रशंसा पत्र मेडल और रुपए 3000 का पुरस्कार दिया गया।
  • डायरेक्टर जनरल एनसीसी का प्रशंसा पत्र सीनियर अंडर अफसर कीर्ति राय और सीनियर अंडर अफसर वैभवी भटे 67 उत्तर प्रदेश एनसीसी बटालियन को मिला है।
  • विदित है कि 75 ज़िलों से आए कैडेटों के सम्मान में राजभवन में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सर्वोच्च कलाकारों को 20 उत्तर प्रदेश गर्ल्स बटालियन में मेडल और सर्टिफिकेट से सम्मानित किया गया।

बिहार Switch to English

न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन होंगे पटना हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश

चर्चा में क्यों?

8 फरवरी 2023 को सुप्रीम कोर्ट की कॉलेजियम ने केरल हाइकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन को पटना हाइकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने के लिये अपनी अनुशंसा की है।

प्रमुख बिंदु

  • सुप्रीम कोर्ट अपनी अनुशंसा केंद्र सरकार को भेजेगा। केंद्र सरकार और राष्ट्रपति की सहमति के बाद के. विनोद चंद्रन को पटना हाइकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाए जाने की अधिसूचना जारी होगी।
  • विदित है कि पटना हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजय करोल को सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किये जाने के बाद से पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस का पद रिक्त था। वर्तमान में पटना हाइकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश चक्रधारी शरण सिंह को पटना हाइकोर्ट का कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश बनाया गया है।
  • सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने इससे पहले न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन को गुवाहाटी हाईकोर्ट का मुख्य न्यायधीश बनाने की सिफारिश की थी। लेकिन फिर कॉलेजियम ने अधिक रिक्तियों और मुख्य न्यायधीशों के सुप्रीम कोर्ट में प्रमोशन को ध्यान में रखते हुए अपनी सिफारिश को वापस ले लिया था।
  • इसके बाद जस्टिस के. विनोद चंद्रन को पटना हाईकोर्ट का मुख्य नयायधीश बनाया गया। के. विनोद चंद्रन 24 अप्रैल 2025 को रिटायर होने वाले हैं।
  • गौरतलब है कि 13 दिसंबर, 2022 को सुप्रीम कोर्ट की कॉलेजियम ने देश के विभिन्न कोर्ट से तीन चीफ जस्टिस और दो जस्टिस के नाम की सिफारिश सुप्रीम कोर्ट के जज के लिये की थी। इसमें पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजय कारोल और जस्टिस अहसानूद्दीन अमानुल्लाह का नाम भी शामिल था।

राजस्थान Switch to English

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 502 ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर उप-स्वास्थ्य केंद्र खोलने की दी स्वीकृति

चर्चा में क्यों?

8 फरवरी, 2023 को राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश के 502 ग्राम पंचायत मुख्यालयों में नवीन उप-स्वास्थ्य केंद्र खोले जाने की स्वीकृति दी है।

प्रमुख बिंदु

  • इन उप-स्वास्थ्य केंद्रों के लिये कुल 502 महिला स्वास्थ्य कार्यकर्त्ताओं (प्रत्येक केंद्र पर एक) के पदों के सृजन को भी मंज़ूरी दी गई है।
  • प्रस्ताव के अनुसार, प्रत्येक नवीन उप-स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण कार्यों हेतु 30 लाख रुपए तक का प्रावधान किया गया है। नवीन उप-स्वास्थ्य केंद्रों के भवन निर्मित होने तक वैकल्पिक रूप से अस्थायी भवनों में इनके संचालन की व्यवस्था की जाएगी।
  • राज्य सरकार द्वारा नवीन उप-स्वास्थ्य केंद्रों के खोले जाने से प्रति 1 लाख जनसंख्या पर 18 उप-स्वास्थ्य केंद्रों के साथ राजस्थान आज देश में प्रथम स्थान पर है।
  • मुख्यमंत्री इस निर्णय से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा तथा आमजन को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।
  • उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने बजट 2022-23 में प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य ढाँचे को मज़बूत बनाने के लिये नवीन उप-स्वास्थ्य केंद्र खोलने की घोषणा की थी।

मध्य प्रदेश Switch to English

खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2022: मध्य प्रदेश ने तीन स्वर्ण और एक रजत जीता

चर्चा में क्येां?

