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सामाजिक न्याय

भारत में महिला वैज्ञानिक

  • 23 Aug 2022
  • 7 min read

प्रिलिम्स के लिये:

विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, विज्ञान ज्योति कार्यक्रम, विज्ञान प्रौद्योगिकी इंजीनियरिंग और गणित (STEM), CURIE कार्यक्रम, गति कार्यक्रम।

मेन्स के लिये:

विज्ञान और संबद्ध सरकारी पहल में महिलाओं का प्रतिनिधित्त्व।

चर्चा में क्यों?

विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) द्वारा संकलित डेटा के अनुसार, वर्ष 2018-19 में बाह्य अनुसंधान और विकास परियोजनाओं में प्रतिभागियों में से 28% महिलाएँ थीं, जो वर्ष 2000-01 की तुलना में 13% अधिक हैं, यह सरकार द्वारा की गई विभिन्न सकारात्मक पहलों का परिणाम है।

  • मंत्रालय का लक्ष्य वर्ष 2030 तक विज्ञान और प्रौद्योगिकी (S&T) में महिलाओं की भागीदारी को 30% तक बढ़ाना है।
  • वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (Council of Scientific and Industrial Research -CSIR) की पहली महिला महानिदेशक के रूप में डॉ एन. कलाइसेल्वी की हालिया नियुक्ति ने विज्ञान अनुसंधान में महिलाओं की भागीदारी की महत्त्वपूर्ण प्रवृत्ति को रेखांकित किया।

प्रमुख बिंदु

  • DST निष्कर्ष:
    • शोध एवं अनुसंधान के क्षेत्र में मुख्य अनुसंधानकर्त्ता महिलाओं की संख्या वर्ष 2000-01 में 232 से बढ़कर वर्ष 2016-17 में 941 हो गई थी।
    • शोधकर्त्ताओं में महिलाओं का प्रतिशत वर्ष 2015 में 13.9% से बढ़कर वर्ष 2018 में 18.7% हो गया।
    • जबकि समग्र डेटा ऊपर की ओर रुझान दिखाते हैं, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी में महिला शोधकर्त्ता प्राकृतिक विज्ञान, स्वास्थ्य और कृषि की तुलना में कम हैं।
      • हालाँकि, सामाजिक विज्ञान और मानविकी में महिला शोधकर्त्ताओं का प्रतिशत 36.4% से बहुत अधिक है।
    • डॉक्टरेट के बाद के स्तर पर, वैश्विक औसत से कम महिला शोधकर्त्ता हैं।
    • स्नातकोत्तर स्तर तक महिलाओं की स्वस्थ भागीदारी है।
      • लेकिन अधिकांश शोध अनुसंधान वाले पोस्ट-डॉक्टरेट स्तर पर महिला भागीदारी में कमी है, हालाँकि यह अनुपात बढ़ रहा है लेकिन अभी भी वैश्विक औसत के 30% के  से बहुत कम है।
  • उच्च शिक्षा पर अखिल भारतीय सर्वेक्षण (AISHE) 2019:
    • AISHE के अनुसार, स्नातक स्तर पर विज्ञान शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी क्रमश: 53% और स्नातकोत्तर स्तर पर 55% है।
      • लेकिन डॉक्टरेट स्तर पर, 44% महिला स्नातक पुरुषों के 56% से कम हैं।

विज्ञान क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी की समग्र स्थिति:

  • राष्ट्रीय स्थिति :
    • भारत में विज्ञान शोधकर्त्ताओं की संख्या वर्ष 2014 में 30,000 से दोगुनी होकर वर्ष 2022 में 60,000 से अधिक हो गई है।
    • जैव प्रौद्योगिकी में महिलाओं की भागीदारी सबसे अधिक 40% और चिकित्सा में 35% है।
  • विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग:
    • विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के 97 वैज्ञानिकों में से 35 महिलाएँ हैं।
    • सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि DST में 18 में से 11 डिवीजन का नेतृत्त्व महिलाओं द्वारा किया जा रहा है तथा यह किसी भी सरकारी विभाग में नेतृत्त्व करने वाली महिलाओं का सबसे बड़ा प्रतिशत है।
  • अन्य संस्थान:
    • आपदा रोधी अवसंरचना के लिये गठबंधन (CDRI) में 18%, राष्ट्रीय औषधीय शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (NIPER), हैदराबाद में 21% और बंगलुरु में डिफेंस बायो-इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रो-मेडिकल लैब (DEBEL) में महिलाओं की हिस्सेदारी 33% हैं।
    • दिल्ली विश्वविद्यालय में महिलाओं की भागीदारी 33% है, जबकि असम में तेजपुर विश्वविद्यालय में 17% है।

विज्ञान के क्षेत्र में महिलाओं के लिये सरकार द्वारा की गई पहल:

  • संस्थानों में बदलाव हेतु लैंगिक उन्नति (GATI)/ गति:
    • विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) द्वारा संस्थानों में बदलाव हेतु लैंगिक उन्नति (GATI) के लिये लैंगिक उन्नत्ति कार्यक्रम लॉन्च किया गया था।
    • यह विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) में लैंगिक समानता का आकलन करने के लिये एक व्यापक चार्टर और एक रूपरेखा विकसित करेगा।
    • गति के पहले चरण में DST द्वारा 30 शैक्षिक और अनुसंधान संस्थानों का चयन किया गया है, जिसमें नेतृत्त्व भूमिका संकाय में महिलाओं की भागीदारी और महिला छात्रों और शोधकर्त्ताओं की संख्या पर ध्यान दिया गया है।
  • विज्ञान ज्योति योजना:
    • विज्ञान ज्योति योजना, DST द्वारा शुरू की गई है।
    • इसका उद्देश्य हाई स्कूल में मेधावी लड़कियों के लिये विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) को उनकी उच्च शिक्षा में आगे बढ़ाने के लिये एक समान अवसर प्रदान करना है।
    • यह ग्रामीण पृष्ठभूमि की छात्राओं को विज्ञान के क्षेत्र में स्कूल से उनकी पसंद की नौकरी तक की यात्रा की योजना बनाने में मदद करने के लिये एक्सपोजर भी प्रदान करता है।
  • विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, गणित और चिकित्सा (STEMM) कार्यक्रम में महिलाओं के लिये भारत-अमेरिका फैलोशिप:
    • महिला वैज्ञानिक अमेरिका में रिसर्च लैब में काम कर सकती हैं।
  • महिला विश्वविद्यालयों में नवाचार और उत्कृष्टता के लिये विश्वविद्यालय अनुसंधान का समेकन (CURIE) कार्यक्रम:
    • महिला विश्वविद्यालयों में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में उत्कृष्टता पैदा करने के लिये अनुसंधान एवं विकास अवसंरचना में सुधार करना और अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाओं की स्थापना करना।

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

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