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भारत के ड्रोन ईकोसिस्टम का विस्तार

  • 19 Feb 2026
  • 38 min read

स्रोत: पीआईबी

चर्चा में क्यों?

हालिया सरकारी आँकड़े भारत के विनियमित ड्रोन ईकोसिस्टम के तीव्र विस्तार पर प्रकाश डालते हैं, जो प्रशासन, कृषि, अवसंरचना निगरानी और राष्ट्रीय सुरक्षा को रूपांतरित कर रहा है।

भारत का ड्रोन नियामक ढाँचा क्या है?

  • नियामक ढाँचा: ड्रोन नियम, 2021 (वर्ष 2022 और 2023 के संशोधनों के साथ) ने प्रक्रियाओं को सरल बनाकर और परिचालन दायरे का विस्तार करके भारत के ड्रोन ईकोसिस्टम को महत्त्वपूर्ण रूप से उदार बनाया है।
    • इनमें हुए सुधारों के तहत अनुमोदन और फॉर्म की संख्या घटाई गई, शुल्क को युक्तिसंगत किया गया, ग्रीन एयरस्पेस तक पहुँच का विस्तार किया गया, व्यापक नागरिक उपयोग की अनुमति दी गई और पारंपरिक पायलट लाइसेंस के स्थान पर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA)  द्वारा जारी किये जाने वाले रिमोट पायलट सर्टिफिकेट लागू किये गए।
  • डिजिटल गवर्नेंस प्लेटफॉर्म: 'डिजिटल स्काई' प्लेटफॉर्म और 'नागरिक विमानन हेतु ई-गवर्नेंस' (eGCA) सिंगल-विंडो सिस्टम के माध्यम से ड्रोन पंजीकरण, पायलट सर्टिफिकेशन, 'टाइप सर्टिफिकेशन' और एयरस्पेस अनुमति की सुविधा प्रदान करते हैं।
    • फरवरी 2026 तक, 38,500 से अधिक ड्रोन पंजीकृत किये गए और लगभग 39,900 रिमोट पायलट सर्टिफिकेट जारी किये गए, जिससे देश भर में विनियमित ड्रोन संचालन सक्षम हुआ है।
  • विनिर्माण सहायता: ₹120 करोड़ के परिव्यय वाली उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजना घरेलू ड्रोन और उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा देती है और स्टार्टअप्स एवं MSME को सहायता प्रदान करती है।
  • कर प्रोत्साहन: ड्रोन पर GST को घटाकर 5% कर दिया गया है, जिससे लागत कम हुई है और वाणिज्यिक अभिग्रहण एवं प्रशिक्षण संबंधी बुनियादी ढाँचे को बढ़ावा मिला है।
  • क्षमता निर्माण: स्वायान कार्यक्रम प्रशिक्षण और साझेदारी के माध्यम से मानवरहित विमान प्रणालियों (UAS) में मानव संसाधन विकास पर केंद्रित है, जबकि नेशनल इनोवेशन चैलेंज फॉर ड्रोन एप्लीकेशन एंड रिसर्च (NIDAR) स्वायत्त ड्रोन नवाचार और स्टार्टअप इन्क्यूबेशन को प्रोत्साहित करती है।

ड्रोन के प्रमुख अनुप्रयोग क्या हैं?

