रैपिड फायर
प्रोजेक्ट 17A: INS हिमगिरि और INS उदयगिरि
- 28 Aug 2025
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दो उन्नत प्रोजेक्ट 17A मल्टी-मिशन स्टील्थ फ्रिगेट, INS उदयगिरि और INS हिमगिरि को नौसेना में शामिल किया गया है, जो भारत के नौसैनिक आधुनिकीकरण में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।
- प्रोजेक्ट 17A: P17A जहाज़ों में अपने P17A (शिवालिक) वर्ग की तुलना में उन्नत स्टेल्थ क्षमताएँ हैं, जिनमें पतवार (हुल) डिज़ाइन और हथियार प्रणालियों में सुधार शामिल है।
- डिज़ाइन में ‘स्टेट ऑफ द आर्ट’ हथियार और सेंसर शामिल हैं, जिनमें सुपरसोनिक सतह-से-सतह मार करने वाली मिसाइलें, मध्यम दूरी की सतह-से-हवा मार करने वाली मिसाइलें और रैपिड-फायर क्लोज-इन वेपन सिस्टम शामिल हैं।
- ये मल्टी-मिशन फ्रिगेट्स ‘ब्लू वाटर’ वातावरण में संचालन के लिये डिज़ाइन किये गए हैं, जिसका अर्थ है कि वे भारत के समुद्री हितों के भीतर पारंपरिक और अपारंपरिक दोनों प्रकार के खतरों से निपट सकते हैं।
- एक एकीकृत प्लेटफॉर्म प्रबंधन प्रणाली (IPMS) भी स्थापित की गई है, जो जहाज़ की कार्यक्षमता और क्रू समन्वय को अनुकूलित करने के लिये है।
- INS हिमगिरी: पहला P-17A स्टील्थ फ्रिगेट, जिसे गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) द्वारा विकसित किया गया है।
- INS उदयगिरि: दूसरा P-17A स्टील्थ फ्रिगेट, जिसे मझगाँव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) द्वारा विकसित किया गया है और यह नौसेना के वारशिप डिज़ाइन ब्यूरो द्वारा डिज़ाइन किया गया 100वाँ जहाज़ भी है।
- क्षमताएँ: ब्रह्मोस मिसाइल, बराक-8 मिसाइल, LRSAM, टॉरपीडो, रॉकेट लॉन्चर, उन्नत राडार और शक्ति इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट से सुसज्जित।
- विरासत: दोनों जहाज़ों के नाम पहले के INS उदयगिरि (1976) और INS हिमगिरि (1974) के ऐतिहासिक नामों को पुनर्जीवित करते हैं, जिन्होंने ऑपरेशन पवन, ऑपरेशन कैक्टस, ऑपरेशन सहायता और अन्य में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
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