राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स
पृथ्वी दिवस 2026: वैश्विक जलवायु अनुकूलन को सुदृढ़ बनाना
- 22 Apr 2026
- 19 min read
चर्चा में क्यों?
22 अप्रैल, 2026 को विश्व ने पृथ्वी दिवस की 56वीं वर्षगॉंठ मनाई। जैसे-जैसे जलवायु परिवर्तन वैश्विक स्तर पर चरम मौसमी घटनाओं को बढ़ा रहा है, पृथ्वी दिवस 2026 का फोकस ‘परिपत्र अर्थव्यवस्था’ की ओर त्वरित संक्रमण और जैव विविधता की रक्षा के लिये प्लास्टिक अपशिष्ट के उन्मूलन पर केंद्रित रहा।
मुख्य बिंदु:
- तिथि: 22 अप्रैल (वार्षिक आयोजन)
- वर्ष 2026 की थीम: ‘हमारी शक्ति, हमारा ग्रह’ (Our Power, Our Planet)
- थीम का उद्देश्य: यह थीम इस बात पर ज़ोर देती है कि पर्यावरणीय परिणामों को आकार देने और अधिक मज़बूत जलवायु कार्रवाई को आगे बढ़ाने में लोगों तथा समुदायों की भूमिका अत्यंत महत्त्वपूर्ण है।
- यह संदेश देता है कि वास्तविक परिवर्तन केवल नीतियों पर निर्भर नहीं करता, बल्कि सामूहिक जन-भागीदारी, स्थानीय नवाचार और नागरिक सहभागिता पर भी आधारित होता है।
- वैश्विक समन्वयक: Earthday.org (पूर्व में अर्थ डे नेटवर्क)
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
- उत्पत्ति (1970): पहला पृथ्वी दिवस 22 अप्रैल, 1970 को संयुक्त राज्य अमेरिका में मनाया गया था। इसकी स्थापना सीनेटर गेलॉर्ड नेल्सन ने की थी और इसका आयोजन कार्यकर्त्ता डेनिस हेस द्वारा किया गया था।
- प्रेरक कारण: इस आंदोलन की शुरुआत वर्ष 1969 में कैलिफोर्निया के सांता बारबरा में हुए बड़े तेल रिसाव (ऑयल स्पिल) से हुई, जिसने पर्यावरणीय क्षरण के प्रति जन-जागरूकता को बढ़ाया।
- अंतर्राष्ट्रीय मान्यता (1990): पृथ्वी दिवस 1990 में वैश्विक स्तर पर पहुँच गया, जिसमें 141 देशों के 200 मिलियन लोगों ने भाग लिया और पर्यावरणीय मुद्दों को विश्व मंच पर प्रमुखता मिली।
- पेरिस समझौता (2016): एक ऐतिहासिक कदम के रूप में, जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौता वर्ष 2016 में पृथ्वी दिवस के अवसर पर हस्ताक्षर हेतु खोला गया।
वैश्विक महत्त्व
- नीति-समर्थन: यह कई सरकारों के लिये एक समयसीमा के रूप में कार्य करता है, जिसके तहत वे अपने अद्यतन राष्ट्रीय निर्धारित अंशदान (NDCs) और पर्यावरणीय कानूनों की घोषणा करते हैं।
- ‘ग्रेट ग्लोबल क्लीनअप’: यह एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य आसपास के क्षेत्रों, समुद्र तटों और वनों से अरबों अपशिष्ट के टुकड़ों को हटाना है।
- जलवायु साक्षरता: विश्वभर में स्कूल पाठ्यक्रमों में पर्यावरणीय और जलवायु शिक्षा को शामिल करने को बढ़ावा देना।
- कैनोपी प्रोजेक्ट: यह एक व्यापक वनीकरण (पुनर्वनीकरण) अभियान है, जो जलवायु परिवर्तन और वनों की कटाई से सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्रों पर केंद्रित है।
|
और पढ़ें: राष्ट्रीय निर्धारित अंशदान (NDC) |