राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स
केरल में भारत का पहला ‘एल्डरली बजट’
- 10 Feb 2026
- 16 min read
चर्चा में क्यों?
29 जनवरी 2026 को वित्त मंत्री के. एन. बालगोपाल द्वारा प्रस्तुत केरल राज्य बजट 2026–27 में, वरिष्ठ नागरिकों की आवश्यकताओं को संबोधित करने के लिये मुख्य बजट के साथ एक विशेष ‘एल्डरली बजट’ दस्तावेज़ पेश करने वाला केरल भारत का पहला राज्य बन गया।
मुख्य बिंदु:
- एल्डरली बजट के प्रमुख स्तंभ: राज्य ने वृद्ध आबादी में हो रहे जनसांख्यिकीय बदलाव से निपटने के लिये विशेष निधियाँ और नीतिगत ढाँचे निर्धारित किये हैं:
- वित्तीय सुरक्षा: सामाजिक सुरक्षा पेंशन को बढ़ाकर ₹2,000 प्रति माह किया गया है, जिससे 60 लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलेगा।
- सामाजिक सुरक्षा और कल्याण कोष पेंशन के लिये कुल आवंटन ₹14,500 करोड़ रखा गया है।
- स्वास्थ्य एवं जेरियाट्रिक देखभाल:
- मेनोपॉज़ क्लिनिक: ज़िला अस्पतालों में ₹3 करोड़ के प्रारंभिक व्यय के साथ स्थापित किये गए हैं।
- ‘मिसिंग मिडल’ के लिये बीमा: गरीबी रेखा से ऊपर लेकिन मौजूदा योजनाओं के दायरे से बाहर परिवारों को लक्षित करने वाली स्वास्थ्य बीमा योजना हेतु ₹50 करोड़ का आवंटन।
- पैलियेटिव केयर: सामुदायिक-आधारित पैलियेटिव केयर नेटवर्क के लिये बढ़ी हुई फंडिंग, जो केरल के स्वास्थ्य मॉडल की पहचान है।
- आवास एवं अवसंरचना:
- रिटायरमेंट होम: निजी और सहकारी क्षेत्रों द्वारा आधुनिक रिटायरमेंट होम के निर्माण को सब्सिडी देने के लिये ₹30 करोड़ का आवंटन।
- वृद्ध-अनुकूल शहर: स्थानीय निकायों को पार्कों और पैदल पथों सहित ‘एज-फ्रेंडली’ सार्वजनिक अवसंरचना विकसित करने हेतु विशेष अनुदान।
- केयर इकोनॉमी:
- ऑन-कॉल स्वयंसेवक सेवाएँ: अकेले रहने वाले बुज़ुर्गों को दैनिक कामों और चिकित्सकीय यात्राओं में सहायता देने के लिये डिजिटल प्लेटफॉर्म तथा स्वयंसेवकों के समूह के विकास हेतु ₹10 करोड़।
- वायोमित्रम योजना: सभी नगरपालिकाओं एवं पंचायत वार्डों तक विस्तार, ताकि घर-घर निशुल्क दवाएँ और जाँच उपलब्ध कराई जा सकें।
- महत्त्व: केरल में बुज़ुर्ग आबादी भारत में सबसे अधिक है, जिससे स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और देखभाल प्रणालियों पर दबाव बढ़ता है।
- एल्डरली बजट जनसांख्यिकीय वास्तविकता के प्रति एक सक्रिय नीतिगत प्रतिक्रिया का प्रतिनिधित्व करता है, न कि केवल प्रतिक्रियात्मक कल्याण व्यय का।