8 फरवरी, 2023 को मध्य प्रदेश के उज्जैन के माधव सेवा न्यास में जारी खेलो इंडिया यूथ गेम्स -2022 में मलखंभ मुकाबलों में मेजबान मध्य प्रदेश ने दो स्वर्ण और एक रजत पदक तथा भारोत्तोलन में एक स्वर्ण अपने नाम किये।

प्रमुख बिंदु

  • लड़कों के व्यक्तिगत आलराउंड इवेंट में प्रणव ने 26.50 अंक के साथ स्वर्ण जीता जबकि मध्य प्रदेश की टीम ने रैंकिंग (लड़के एवं लड़कियाँ संयुक्त) का स्वर्ण 207.20 अंकों के साथ जीता। लड़कियों के व्यक्तिगत आलराउंड इवेंट में मध्य प्रदेश की सिद्धि गुप्ता ने रजत जीता।
  • मलखंभ में लड़कों के व्यक्तिगत आलराउंड इवेंट में शार्दूल (महाराष्ट्र) 26.10 अंकों के साथ दूसरे और राकेश वेरडा (छत्तीसगढ़) 25.90 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहे। टीम रैंकिंग का रजत महाराष्ट्र (205.60) को और कांस्य छत्तीसगढ़ (201.25) को मिला।
  • सिद्धि ने लड़कियों के इवेंट में 17.30 अंकों के साथ दूसरा स्थान पाया। इस स्पर्धा का स्वर्ण महाराष्ट्र की समीक्षा सुराड़कर ने जीता। काँस्य पदक महाराष्ट्र की ही तनुश्री जाधव को मिला।
  • इसी तरह मध्य प्रदेश के वेलुरू अजय बाबू ने भारोत्तोलन में 81 किग्रा वर्ग में स्वर्ण जीता। वेलुरू ने स्नैच-135 किग्रा, क्लीन एंड जर्क-162 किग्रा, कुल- 297 किग्रा के साथ पहला स्थान हासिल किया।

हरियाणा Switch to English

मुख्यमंत्री ने 36वाँ सूरजकुंड मेले में किया इंटरनेशनल ईयर ऑफ मिलेट्स- 2023 का ब्रोशर लॉन्च

चर्चा में क्यों?

8 फरवरी, 2023 को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 36वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में मिनिस्ट्री ऑफ डेवलपमेंट ऑफ नॉर्थ ईस्ट रीजन का इंटरनेशनल ईयर ऑफ मिलेट्स 2023 का ब्रोशर लॉन्च किया।

प्रमुख बिंदु

  • सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय मेले में भी बाजरे से तैयार कई स्वादिष्ट व स्वास्थ्यवर्धक व्यंजन तैयार किये जा रहे हैं।
  • उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 में अंतर्राष्ट्रीय पोषक अनाज वर्ष मनाने के भारत के प्रस्ताव को वर्ष 2018 में खाद्य और कृषि संगठन (FAO) द्वारा अनुमोदित किया गया था और संयुक्त राष्ट्र परिषद ने वर्ष 2023 को इंटरनेशनल ईयर ऑफ मिलेट्स 2023 घोषित किया है।
  • इसे संयुक्त राष्ट्र के एक प्रस्ताव द्वारा अपनाया गया और इसका नेतृत्व भारत ने किया तथा 70 से अधिक देशों ने इसका समर्थन किया।
  • अंतर्राष्ट्रीय पोषक अनाज वर्ष 2023 का भी उद्देश्य मिलेट की खपत को बढ़ाकर पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसके लिये 8 मिलेट्स को चिह्नित किया गया है, जिसमें ज्वार, बाजरा, रागी, कोदो, कुटकी, कंगनी, चेना, साँवा आदि शामिल हैं।
  • मिलेट को साइज के आधार पर दो श्रेणियों में बाँटा गया है. एक छोटा अनाज और एक मोटा अनाज। मोटा अनाज में ज्वार, बाजरा और रागी आते हैं, वहीं छोटा अनाज में कंगनी, कोदो, चीना, साँवा और कुटकी शामिल हैं।

झारखंड Switch to English

झारखंड के जमशेदपुर, बोकारो और धनबाद में बनेगा सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क

चर्चा में क्यों?

