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गगनयान मिशन के लिये इंटीग्रेटेड एयर ड्रॉप टेस्ट

  • 28 Aug 2025
  • 38 min read

स्रोत: TH  

चर्चा में क्यों?  

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने गगनयान मिशन के लिये अपना पहला इंटीग्रेटेड एयर ड्रॉप टेस्ट (IADT-1) सफलतापूर्वक किया। 

  • IADT-1 का उद्देश्य वास्तविक परिस्थितियों में गगनयान मिशन के क्रू मॉड्यूल (CM) के लिये पैराशूट-आधारित मंदन प्रणाली के प्रदर्शन को सत्यापित करना था। 
  • इस टेस्ट में इसरो (ISRO), रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO), भारतीय वायु सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल के बीच सहयोग शामिल था।

गगनयान मिशन क्या है?

  • परिचय: भारत का पहला मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम, जिसका उद्देश्य 3 अंतरिक्ष यात्रियों के दल को 400 कि.मी. की निम्न पृथ्वी कक्षा (LEO) में 3 दिनों के लिये भेजना और उन्हें सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस लाना है। 
  • मिशन चरण: इसमें मानव रहित परीक्षण मिशन शामिल होंगे, जिनके बाद पहला मानवयुक्त मिशन 2027 की शुरुआत में होने की संभावना है। 
  • महत्त्व: गगनयान की सफलता भारत को उन चुनिंदा देशों (अमेरिका, रूस, चीन) की श्रेणी में शामिल करेगी जिनके पास मानव अंतरिक्ष उड़ान की क्षमता है। 
  • गगनयान के लिये दल प्रशिक्षण: ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर, ग्रुप कैप्टन अजीत कृष्णन, ग्रुप कैप्टन अंगद प्रताप और विंग कमांडर शुभांशु शुक्ला गगनयान मिशन के लिये भारत के नामित अंतरिक्ष यात्री हैं। 
  • चालक दल की सुरक्षा के लिये प्रमुख प्रौद्योगिकियाँ: 
    • ह्यूमन-रेटेड लॉन्च व्हीकल (HLVM3): यह इसरो के LVM3 रॉकेट का संशोधित संस्करण है। इसमें ठोस, द्रव और क्रायोजेनिक चरण शामिल हैं, जिन्हें ह्यूमन-रेटेड लॉन्च व्हीकल की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये पुनर्गठित किया गया है। 
      • यह रॉकेट ऑर्बिटल मॉड्यूल को 400 कि.मी. की निम्न पृथ्वी कक्षा में प्रक्षेपित करने में सक्षम है और इसमें क्रू एस्केप सिस्टम (CES) लगा है, जिसमें हाई बर्न-रेट वाले सॉलिड मोटर्स लगे हैं ताकि प्रक्षेपण या आरोहण के दौरान आपात स्थिति में चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। 
      • CES प्रक्षेपण या आरोहण के दौरान किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षित तरीके से मिशन को निरस्त करने की सुविधा प्रदान करता है। 
    • ओर्बिट्स मॉड्यूल (OM): इसमें जीवन रक्षक, एवियोनिक्स और प्रणोदन प्रणालियों के साथ क्रू मॉड्यूल (CM) और सर्विस मॉड्यूल (SM) स्थित होते हैं। 
      • क्रू मॉड्यूल (CM) एक रहने योग्य अंतरिक्षीय संरचना है, जिसमें पृथ्वी जैसे वातावरण की व्यवस्था की गई है। इसमें दबावयुक्त आंतरिक संरचना और दबावरहित बाहरी संरचना होती है। इसमें चालक दल के इंटरफेस, जीवन-समर्थन प्रणाली और एवियोनिक्स मौजूद होते हैं तथा इसे पुनः प्रवेश के लिये डिज़ाइन किया गया है। 
      • सर्विस मॉड्यूल (SM) कक्षा में CM का समर्थन करता है। यह तापीय प्रणाली, प्रणोदन प्रणाली, विद्युत प्रणाली, एवियोनिक्स और परिनियोजन तंत्र प्रदान करता है, लेकिन यह दबावरहित रहता है। 
  • मिशन तैयारी परीक्षण (Mission Preparatory Tests): 
    • इंटीग्रेटेड एयर ड्रॉप टेस्ट (IADT): पैराशूट और मंदन प्रणालियों का सत्यापन।
    • टेस्ट व्हीकल मिशन (TV): एबॉर्ट और प्रक्षेपण प्रणालियों का परीक्षण।
    • पैड एबॉर्ट टेस्ट (PAT): विभिन्न ऊँचाइयों से क्रू मॉड्यूल की सुरक्षा की जाँच।
    • वॉटर सर्वाइवल टेस्ट फैसिलिटी (WSTF): नौसेना के सहयोग से पुनर्प्राप्ति परीक्षण। 

UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष के प्रश्न (PYQ)

प्रश्न. भारत के उपग्रह प्रमोचित करने वाले वाहनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये: (2018)

  1. PSLV से वे उपग्रह प्रमोचित किये जाते हैं जो पृथ्वी संसाधनों के मानिटरन उपयोगी हैं जबकि GSLV को मुख्यतः संचार उपग्रहों को प्रमोचित करने के लिये अभिकल्पित किया गया है।  
  2. PSLV द्वारा प्रमोचित उपग्रह आकाश में एक ही स्थिति में स्थायी रूप से स्थिर रहते प्रतीत होते हैं जैसा कि पृथ्वी के एक विशिष्ट स्थान से देखा जाता है।   
  3. GSLV Mk III, एक चार स्टेज वाला प्रमोचन वाहन है, जिसमें प्रथम और तृतीय चरणों में ठोस रॉकेट मोटरों का तथा द्वितीय एवं चतुर्थ चरणों में द्रव रॉकेट इंजनों का प्रयोग होता है। 

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

(a) केवल 1 

(b) 2 और 3 

(c) 1 और 2 

(d) केवल 3

उत्तर: (a)

प्रश्न. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये: (2016)

इसरो द्वारा प्रक्षेपित मंगलयान  

  1. को मंगल ऑर्बिटर मिशन भी कहा जाता है।  
  2. के कारण अमेरिका के बाद मंगल ग्रह की परिक्रमा करने वाला भारत दूसरा देश बना।  
  3. ने भारत को अपने अंतरिक्ष यान को अपने पहले ही प्रयास में मंगल ग्रह की परिक्रमा करने में सफल होने वाला एकमात्र देश बना दिया। 

उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

(a) केवल 

(b) केवल 2 और 3 

(c) केवल 1 और 3 

(d) 1, 2 और 3

उत्तर: (c) 


Mains

प्रश्न. भारत ने चन्द्रयान व मंगल कक्षीय मिशनों सहित मानव रहित अंतरिक्ष मिशनों में असाधारण सफलता प्राप्त की है, लेकिन मानव सहित अंतरिक्ष मिशनों में प्रवेश का साहस नहीं किया है । मानव-सहित अंतरिक्ष मिशन लॉन्च करने में प्रौद्योगिकीय व सुप्रचालनिक सहित मुख्य रुकावटें क्या हैं ? समालोचनात्मक परीक्षण कीजिये। (2017)

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