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INS तारागिरि

  • 23 Mar 2026
  • 18 min read

स्रोत: टाइम्स ऑफ इंडिया

भारतीय नौसेना, INS तारागिरि को कमीशन करने जा रही है, जो प्रोजेक्ट 17A का एक स्टील्थ फ्रिगेट है और यह समुद्री निवारक क्षमता एवं स्वदेशी पोत निर्माण को सशक्त करेगा। यह प्रोजेक्ट 17A के तहत चौथा स्टील्थ फ्रिगेट है, जिसमें उन्नत स्टील्थ विशेषताएँ, हथियार और सेंसर शामिल हैं।

INS तारागिरि  

  • स्वदेशी सामर्थ्य: 75% से अधिक स्वदेशी सामग्री वाले इस पोत का निर्माण मझगाँव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) द्वारा किया गया है तथा इसमें 200 से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) की आपूर्ति शृंखला शामिल है, जो रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता (Aatmanirbharta in Defence) पहल के अनुरूप है।
  • स्टील्थ एवं डिज़ाइन: इसमें कम राडार क्रॉस-सेक्शन (RCS) और अधिक चिकनी आकृति है, जो बहुआयामी समुद्री अभियानों के दौरान पहचान से बचने के लिये ‘लीथल स्टील्थ’ प्रदान करती है।
  • हथियार एवं लड़ाकू क्षमता: यह सुपरसोनिक सतह-से-सतह मिसाइलों, मध्यम दूरी की सतह-से-हवा मिसाइलों और विशेषीकृत पनडुब्बीरोधी युद्ध (ASW) उपकरणों से लैस है, जो सभी आधुनिक कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम (CMS) के माध्यम से एकीकृत हैं।
  • प्रेरक प्रणाली: इसमें कंबाइंड डीज़ल या गैस (CODOG) प्रेरक संयंत्र है, जो उच्च गति और दीर्घकालिक क्षमता के साथ बहुउद्देशीय संचालन के लिये डिज़ाइन किया गया है।
  • रणनीतिक भूमिका: लड़ाकू अभियानों के अतिरिक्त, इसका लचीला मिशन प्रोफाइल मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR) और नौसैनिक कूटनीति को भी शामिल करता है तथा यह बढ़ती चीनी नौसैनिक उपस्थिति एवं क्षेत्रीय अस्थिरताओं के प्रति एक सशक्त विकल्प के रूप में कार्य करता है।

प्रोजेक्ट 17A

  • यह भारतीय नौसेना की एक पहल है, जिसके तहत सात उन्नत स्टील्थ गाइडेड-मिसाइल फ्रिगेट्स का निर्माण किया जाएगा।
    • इसमें फ्रिगेट पोत शामिल हैं, जिनमें से प्रत्येक का नाम भारत की प्रमुख पर्वत शृंखलाओं के नाम पर रखा गया है, जैसे कि INS नीलगिरि, INS हिमगिरि, INS उदयगिरि, INS तारागिरि, INS दूनगिरि, INS विंध्यगिरि और INS महेन्द्रगिरि
    • फ्रिगेट एक बहुमुखी, मध्यम आकार का युद्धपोत होता है, जिसे उच्च गति और उत्कृष्ट संचालन क्षमता के लिये डिज़ाइन किया गया है।
  • यह मुख्य रूप से बड़े जहाज़ों (जैसे- विमान वाहक या वाणिज्यिक जहाज़ों) को सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ पनडुब्बीरोधी युद्ध (ASW), वायुरोधी युद्ध (AAW) और सतह-रोधी युद्ध (ASuW) अभियानों को संचालित करने के लिये प्रयुक्त होता है।

और पढ़ें: प्रोजेक्ट 17A: INS हिमगिरि और INS उदयगिरि

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