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Rapid Fire (करेंट अफेयर्स): 21 जुलाई, 2020

  • 21 Jul 2020
  • 6 min read

मुख्यमंत्री घर-घर राशन योजना

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में डोर स्टेप राशन डिलीवरी योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना का नाम 'मुख्यमंत्री घर-घर राशन योजना' होगा। इस योजना के तहत अब लोगों को राशन की दुकान पर नहीं जाना पड़ेगा। सरकार के द्वारा लोगों के दरवाजे पर सम्मानपूर्वक राशन पहुँचाने की व्यवस्था की जाएगी। इस योजना के अंतर्गत भारतीय खाद्य निगम के गोदाम से गेहूँ लिया जाएगा और उसे पिसवाया जाएगा, चावल और चीनी आदि की भी पैकिंग की जाएगी और उसे लोगों के घर-घर तक पहुँचाया जाएगा। जिस दिन दिल्ली में राशन की होम डिलीवरी शुरू होगी उसी दिन केंद्र सरकार की 'वन नेशन वन राशन कार्ड' की योजना दिल्ली में लागू कर दी जाएगी। लोगों को यह विकल्प दिया जाएगा कि जो परिवार दुकान पर जाकर राशन लेना चाहेगा, वह दुकान पर जाकर ले सकता है और यदि कोई  होम डिलीवरी चाहता  है तो वह उसका विकल्प इस्तेमाल कर सकते हैं।

ज़ोरम मेगा फूड पार्क

केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्रीमती हरसिमरत कौर बादल ने आज वर्चुअल सम्मेलन के माध्यम से मिज़ोरम के कोलासिब में ज़ोरम मेगा फूड पार्क लिमिटेड का उद्घाटन किया। लगभग 75 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित और 55 एकड़ में फैले फूड पार्क से प्रत्यक्ष तौर पर 25,000 किसानों को लाभ होगा और इस क्षेत्र के 5,000 से अधिक लोगों को रोज़गार के अवसर मिलेंगे। उत्तर–पूर्व विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने ज़ोरम मेगा फूड पार्क के उद्घाटन का स्वागत करते हुए कहा कि इससे बिचौलियों को दूर कर क्षेत्र के किसानों की आय दोगुनी करने में मदद मिलेगी। उन्होंने क्षेत्र में किसी प्रसंस्करण इकाई के अभाव में लगभग 40 प्रतिशत फलों की बर्बादी का उल्लेख करते हुए कहा कि समृद्ध और उच्च किस्म के फलों को भारत के प्रमुख महानगरीय शहरों में शुद्ध पैकेज्ड जूस के रूप में बेचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र में अपनी समृद्ध खेती और बागवानी उत्पादों के कारण दुनिया का जैविक केंद्र बनने की क्षमता है।

आध्यात्मिक त्रिकोण ‘महेश्वर, मांडु और ओंकारेश्वर’

भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने देखो अपना देश श्रृंखला के तहत आध्यात्मिक त्रिकोण ‘महेश्वर, मांडु और ओंकारेश्वर’ पर 42वें वेबिनार का आयोजन किया। इस वेबिनार में मध्य प्रदेश में स्थित महेश्वर, मांडु और ओंकारेश्वर के आध्यात्मिक त्रिकोण के तहत आने वाले गंतव्यों के मनोहारी प्राकृतिक छटाओं की समृद्धि का प्रदर्शन किया गया और इस तरह दर्शकों को इन मनोरम स्थानों से परिचित कराया गया। देखो अपना देश वेबिनार श्रृंखला ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के तहत भारत की समृद्ध विविधता को प्रदर्शित करने का एक प्रयास है और यह वर्चुअल मंच के माध्यम से लगातार एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना का प्रसार कर रहा है। इस आध्यात्मिक त्रिकोण का पहला पड़ाव महेश्वर या महिष्मती है जो ऐतिहासिक महत्व के साथ मध्य प्रदेश के शांत और मनोरम स्थलों में से एक है। इस शहर का नाम शहर का नाम भगवान शिव/महेश्वर के नाम पर पड़ा है जिसका उल्लेख महाकाव्य रामायण और महाभारत में भी मिलता है। ओंकारेश्वर में 33 देवता हैं और दिव्य रूप में 108 प्रभावशाली शिवलिंग हैं और यह नर्मदा के उत्तरी तट पर स्थित एकमात्र ज्योतिर्लिंग है। ओंकारेश्वर इंदौर से 78 किलोमीटर दूर मध्य प्रदेश का एक आध्यात्मिक शहर है। मध्य प्रदेश राज्य के धार जिले में स्थित मांडू को मांडवगढ़, शादियाबाद (आनंद का शहर) के नाम से भी जाना जाता है। मांडू मुख्य रूप से सुल्तान बाज बहादुर और रानी रूपमती की प्रेम कहानी के लिये जाना जाता है।

लालजी टंडन

हाल ही में मध्यप्रदेश के पूर्व राज्यपाल व भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालजी टंडन का निधन हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालजी टंडन के निधन पर दुख व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर लिखा कि लालजी टंडन को उनकी समाज सेवा के लिये याद किया जाएगा। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी को उत्तर प्रदेश में मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई। लालजी टंडन का जन्म 12 अप्रैल 1935 को लखनऊ में हुआ था। लालजी टंडन ने राजनीतिक सफर की शुरुआत वर्ष 1960 में की थी। वर्ष 1978 से 1984 और वर्ष 1990 से 96 तक लालजी टंडन दो बार उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य भी रहे। लालजी टंडन जुलाई 2019 में मध्यप्रदेश के 22वें राज्यपाल के रूप में नियुक्त हुए थे। इससे पूर्व उन्होंने बिहार के राज्यपाल के रूप में भी सेवाएँ दी थी। 

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