8 फरवरी 2023 को मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने झारखंड के जमशेदपुर, बोकारो और धनबाद में सॉफ्टवेयर पार्क के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

प्रमुख बिंदु

  • गौरतलब है कि केंद्र सरकार देश के छोटे शहरों में डिजिटल संभावना का विस्तार करना चाहती है जिससे युवाओं को डिजिटल अर्थव्यवस्था में भागीदार बनाया जा सके। इसके लिये छोटे शहरों में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क की स्थापना की जा रही है।
  • इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफार्मेशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय के अधीन एक स्वायक्त संस्था सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया का गठन किया गया है।
  • राज्यों से मिले प्रस्ताव के अनुसार देश में अब तक 63 सॉफ्टवेयर पार्क का गठन हो चुका है। इसके अतिरिक्त मंत्रालय ने 22 सॉफ्टवेयर पार्क के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
  • झारखंड के राँची और देवघर में पहले ही ऐसे पार्कों का गठन हो चुका है।
  • इसके अलावा मंत्रालय ने इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करने के लिये इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर योजना को मंजूरी दी थी।
  • इस योजना के तहत विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ समान सुविधाओं के विकास के लिये सहायता देना था।
  • इस योजना के तहत 19 ग्रीनफील्ड इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, तीन समान सुविधा केंद्र के प्रस्ताव को मंजूरी दी जा चुकी है। इसके तहत झारखंड के आदित्यपुर में क्लस्टर के गठन को मंजूरी दी गई। इस क्लस्टर पर 97।88 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान लगाया गया और 41।48 करोड़ रुपये जारी किया जा चुका है।

छत्तीसगढ़ Switch to English

‘तिरोहित तितुरघाट’ पुस्तक का विमोचन

चर्चा में क्यों?

8 फरवरी, 2023 को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने निवास कार्यालय में गोविंद पटेल की ‘तिरोहित तितुरघाट’पुस्तक का विमोचन किया।

प्रमुख बिंदु

  • इस पुस्तक का संपादन गोविंद पटेल ने किया है तथा भूमिका पुरातत्त्वाविद् प्रभात सिंह ने लिखी है। यह पुस्तक धमधा के तितुरघाट में दो दर्जन से अधिक सती स्तंभों के पुरातात्त्विक साक्ष्य और उनकी विशेषता पर आधारित है।
  • धर्मधाम गौरवगाथा समिति ने तितुरघाट के तिरोहित (भुला दिये गए) तालाब को फिर से ढूंढा और श्रमदान व जनसहयोग से उसकी फिर से खुदाई की। इस स्थान की प्राचीनता व ऐतिहासिकता के साथ ही तालाब के महत्त्व को दर्शाने के लिये इस पुस्तक का प्रकाशन किया गया है।
  • इस पुस्तक में शिवनाथ नदी के किनारे स्थित 500 साल पुराने चतुर्भुजी तितुरघाट गाँव की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि बताई गई है। यह गाँव अब वहाँ से उजड़ गया है, परंतु गाँव का ऐतिहासिक और पुरातात्त्विक महत्त्व दर्शाने वाले सौ से अधिक शिलाखंड, स्थापत्य खंड वहाँ बिखरे पड़े हैं, जिनमें तीन शिलालेख और दो दर्जन सती स्तंभ मिले हैं। यहाँ एक मंदिर और तालाब भी थी। धर्मधाम गौरवगाथा समिति ने इस विलुप्त तालाब का पुनर्निर्माण करवाया।
  • उल्लेखनीय है कि गोविंद पटेल इससे पहले टमाटर की बंपर पैदावार, तकदीर बदल सकते हैं सुनहरे दाने, छत्तीसगढ़ को तंदुरुस्त बना सकती है भाजी और छ: कोरी छ: आगर, तरिया अऊ बूढ़वा नरवा नाम की पुस्तिका का प्रकाशन कर चुके हैं।

झारखंड Switch to English

इनफ्लुएंसर बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड और राष्ट्रीय प्रतिष्ठा अवार्ड से सम्मानित गुमला के युवा

चर्चा में क्यों?

