रैपिड फायर
ऊर्जा दक्षता ब्यूरो का स्थापना दिवस
- 06 Mar 2026
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ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE) ने 1 मार्च, 2026 को अपने 25वें स्थापना दिवस का आयोजन किया, जिसमें नवीन डिजिटल पहलों का शुभारंभ किया गया तथा ऊर्जा दक्षता को देश का "फर्स्ट फ्यूल" तथा ऊर्जा सुरक्षा, वहनीयता एवं स्थिरता के संतुलन के लिये प्रमुख साधन के रूप में पुनः प्रतिपादित किया गया।
- रिन्यूएबल कंजम्पशन ऑब्लिगेशन (RCO) पोर्टल, BEE स्टार लेबल मोबाइल ऐप तथा BEE@25 लोगो का शुभारंभ निगरानी को सशक्त बनाने, उपभोक्ताओं को सशक्त करने तथा ऊर्जा दक्षता को राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में BEE की प्रतिबद्धता के प्रतीक के लिये किया गया।
- रिन्यूएबल कंजम्पशन ऑब्लिगेशन (RCO) ऊर्जा संरक्षण (संशोधन) अधिनियम, 2022 के अंतर्गत एक अनिवार्य नीतिगत प्रणाली है, इसके तहत निर्दिष्ट उपभोक्ताओं के लिये यह आवश्यक है कि वे विद्युत की खपत का एक न्यूनतम निर्धारित प्रतिशत पात्र गैर-जीवाश्म स्रोतों (मुख्य रूप से नवीकरणीय ऊर्जा, जैसे– सौर, पवन, जलविद्युत, बायोमास आदि) से प्राप्त करें।
ऊर्जा दक्षता ब्यूरो
- परिचय: BEE विद्युत मंत्रालय के अधीन एक वैधानिक निकाय है, जिसकी स्थापना 1 मार्च, 2002 को ऊर्जा संरक्षण अधिनियम, 2001 के अंतर्गत की गई।
- उद्देश्य: इसका प्राथमिक उद्देश्य उद्योग, भवनों, परिवहन, कृषि एवं उपकरण क्षेत्रों को संलग्न करके समन्वित प्रयासों द्वारा ऊर्जा तीव्रता (आर्थिक उत्पादन इकाई प्रति ऊर्जा उपयोग) को कम करना है।
- उत्सर्जन न्यूनीकरण प्रभाव: भारत ने वर्ष 2005 के स्तर से GDP की उत्सर्जन तीव्रता में 36% कमी हासिल की है तथा 52% गैर-जीवाश्म ईंधन स्थापित क्षमता प्राप्त की है — वर्ष 2030 के जलवायु लक्ष्यों से बहुत पहले।
- संस्थागत समन्वय: BEE राज्य निर्दिष्ट एजेंसियों (SDA) के माध्यम से राज्य स्तर पर ऊर्जा दक्षता कार्यक्रमों को कार्यान्वित करता है, जिससे राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण नीतियों का संघीय समन्वय एवं स्थानीय कार्यान्वयन सुनिश्चित होता है।
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