चर्चित स्थान
खर्ग द्वीप–फुजैरा हमले
- 17 Mar 2026
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पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव इस चर्चा के बाद बढ़ गया है कि अमेरिका ने कथित तौर पर ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र खर्ग द्वीप पर बमबारी की, हालाँकि ईरान ने जवाबी कार्रवाई में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के फुजैरा में तेल प्रतिष्ठानों पर हमला किया।
- ये दोनों स्थान वैश्विक तेल आपूर्ति शृंखला के लिये महत्त्वपूर्ण केंद्र हैं और हमलों से अंतर्राष्ट्रीय शिपिंग मार्ग और तेल बाज़ार खतरे में पड़ गए हैं।
खर्ग द्वीप:
- स्थान: खर्ग द्वीप फारस की खाड़ी में ईरान का एक छोटा-सा द्वीप है, जो ईरान के दक्षिण-पश्चिमी तट से लगभग 25 किमी. दूर स्थित है।
- खर्ग द्वीप को कभी "फारस की खाड़ी का अनाथ मोती" कहा जाता था। आज इसे प्रायः "फॉरबिडन आईलैंड" कहा जाता है क्योंकि इसकी पहुँच इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा सख्ती से नियंत्रित की जाती है।
- ईरान का मुख्य तेल निर्यात केंद्र: यह द्वीप ईरान का प्राथमिक निर्यात केंद्र बन गया क्योंकि यह अहवाज़, मारुन और गचसारन जैसे प्रमुख तेल क्षेत्रों से पाइपलाइनों द्वारा जुड़ा हुआ है और यह अधिक गहराई के कारण सुपरटैंकरों के आवागमन को सुगम बनाता है।
- ईरान के कुल कच्चे तेल निर्यात का लगभग 90% भाग खर्ग द्वीप से होकर गुज़रता है, यहाँ से प्रतिदिन लगभग 1.3–1.6 मिलियन बैरल तेल का परिसंचरण होता है और इसमें लगभग 30 मिलियन बैरल भंडारण करने की क्षमता है।
- ऐतिहासिक व्यापार केंद्र: खर्ग 10वीं शताब्दी से क्षेत्रीय व्यापार नेटवर्क का हिस्सा रहा है, जो भारत और बसरा (इराक) के बीच आवागमन करने वाले मोती गोताखोरों और व्यापारियों की सेवा करता रहा है।
- बाद में 18वीं शताब्दी में डचों ने इसे किलेबंद किया और 19वीं शताब्दी में अंग्रेज़ों ने इस पर संक्षिप्त रूप से कब्ज़ा कर लिया।
फुजैरा:
- स्थान: फुजैरा संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के सात अमीरातों में से एक है, जो ओमान की खाड़ी के तट पर स्थित है।
- UAE में यह एकमात्र ऐसा अमीरात है, जिसकी फारस की खाड़ी पर कोई तटरेखा नहीं है, जो इसे ऊर्जा परिवहन के लिये सामरिक महत्त्व प्रदान करता है।
- UAE की सीमा पश्चिम और दक्षिण में सऊदी अरब तथा पूर्व एवं उत्तर-पूर्व में ओमान से लगती है। फारस की खाड़ी में इसकी समुद्री सीमा कतर और ईरान के साथ भी लगती है।
- होर्मुज़ जलडमरूमध्य को दरकिनार करना: हबशान-फुजैरा पाइपलाइन UAE के तेल निर्यात को एक संकीर्ण और संवेदनशील समुद्री संकीर्ण मार्ग (चोकप्वाइंट) होर्मुज़ जलडमरूमध्य को दरकिनार करने की अनुमति देती है।
- वैश्विक ऊर्जा केंद्र: फुजैरा का बंदरगाह, विश्व के सबसे बड़े तेल भंडारों में से एक का केंद्र है और सिंगापुर के बाद दूसरा सबसे बड़ा जहाज़ बंकर केंद्र है।