  • कृषि क्षेत्र: नमो ड्रोन दीदी योजना, नवंबर 2023 में शुरू की गई, जिसका उद्देश्य महिला स्व सहायता समूहों (SHG) को आधुनिक कृषि प्रथाओं को बढ़ावा देने, कृषि दक्षता और फसल उत्पादकता में सुधार करने, निवेश लागत को कम करने और महिलाओं के लिये सतत आजीविका अवसरों का सृजन करने के लिये ड्रोन प्रदान करना है।
  • भूमि मानचित्रण (स्वामित्व योजना): स्वामित्व योजना के तहत, ड्रोन सर्वेक्षण ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों का मानचित्र तैयार करते हैं, जिससे भूमि विवाद कम होते हैं और बैंक ऋण तक पहुँच में सुधार होता है, लगभग 3.28 लाख गाँवों में मानचित्रण पूरा किया गया है, जिसमें 2.76 करोड़ संपत्ति कार्ड तैयार किये गए हैं।
  • राजमार्ग निगरानी (NHAI परियोजनाएँ): मासिक ड्रोन रिकॉर्डिंग निर्माण प्रगति पर नज़र रखती हैं, परियोजना चरणों की तुलना करने में सक्षम बनाती हैं और विवाद समाधान तथा गुणवत्ता सत्यापन में डिजिटल साक्ष्य के रूप में कार्य करती हैं।
  • आपदा प्रबंधनः प्राकृतिक आपदाओं के दौरान ड्रोन भारत की प्रतिक्रिया को बढ़ा रहे हैं, नॉर्थ-ईस्ट सेंटर फॉर टेक्नोलॉजी एप्लीकेशन एंड रीच (NECTAR) ने एक विशेष ड्रोन प्रणाली विकसित की है जो लंबे समय तक वायु में स्थिर रह सकती है, भारी उपकरण ले जा सकती है, बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी कर सकती है तथा बचाव दलों को स्थितियों का त्वरित आकलन करने और तेज़ी से बेहतर समन्वित खोज और बचाव अभियान चलाने में मदद करने के लिये लाइव हवाई दृश्य प्रसारित कर सकती है।
  • रेलवे निगरानीः रेलवे ट्रैक, पुल और यार्डों का निरीक्षण करने के लिये ड्रोन तैनात करती है, जबकि रेलवे सुरक्षा बल उनका उपयोग निगरानी, भीड़ निगरानी और अतिक्रमण को रोकने के लिये करता है।
  • रक्षा क्षेत्र: ड्रोन सीमा निगरानी, खुफिया जानकारी एकत्र करने और सटीक हमलों में सहायता करते हैं, जैसा कि ऑपरेशन सिंदूर में देखा गया है, साथ ही, महत्त्वपूर्ण अवसंरचना की रक्षा करने और खतरों का तेज़ी से जवाब देने के लिये वायु रक्षा प्रणालियों और रडार नेटवर्क के साथ काम करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. स्वामित्व योजना क्या है?
यह ड्रोन-आधारित ग्रामीण मानचित्रण कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य संपत्ति अभिलेखीकरण तथा भूमि विवादों के समाधान को सुनिश्चित करना है।

2. डिजिटल स्काई क्या है?
यह भारत में ड्रोन पंजीकरण, प्रमाणीकरण तथा वायु-क्षेत्र अनुमतियों हेतु एक ऑनलाइन मंच है।

3. नमो ड्रोन दीदी क्या है?
यह एक योजना है जिसके अंतर्गत महिला स्वयं सहायता समूहों को ड्रोन उपलब्ध कराए जाते हैं, ताकि सटीक कृषि को बढ़ावा दिया जा सके और ग्रामीण आजीविका सुदृढ़ हो।

UPSC सिविल सेवा परीक्षा के विगत वर्ष के प्रश्न (PYQ)

प्रिलिम्स

प्रश्न. निम्नलिखित गतिविधियों पर विचार कीजिये: (2020)

1. खेत में कीटनाशकों का छिड़काव।

2. सक्रिय ज्वालामुखियों के क्रेटर्स का निरीक्षण।

3. डीएनए विश्लेषण हेतु स्पाउटिंग व्हेल से साँस के नमूने एकत्र करना।

प्रौद्योगिकी के वर्तमान स्तर पर ड्रोन का उपयोग करके उपरोक्त में से कौन-सी गतिविधियों को सफलतापूर्वक किया जा सकता है?

(a) केवल 1 और 2 

(b) केवल 2 और 3

(c) केवल 1 और 3

(d) 1, 2 और 3

उत्तर: (d)

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