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प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी

  • 25 Jun 2022
  • 9 min read

प्रिलिम्स के लिये:

प्रधानमंत्री आवास योजना- शहरी (PMAY-U), जियोटैगिंग 

मेन्स के लिये:

पीएमएवाई-यू, कल्याण योजनाएंँ, सरकारी नीतियांँ और हस्तक्षेप। 

चर्चा में क्यों? 

हाल ही में प्रधानमंत्री आवास योजना- शहरी (PMAY-U) ने अपने सफल कार्यान्वयन के सात वर्ष पूरे कर लिये हैं। 

  • कुल 8.31 लाख करोड़ रुपए के निवेश के साथ PMAY-U ने अब तक 122.69 लाख घरों को मंज़ूरी दी है, जिनमें से 1 करोड़ से अधिक घरों की नींव रखी जा चुकी है और 61 लाख से अधिक घरों को पूरा किया गया है तथा लाभार्थियों को वितरित किया गया है। 

PMAY

प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी: 

  • परिचय: 
    • प्रधान मंत्री आवास योजना (PMAY) आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MOHUA) द्वारा कार्यान्वित शहरीआवास के लिये सरकार के मिशन - 2022 तक सभी के लिये आवास के अंतर्गत आती है। 
    • यह शहरी गरीबों के लिये समान मासिक किस्तों (EMI) के पुनर्भुगतान के दौरान गृह ऋण की ब्याज दर पर सब्सिडी प्रदान करके गृह ऋण को किफायती बनाता है। 
  • लाभार्थी: 
    • मिशन स्लमवासियों सहित EWS/LIG और MIG श्रेणियों के बीच शहरी आवास की कमी को संदर्भित करता है। 
      • आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग (EWS) - 3,00,00 रुपए की अधिकतम वार्षिक पारिवारिक आय के साथ। 
      • निम्न आय समूह - 6,00,000 रुपए की अधिकतम वार्षिक पारिवारिक आय के साथ) और 
      • मध्यम आय समूह (MIG-I और II) जिनकी पारिवारिक वार्षिक आय 18,00,000 रुपए है)। 
      • लाभार्थी परिवार में पति, पत्नी, अविवाहित बेटे और/या अविवाहित बेटियांँ शामिल होंगी। 
  • PMAY-U के चार कार्यक्षेत्र: 
    • स्व-स्थान मलिन बस्ती पुनर्विकास (ISSR): 
      • पात्र मलिनवासियों को घर उपलब्ध कराने के लिये निजी क्षेत्र की भागीदारी के साथ इसको "संसाधन के रूप में भूमि" की अवधारणा के साथ ऊर्ध्वाधर रूप से लागू किया जाएगा। 
        • मलिन बस्ती: यह कम से कम 300 लोगों या लगभग 60-70 घरों का एक सघन क्षेत्र होता है जहांँ आमतौर पर खराब रूप से निर्मित भीड़भाड़ वाले मकान, अस्वच्छ वातावरण, अपर्याप्त बुनियादी ढांँचे, उचित स्वच्छता और पेयजल की सुविधाओं की कमी होती है। 
    • क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी (CLSS) के माध्यम से किफायती आवास: 
      • EWS, LIG, MIG (I & II) के लाभार्थी जो बैंकों, हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों और ऐसे अन्य संस्थानों से आवास ऋण प्राप्त करने एवं नए घरों के निर्माण या इन्हें बढ़ाने के लिये आवास ऋण की मांग कर रहे हैं, वे ब्याज़ सब्सिडी के पात्र हैं: 
        • 6 लाख रुपए तक की ऋण राशि 6.5% ब्याज़ सब्सिडी पर 
        • 9 लाख रुपए तक की ऋण राशि 4% ब्याज़ सब्सिडी पर 
        • 12 लाख रुपए तक की ऋण राशि 3% ब्याज़ सब्सिडी पर 
    • साझेदारी के माध्यम से किफायती आवास (AHP): 
