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झारखंड स्टेट पी.सी.एस.

  • 04 Feb 2023
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झारखंड कृषि एवं पशुधन विपणन विधेयक-2022 को मिली राज्यपाल की मंजूरी

चर्चा में क्यों?

3 फरवरी, 2023 को झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस ने चार सुझावों के साथ झारखंड विधानसभा से पारित ‘झारखंड राज्य कृषि उपज एवं पशुधन विपणन विधेयक-2022’ को अपनी सहमति प्रदान कर दी है।

प्रमुख बिंदु 

  • ‘झारखंड राज्य कृषि उपज एवं पशुधन विपणन विधेयक-2022’ पर राज्यपाल की स्वीकृति के बाद अब राज्य में मुख्य रूप से खरीदारों से दो प्रतिशत कृषि बाज़ार टैक्स तथा तुरंत नष्ट होने वाले कृषि उपज पर एक प्रतिशत टैक्स लगेगा।
  • इसके अलावा विधेयक में कृषि विपणन में निजी भागीदारी व कृषकों को बाज़ार के अधिक विकल्प उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
  • गौरतलब है कि 24 मार्च, 2022 को झारखंड विधानसभा से यह विधेयक पारित करा कर पहली बार राज्यपाल के पास भेजा गया था, लेकिन राज्यपाल की ओर से हिन्दी-अंग्रेजी रूपांतरण सहित अन्य कई आपत्तियों के साथ इसे अस्वीकृत कर सरकार को 17 मई, 2022 को लौटा दिया गया था।
  • दूसरी बार शीतकालीन सत्र में 24 दिसंबर, 2022 को विधानसभा द्वारा विधेयक को स्वीकृति के लिये राज्यपाल के पास भेजा गया था। इसके बाद राज्यपाल ने एक फरवरी 2023 को विधेयक में निहित प्रावधानों को लेकर कृषि मंत्री व कृषि सचिव के साथ चर्चा की। विधेयक पर चर्चा के लिये किसी मंत्री को पहली बार राजभवन बुलाया गया था।
  • राज्यपाल ने विधेयक के संबंध में कई सुझाव भी राज्य सरकार को दिये हैं, जिसमें बताया गया है कि इस विधेयक के आलोक में नियमावली के गठन के दौरान सभी हितधारकों से व्यापक चर्चा सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा बाज़ार शुल्क की दर निर्धारण में राज्य के ग्रामीण तथा अनुसूचित जनजातीय (एसटी) समुदाय के कृषकों का विशेष ध्यान रखते हुए शुल्क का निर्धारण किया जाए।
  • इस विधेयक में मुख्य रूप से किसानों के उत्पाद को बाज़ार उपलब्ध कराने की बात कही गई है। राज्यों से आयातित वस्तुओं पर अधिकतम स्लैब दो प्रतिशत कृषि शुल्क लगाने का प्रावधान है। कच्चे माल में एक प्रतिशत और सीलबंद पैक माल यानि जल्द खराब नहीं होने वाले माल पर अधिकतम एक प्रतिशत टैक्स लेने का प्रावधान है।
  • विधेयक में कृषि बाज़ार समितियों में राज्य सरकार द्वारा मनोनीत या निर्वाचित जनप्रतिनिधि को अध्यक्ष बनाया जाना, ‘एक देश एक बाज़ार’ के तहत राज्य के कृषकों को आधुनिक विपणन व्यवस्था के तहत इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग पोर्टल से जोड़ना, कृषि बाज़ार टैक्स से प्राप्त राजस्व से ग्रामीण हाट-बाज़ारों के आधुनिकीकरण के साथ नये बाज़ारों की स्थापना करना, ताकि किसानों को प्रत्येक 10 किमी. पर बाज़ार उपलब्ध हो सके आदि प्रावधान हैं।
  • इस विधेयक के अलावा राज्यपाल रमेश बैस ने झारखंड विधानसभा से पारित ‘झारखंड आकस्मिकता निधि (संशोधन) विधेयक- 2022’ को भी अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस विधेयक द्वारा अब राज्य की आकस्मिक निधि से निकासी की राशि 500 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 1200 करोड़ रुपए तक की कर दी गई है। 

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