रैपिड फायर
RBI MPC ने रेपो दर को अपरिवर्तित रखा
- 09 Apr 2026
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भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने वैश्विक अनिश्चितताओं और घरेलू मुद्रास्फीति जोखिमों के बीच एक सतर्क दृष्टिकोण अपनाते हुए रेपो दर को 5.25% पर अपरिवर्तित रखा है।
- नीति दरें (यथास्थिति): चलनिधि समायोजन सुविधा (LAF) के अंतर्गत नीति रेपो दर 5.25% पर अपरिवर्तित बनी हुई है।
- परिणामस्वरूप स्थायी जमा सुविधा (SDF) दर 5% पर बनी हुई है तथा सीमांत स्थायी सुविधा (MSF) दर और बैंक दर दोनों 5.50% पर अपरिवर्तित हैं।
- नीतिगत रुख: एमपीसी ने तटस्थ रुख बनाए रखा है और अस्थिर वैश्विक परिस्थितियों के बीच प्रतीक्षा और निरीक्षण की रणनीति अपनाई है।
- संशोधित GDP वृद्धि: वर्ष 2025-26 के लिये वास्तविक GDP वृद्धि 7.6% (नई GDP शृंखला के द्वितीय अग्रिम अनुमान के आधार पर, जिसका आधार वर्ष 2022-23 है) अनुमानित है।
- हालाँकि, वैश्विक वित्तीय अस्थिरता और आपूर्ति आघातों के कारण वर्ष 2026-27 के लिये विकास पूर्वानुमान 6.9% कर दिया गया है।
- मुद्रास्फीति का दृष्टिकोण: मुद्रास्फीति का पूर्वानुमान बढ़ा दिया गया है, वर्ष 2026-27 के लिये CPI मुद्रास्फीति 4.6% (नई CPI शृंखला: आधार वर्ष 2024=100 का उपयोग करके) अनुमानित है। खाद्य मुद्रास्फीति और लगातार उच्च ऊर्जा कीमतें गंभीर चिंता का विषय बनी हुई हैं।
- व्यापक आर्थिक जोखिम: भारतीय अर्थव्यवस्था के लिये प्राथमिक नकारात्मक जोखिमों में वर्ष 2026 का लंबा पश्चिम एशिया संघर्ष, होर्मुज़ जलडमरूमध्य में आपूर्ति शृंखला व्यवधान, परिणामस्वरूप वैश्विक ऊर्जा/माल ढुलाई लागत में वृद्धि, दक्षिण-पश्चिम मानसून और कृषि को खतरे में डालने वाली संभावित अल- नीनो की स्थितियाँ शामिल हैं।
- घरेलू परिवर्तन: वृद्धि सशक्त निजी उपभोग, स्थिर निवेश की मांग, उत्साहवर्द्धक सेवा क्षेत्र और वित्तीय संस्थाओं के स्वस्थ तुलन-पत्रों द्वारा संचालित होती रहती है।
- घरेलू विनिर्माण को लक्षित करने वाली सरकारी पहल (केंद्रीय बजट 2026-27) से अग्रिम विकास का समर्थन करने की उम्मीद है।
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