      • किफायती आवास परियोजना विभिन्न श्रेणियों के घरों का मिश्रण हो सकती है, यदि परियोजना में कम-से-कम 35% घर EWS श्रेणी में हैं तो यह केंद्रीय सहायता के लिये पात्र होगी। 
    • लाभार्थी के नेतृत्व में व्यक्तिगत घर निर्माण (BLC): 
      • EWS श्रेणियों से संबंधित पात्र परिवारों को व्यक्तिगत आवास निर्माण/वृद्धि के लिये प्रति EWS घर 1.5 लाख रुपये तक की केंद्रीय सहायता प्रदान की जाती है। 
  • मांग-संचालित दृष्टिकोण: 
    • PMAY-U सहकारी संघवाद के लोकाचार को मज़बूत करने के लिये एक मांग-संचालित दृष्टिकोण को अपनाता है, आवास की कमी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों (UTs) द्वारा मांग मूल्यांकन के आधार पर तय की जाती है। 
    • PMAY-U के CLSS वर्टिकल को छोड़कर मिशन को केंद्र प्रायोजित योजना (CSS) के रूप में लागू किया गया है, जिसे केंद्रीय क्षेत्र की योजना के रूप में लागू किया जा रहा है। 
      • केंद्रीय क्षेत्र की योजनाएँ केंद्र सरकार द्वारा 100% वित्त पोषित हैं और केंद्र सरकार की मशीनरी द्वारा कार्यान्वित की जाती हैं। 
      • केंद्र प्रायोजित योजना (CSS) के वित्तपोषण का एक निश्चित प्रतिशत राज्यों द्वारा वहन किया जाता है और कार्यान्वयन राज्य सरकारों द्वारा किया जाता है। 
  • जियोटैगिंग: 
    • जियोटैगिंग फोटोग्राफी जैसे विभिन्न माध्यमों में भौगोलिक पहचान को जोड़ने की एक प्रक्रिया है। 
      • PMAY-U दिशा-निर्देशों के तहत राज्य सरकार के लिये यह सुनिश्चित करना अनिवार्य है कि योजना के तहत बनाए गए सभी घरों को भुवन HFA (सभी के लिये आवास) आवेदन पर जियोटैग किया गया है। 
  • महिला सशक्तीकरण: 
    • मिशन महिला सदस्य के नाम पर या संयुक्त नामों में घरों का स्वामित्व प्रदान करके महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देता है। 
    • महिलाओं (विधवाओं, एकल महिलाओं को अधिभावी वरीयता के साथ), अनुसूचित जाति /अनुसूचित जनजाति /अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, विकलांग व्यक्तियों और ट्रांसजेंडर से संबंधित व्यक्तियों को भी वरीयता दी जाती है। 
  • PMAY-U के तहत पहलें: 
    • एफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग कॉम्पलेक्सेज़ (ARHCs) : 
      • यह PMAY-U के तहत एक उप-योजना है। 
      • यह औद्योगिक क्षेत्र के साथ-साथ अनौपचारिक शहरी अर्थव्यवस्थाओं में शहरी प्रवासियों/गरीबों को उनके कार्यस्थल के करीब सम्मानजनक किफायती किराये के आवास तक आसान पहुंँच प्रदान करेगा। 
    • वैश्विक आवासीय प्रौद्योगिकी चुनौती: 
      • इसका उद्देश्य आवास निर्माण क्षेत्र के लिये वैश्विक स्तर से नवीन निर्माण प्रौद्योगिकियों की पहचान करना और उसे मुख्यधारा में लाना है जो सतत्, पर्यावरण के अनुकूल और आपदा-अनुकूल हो। 
    • CLSS आवास पोर्टल (CLAP): 
      • यह एक साझा मंच है जहांँ सभी हितधारक अर्थात् MoHUA, केंद्रीय नोडल एजेंसियांँ, प्राथमिक ऋण देने वाले संस्थान, लाभार्थी और नागरिक एक निर्धारित समय पर एकीकृत होते हैं। 
      • पोर्टल लाभार्थियों द्वारा सब्सिडी की स्थिति पर नज़र रखने के साथ-साथ आवेदनों को प्रसंस्करण की सुविधा प्रदान करता है। 

स्रोत: पी.आई.बी 

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