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कोटक बना पूरी तरह से डिजिटल FPI रजिस्ट्रेशन शुरू करने वाला भारत का पहला बैंक
- 10 Feb 2026
- 14 min read
चर्चा में क्यों?
कोटक महिंद्रा बैंक भारत का पहला कस्टोडियन बन गया है जिसने इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षरों के माध्यम से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) के पंजीकरण और खाता खोलने की पूरी प्रक्रिया को सुगम बनाया है, जो पूंजी बाज़ार तक डिजिटल पहुँच में एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है।
मुख्य बिंदु:
- संस्था: इस उपलब्धि की घोषणा कोटक महिंद्रा बैंक ने की।
- भारत के प्रमुख निजी क्षेत्र के बैंकों में से एक, जब इसकी कस्टडी शाखा ने FPI के लिये पूरी तरह से डिजिटल ऑनबोर्डिंग सक्षम की।
- नवाचार: यह भारत में पहली बार है जब किसी FPI लाइसेंस और उससे जुड़े ग्राहक खाता खोलने से संबंधित दस्तावेज़ पूरी तरह इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षरों (eSign) के माध्यम से निष्पादित किये गए हैं, बिना भौतिक ‘वेट सिग्नेचर’ की आवश्यकता के।
- यह कदम जनवरी 2026 में SEBI द्वारा शुरू किये गए एकीकृत डिजिटल वर्कफ्लो के बाद उठाया गया है, जो FPI पंजीकरण के लिये कॉमन एप्लीकेशन फॉर्म (CAF) पोर्टल में डिजिटल हस्ताक्षरों के उपयोग की अनुमति देता है।
- उद्देश्य: इस पहल का उद्देश्य विदेशी निवेशकों के लिये भारतीय बाज़ार में प्रवेश की प्रक्रिया को सरल एवं तीव्र बनाना है, ताकि कागज़ी कार्यवाही कम हो, परिचालन जोखिम घटें और ऑनबोर्डिंग अनुभव का आधुनिकीकरण हो सके।
- लाभ: कागज़-रहित ऑनबोर्डिंग से वैश्विक निवेशकों के लिये समय और लॉजिस्टिक बोझ में उल्लेखनीय कमी आती है।
- यह ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस को बढ़ावा देता है और भारत में अधिक विदेशी निवेश आकर्षित करने की आकांक्षा को समर्थन देता है।
- यह पूंजी बाज़ारों के लिये भारत की डिजिटल अवसंरचना को मज़बूत करता है।
- महत्त्व: यह विकास वित्तीय बाज़ारों में डिजिटल रूपांतरण की दिशा में भारत की प्रगति को दर्शाता है और निवेशक पंजीकरण तथा अनुपालन प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने हेतु SEBI के व्यापक सुधारों के अनुरूप है।
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