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अंतर्राष्ट्रीय संबंध

सातवाँ अंतर्राष्‍ट्रीय पर्यटन मार्ट

  • 23 Nov 2018
  • 4 min read

चर्चा में क्यों?


भारत सरकार का पर्यटन मंत्रालय 22 से 24 नवंबर तक त्रिपुरा के अगरतला में अंतर्राष्‍ट्रीय पर्यटन मार्ट का आयोजन कर रहा है। केंद्रीय पर्यटन विभाग, त्रिपुरा सरकार और पूर्वोत्तर राज्‍यों के सहयोग से इसका आयोजन हर वर्ष किया जाता है।

International Tourism Mart

क्या है अंतर्राष्‍ट्रीय पर्यटन मार्ट?

  • अंतर्राष्‍ट्रीय पर्यटन मार्ट का यह सातवाँ संस्‍करण है।
  • इस वर्ष पर्यटन मार्ट की थीम Adventure Tourism रखी गई है।
  • इसका आयोजन हर वर्ष पूर्वोत्तर क्षेत्र में किया जाता है।
  • इसका उद्देश्‍य घरेलू और अंतर्राष्‍ट्रीय बाजारों में पूर्वोत्तर क्षेत्र की पर्यटन संभावनाओं को उजागर करना है।
  • यह पर्यटन मार्ट आठों पूर्वोत्तर राज्‍यों के पर्यटन कारोबार जुड़े समुदायों और उद्यमियों को एक साथ मिलने का मंच उपलब्ध कराता है।
  • पर्यटन मार्ट के दौरान विश्‍व भर के कई देशों के साथ-साथ भारत के विभिन्‍न क्षेत्रों के क्रेता पूर्वोत्तर क्षेत्र के विक्रेताओं के साथ कारोबार संबंधी बैठकें करते हैं।
  • इस पर्यटन मार्ट में 18 देशों के 41 विदेशी प्रतिनिधि भी हिस्सा ले रहे हैं।
  • इनमें ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, चीन, फ्राँस, इंडोनेशिया, जापान, केन्या, मलेशिया, म्यांमार, नीदरलैंड्स, न्यूज़ीलैंड, रूस, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, स्पेन, थाईलैंड, यूएई और अमेरिका शामिल हैं।
  • पूर्वोत्तर क्षेत्र के पर्यटन उत्‍पादों के आपूर्तिकर्त्ताओं को अंतर्राष्‍ट्रीय एवं घरेलू खरीदारों तक अपनी पहुँच सुनिश्चित करने का मौका मिलता है।
  • पूर्वोत्तर राज्‍यों में अंतर्राष्‍ट्रीय पर्यटन मार्ट का आयोजन बारी-बारी से होता है।
  • इससे पहले अंतर्राष्‍ट्रीय पर्यटन मार्ट गुवाहाटी, तवांग, शिलांग, गंगटोक और इम्‍फाल में आयोजित हो चुके हैं।
  • छठा अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मार्ट दिसंबर 2017 में गुवाहाटी में आयोजित हुआ था।

‘एक्ट ईस्ट’ नीति के मद्देनज़र भी महत्त्वपूर्ण


अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मार्ट के आयोजन का उद्देश्य क्षेत्र में पर्यटन की संभावना को घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाजार के सामने प्रस्तुत करना है। भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा एवं सिक्किम शामिल हैं। इन सभी राज्यों में पर्यटन की दृष्टि से व्‍यापक आकर्षक विविधताएँ देखने को मिलती हैं। इस पर्यटन मार्ट से भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति के तहत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्थाओं में से एक आसियान के सदस्य देशों के पर्यटन क्षेत्र और भारत के उभरते हुए पर्यटन बाजार को एक साथ लाकर उसे बढ़ावा देने का अवसर भी मिलता है। आसियान के द्वार के रूप में पूर्वोत्तर राज्यों में पर्यटन को प्रोत्साहन देने से भारत और इन देशों के लोगों के बीच आपसी संपर्क को भी बढ़ावा मिलता है।


स्रोत: PIB+इंडियन एक्सप्रेस

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