8 फरवरी 2023 को झारखंड के गुमला ज़िले के युवाओं द्वारा बनाये गये ऐप ‘द जोहार झारखंड और मुस्कुराए आप गुमला में हैं’ को इनफ्लुएंसर बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड और उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय प्रतिष्ठा अवार्ड मिला है।

प्रमुख बिंदु

  • सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, गुमला के सभागार में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि लोक अभियोजक एके पांडे, डीपीआरओ संजय कुमार और ज़िला प्रेस एसोसिएशन गुमला के महासचिव दुर्जय पासवान द्वारा युवाओं को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
  • साथ ही शून्य से शिखर तक नाम से गुमला का पहला फेसबुक डिजिटल क्विज कराया गया। वहीं, लाइव इंस्टाग्राम पेज द्वारा से ‘द जोहार झारखंड और मुस्कुराए आप गुमला में’ कार्यक्रम हुआ। इसमें सफल होने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया।
  • विजेता मोहम्मद दिलशाद, उमा सिंह, श्रेया पांडे, रंजू कुमारी, रवि कुमार रंजन, ऋषभ धीरज और शशिकांत को पुरस्कार दिया गया।
  • इन युवाओं ने ‘द जोहार झारखंड ऐप, मुस्कुराए आप गुमला में हैं’ व गुमला लाइव इंस्टाग्राम पेज बनाए हैं, जिसके माध्यम से राज्य के जितने भी टूरिज्म स्पॉट हैं, उनका प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। साथ ही ये सभी युवा प्रकृति संरक्षण पर भी काम रहे हैं। टूरिज्म को लेकर इन युवाओं ने कई अवार्ड भी जीता है।

बिहार Switch to English

देश के 112 आकांक्षी ज़िलों में टॉप-5 में बिहार के दो ज़िले

चर्चा में क्यों?

8 फरवरी, 2023 को नीति आयोग ने देश के अल्प विकसित 112 आकांक्षी ज़िलों के लिये ‘चैंपियन ऑफ चेंज डेल्टा रैंकिंग’ जारी की है, जिसमें कृषि और जल संसाधन के क्षेत्र में देश के पाँच सर्वश्रेष्ठ आकांक्षी ज़िलों में बिहार के दो ज़िले बांका पहले स्थान और कटिहार दूसरे स्थान पर है।

प्रमुख बिंदु

  • उल्लेखनीय है कि नीति आयोग द्वारा आकांक्षी ज़िलों के बीच प्रतिस्पर्धा करने के लिये यह रिपोर्ट जारी की जाती है।
  • ज्ञातव्य है कि वर्ष 2018 में प्रारंभ आकांक्षी ज़िला कार्यक्रम में बिहार के 13 ज़िले-कटिहार, बेगूसराय, शेखपुरा, अररिया, खगड़िया, पूर्णिया, औरंगाबाद, बांका, गया, जमुई, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और नवादा शामिल थे।
  • केंद्र की इस घोषणा से बिहार के इन 13 ज़िलों के प्रखंडों में विशेष सहायता मिलती है। इन ज़िलों में स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कृषि, जलसंसाधन, वित्तीय स्थिति और आधारभूत अवसंरचना जैसे प्रमुख क्षेत्रों को विकसित करने पर ध्यान दिया जाता है।
  • शिक्षा क्षेत्र के लिये मुख्य रूप से स्कूल में पढ़ाई और लाइब्रेरी की सुविधा, स्कूलों में आधारभूत संरचना, जिसमें टॉयलेट व पेयजल आदि मुख्य हैं।
  • उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने देश में 500 आकांक्षी प्रखंडों की घोषणा की है जिसमें 61 आकांक्षी प्रखंड बिहार के भी हैं। केंद्र सरकार, राज्य सरकार की मदद से विशेष कार्यक्रम चलाएगी। इन प्रखंडों का चयन केंद्र के आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के तहत किया गया है। विकास के कई पैमानों पर पिछड़े इन प्रखंडों को विकसित प्रखंडों की श्रेणी में लाने का प्रयास किया जाएगा।
  • शुरुआती दौर में इन प्रखंडों में स्वास्थ्य और पोषण, शिक्षा, कृषि और जल संसाधन, वित्तीय समावेशन और कौशल विकास जैसे इंडिकेटर पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इन ज़िलों के लिये केंद्र से अतिरिक्त फंड का भी प्रबंधन किया जाएगा। प्रखंडों की रैंकिंग की जाएगी ताकि उनमें आगे बढ़ने की प्रतिस्पर्धा बढ़ सके।
  • राज्य के 13 आकांक्षी ज़िलों (एडी) के भी प्रखंडों का चयन इसी कार्यक्रम के तहत किया गया है। ज़िलों में भागलपुर और कैमूर ज़िलों के सर्वाधिक 5-5 करके 10 प्रखंड, बेगूसराय के 4, मुंगेर के 4, जमुई के 4, औरंगाबाद और गया के 4-4 प्रखंड हैं। वहीं भोजपुर, कटिहार और बांका के तीन-तीन प्रखंडों के नाम शामिल हैं।

