प्रारंभिक परीक्षा
एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम (ACC-PLI)
- 14 Feb 2026
- 37 min read
चर्चा में क्यों?
हाल ही में प्रकाशित एक रिपोर्ट में भारत की एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (ACC-PLI) योजना के कार्यान्वयन में आने वाली गंभीर चुनौतियों पर प्रकाश डाला गया है।
ACC-PLI योजना क्या है?
- परिचय: भारी उद्योग मंत्रालय द्वारा अक्तूबर, 2021 में शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य अगली पीढ़ी के बैटरी सेल, विशेष रूप से इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) और ऊर्जा भंडारण प्रणालियों में उपयोग की जाने वाली लिथियम-आयन बैटरी के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना है।
- एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल्स लिथियम-आयन जैसी तकनीकों का उपयोग करते हैं, जो वाहनों और इनवर्टर में पारंपरिक रूप से उपयोग की जाने वाली लेड-एसिड बैटरी के विपरीत उच्च ऊर्जा घनत्व, लंबी आयु और तीव्र चार्जिंग प्रदान करते हैं।
- उद्देश्य: इस योजना का उद्देश्य कैथोड, एनोड और इलेक्ट्रोलाइट निर्माण सहित एक घरेलू बैटरी आपूर्ति शृंखला विकसित करना है , ताकि आयात पर निर्भरता (विशेष रूप से चीन पर) कम की जा सके, निजी निवेश और वैश्विक प्रौद्योगिकी साझेदारी को आकर्षित किया जा सके, बैटरी की लागत कम की जा सके, साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों एवं ऊर्जा भंडारण को अपनाने में तेज़ी लाई जा सके।
- लक्ष्य: इस योजना का लक्ष्य 2026 तक 50 GWh की बैटरी निर्माण क्षमता का सृजन करना है, जिसके लिये 18,100 करोड़ रुपये का वित्तीय परिव्यय किया गया है।
- प्रोत्साहन: निर्माताओं को बेची गई बैटरी के प्रति किलोवाट-घंटे पर 2,000 रुपये तक का प्रोत्साहन दिया जाता है, बशर्ते न्यूनतम निवेश 1,100 करोड़ रुपये हो और घरेलू मूल्यवर्द्धन की आवश्यकताएँ चरणबद्ध तरीके से पूरी की जानी चाहियें (दो साल के भीतर 25% और पाँच साल के भीतर 60%)।
- शुरुआती उत्साह के बावजूद, प्रस्तावित 50 गीगावाट क्षमता में से केवल 30 गीगावाट क्षमता ही आवंटित की गई थी और अक्तूबर 2025 तक केवल 1.4 गीगावाट क्षमता ही संचालित की गई है, जबकि 8.6 गीगावाट क्षमता विकास के अधीन है, लेकिन उसमें देरी हो रही है।
- स्थिति: चूँकि बैटरी का उत्पादन शुरू नहीं हुआ है, इसलिये 2,900 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले कोई प्रोत्साहन राशि वितरित नहीं की गई है तथा परियोजना का कार्यान्वयन धीमा हो गया है, कुछ कंपनियों ने विस्तार योजनाओं में कटौती की है।
- इसके कारण अपेक्षाओं और वास्तविक परिणामों में बड़ा अंतर आया है। अनुमानित 1.03 मिलियन नौकरियों के मुकाबले केवल 1,118 नौकरियाँ ही सृजित हुईं और साथ ही, इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में वृद्धि भी अनुमानों से कम रही है।
उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (PLI)
- परिचय: मार्च 2020 में शुरू की गई उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव- PLI) का उद्देश्य घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना, आयात को कम करना और रोज़गार सृजित करना है, जिसकी शुरुआत तीन क्षेत्रों से हुई तथा बाद में इसका विस्तार 14 प्रमुख क्षेत्रों तक किया गया।
- कार्यप्रणाली: PLI योजना के तहत, घरेलू और विदेशी दोनों कंपनियों को भारत में विनिर्माण के लिये वित्तीय प्रोत्साहन प्राप्त होते हैं, जिनकी गणना पाँच साल तक की अवधि में राजस्व में वृद्धि के प्रतिशत के रूप में की जाती है।
- लक्षित क्षेत्र: इसमें मोबाइल विनिर्माण, ऑटोमोबाइल और ऑटो घटक, फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, वस्त्र, सौर पीवी मॉड्यूल, एसीसी बैटरी और ड्रोन शामिल हैं।
- प्रोत्साहन: यह बिक्री में वृद्धि से जुड़े होते हैं, साथ ही चुनिंदा क्षेत्रों का मूल्यांकन प्रदर्शन और स्थानीय मूल्यवर्द्धन के आधार पर भी किया जाता है, जबकि वैश्विक प्रतिस्पर्द्धा के लिये अनुसंधान एवं विकास निवेश को बढ़ावा दिया जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. ACC-PLI योजना क्या है?
यह एक सरकारी योजना है, जिसे वर्ष 2021 में उन्नत बैटरी सेल, विशेष रूप से इलेक्ट्रिक वाहनों और ऊर्जा भंडारण में उपयोग होने वाली लिथियम-आयन बैटरी के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिये शुरू किया गया था।
2. एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल्स क्या हैं?
आधुनिक उच्च-प्रदर्शन वाली बैटरियाँ हैं, जिनमें पारंपरिक लेड-एसिड बैटरियों की तुलना में उच्च ऊर्जा घनत्व, लंबी आयु और तीव्र चार्जिंग की क्षमता होती है।
3. यह योजना भारत के लिये क्यों महत्त्वपूर्ण है?
यह बैटरी के आयात को कम करने, स्थानीय आपूर्ति शृंखला बनाने और इलेक्ट्रिक वाहनों एवं स्वच्छ ऊर्जा भंडारण के विकास में सहायता करती है।
UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष के प्रश्न (PYQs)
प्रिलिम्स:
प्रश्न. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये: (2023)
कथन-I: वस्तुओं के वैश्विक निर्यात में भारत का निर्यात 3.2% है।
कथन-II: भारत में कार्यरत अनेक स्थानीय कंपनियों एवं भारत में कार्यरत कुछ विदेशी कंपनियों ने भारत की ‘उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव)’ योजना का लाभ उठाया है।
उपर्युक्त कथनों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा एक सही है?
(a) कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं तथा कथन-II, कथन-I की सही व्याख्या है।
(b) कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं तथा कथन-II, कथन-I की सही व्याख्या नहीं है।
(c) कथन-I सही है किंतु कथन-II सही नहीं है।
(d) कथन-I सही नहीं है किंतु कथन-II सही है।
उत्तर: (d)