मध्य प्रदेश Switch to English

एआईएफ योजना में मध्य प्रदेश

चर्चा में क्यों?

8 फरवरी, 2023 को एमपी फार्म गेट एप तथा आईएएफ अंतर्गत कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर में आयोजित कार्यशाला में मध्य प्रदेश के किसान-कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री कमल पटेल ने बताया है कि कृषि अधो-संरचना मद (एआईएफ) के क्रियान्वयन में मध्य प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है।

प्रमुख बिंदु

  • एआईएफ योजना में कृषि अधो-संरचना निर्माण के लिये 3 प्रतिशत ब्याज छूट पर बैंक से ऋण लेकर वेयर-हाउस, कस्टम हायरिंग सेंटर, कोल्ड-स्टोरेज, ग्रेडिंग यूनिट, प्राइमरी प्रोसेसिंग यूनिट आदि के कार्य किये जा रहे हैं।
  • मध्य प्रदेश में एआईएफ योजना में अभी तक 5070 प्रकरण में 3930 करोड़ 63 लाख रुपए स्वीकृत कर मध्य प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। अब तक इसमें 4552 प्रकरण में 3040 करोड़ रुपए की राशि वितरित की जा चुकी है, जो कि दूसरे राज्यों की तुलना में सर्वाधिक है।

छत्तीसगढ़ Switch to English

देश के आकांक्षी ज़िलों में छत्तीसगढ़ के नारायणपुर ज़िला शीर्ष पाँच में शामिल

चर्चा में क्यों?

8 फरवरी 2023 को नीति आयोग की ओर से दिसंबर, 2022 के लिये जारी आकांक्षी ज़िलों की रिपोर्ट ‘चैंपियन ऑफ चेंज डेल्टा रैंकिंग’ में छत्तीसगढ़ के नारायणपुर ज़िला शीर्ष पाँच ज़िलों में चौथे स्थान पर रहा है।

प्रमुख बिंदु

  • इस रिपोर्ट में देश में घोषित 112 आकांक्षी ज़िलों में से ओवरऑल परफॉर्मेंस श्रेणी में शीर्ष पाँच ज़िलों में छत्तीसगढ़ के नारायणपुर ज़िला चौथे स्थान पर है। वहीं स्वास्थ्य और पोषण श्रेणी में नारायणपुर ज़िले का स्थान तीसरा है।
  • नारायणपुर ज़िले का स्वास्थ्य और पोषण में स्कोर 72.5 तथा शिक्षा में 57.5 स्कोर है। वहीं सभी क्षेत्रों का समग्र स्कोर 53 हैं।
  • गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने बीते चार वर्षों के भीतर स्वास्थ्य और पोषण सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किया गया है। छत्तीसगढ़ में हुए इन प्रयासों को भारत सरकार ने भी कई बार सराहा है।
  • राज्य सरकार ने बच्चों में कुपोषण दूर करने और किशोरी बालिकाओं व महिलाओं को एनिमिया से मुक्त करने के लिये मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान चलाया है।
  • छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों से पोषण के क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम भी सामने आए हैं।
  • स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करते हुए मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक, दाई-दीदी क्लिनिक, मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना, हमर लैब, मलेरिया मुक्त बस्तर और मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ योजना का संचालन करने के साथ ही छत्तीसगढ़ में लोगों तक डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य योजना, मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य संबंधी लाभ पहुँचाए जा रहे हैं।

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