प्रारंभिक परीक्षा
पैक्स सिलिका और भारत का समावेश
- 13 Jan 2026
- 47 min read
चर्चा में क्यों?
भारत में अमेरिका के नव-नियुक्त राजदूत सर्जियो गोर ने कहा है कि भारत को ‘पैक्स सिलिका’ (Pax Silica) में शामिल होने के लिये आमंत्रित किया जाएगा। यह अमेरिका के नेतृत्व वाला एक गठबंधन है, जिसका उद्देश्य महत्त्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति शृंखला को सुरक्षित और सुदृढ़ करना है।
पैक्स सिलिका क्या है?
- परिचय: यह अमेरिका के नेतृत्व वाला एक गठबंधन है, जिसका उद्देश्य विश्वसनीय वैश्विक साझेदारों के साथ गहन सहयोग के माध्यम से एक सुरक्षित, अनुकूल और नवाचार-आधारित सिलिकॉन तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आपूर्ति शृंखला पारिस्थितिक तंत्र का निर्माण करना है।
- पैक्स सिलिका का उद्घाटन शिखर सम्मेलन दिसंबर 2025 में वॉशिंगटन, डी.सी. में आयोजित किया गया था।
- उद्देश्य: इसका लक्ष्य किसी एक देश पर जबरन निर्भरता को कम करना, AI के लिये महत्त्वपूर्ण सामग्रियों की सुरक्षा करना तथा समान दृष्टिकोण वाले देशों को बड़े पैमाने पर परिवर्तनकारी प्रौद्योगिकियों के विकास और तैनाती में सक्षम बनाना है।
- चीन सिलिकॉन और AI आपूर्ति शृंखला पारिस्थितिक तंत्र के लिये आवश्यक महत्त्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति शृंखला पर प्रभुत्व रखता है तथा लिथियम, कोबाल्ट और दुर्लभ मृदा तत्त्वों (रेयर अर्थ्स) के 60% से अधिक का परिशोधन करता है। दुर्लभ मृदा चुंबकों पर चीन द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों से आपूर्ति शृंखलाएँ बाधित होने के बाद वैश्विक स्तर पर विविधीकरण के प्रयास तेज़ हो गए हैं।
- भाग लेने वाले देश: जापान, कोरिया गणराज्य, सिंगापुर, नीदरलैंड, यूनाइटेड किंगडम, इज़राइल, संयुक्त अरब अमीरात और ऑस्ट्रेलिया।
- साझेदार देश प्रमुख कंपनियों, जैसे– सोनी, हिताची, फुजित्सु, सैमसंग, एसके हाइनिक्स, टेमासेक, डीपमाइंड, MGX, रियो टिंटो और ASML की मेज़बानी करते हैं, जो वैश्विक AI आपूर्ति शृंखला को संचालित करती हैं।
- मुख्य प्रतिबद्धताएँ: साझा परियोजनाओं के माध्यम से महत्त्वपूर्ण खनिजों, सेमीकंडक्टर डिज़ाइन, निर्माण और पैकेजिंग, कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा ग्रिड में AI आपूर्ति शृंखला की कमज़ोरियों को दूर करना तथा संदेहास्पद देशों से संवेदनशील तकनीकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी शामिल है।
पैक्स सिलिका और भारत
- भारत की पूर्विक बहिष्करण स्थिति: वर्तमान में भारत वह महत्त्वपूर्ण उन्नत तकनीकें नहीं रखता जिन्हें पैक्स सिलिका प्राथमिकता देता है और यह महत्त्वपूर्ण खनिजों का प्रमुख भंडार भी नहीं है, जिसके कारण इसे इस समूह में शामिल करने में बाधाएँ आईं।
- हालाँकि जिस प्रकार भारत ने अमेरिका द्वारा नेतृत्व किये गए खनिज सुरक्षा साझेदारी (MSP) 2022 में शामिल होकर इसके लॉन्च के एक वर्ष बाद 2023 में 14वाँ सदस्य बन गया, उसी तरह भारत को भविष्य में पैक्स सिलिका में भी शामिल किया जा सकता है।
सिलिकॉन और AI आपूर्ति शृंखला को समर्थन देने के लिये भारत की क्या पहलें हैं?
- भारत की सेमीकंडक्टर पहल: USD 10 बिलियन के इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM, 2021) के तहत भारत का उद्देश्य देश में स्वदेशी सेमीकंडक्टर ईकोसिस्टम का विकास करना है।
- 10 परियोजनाओं को मंज़ूरी दी गई है, जिनमें 1.6 ट्रिलियन रुपये का निवेश होगा, जिसमें फैब्रिकेशन और पैकेजिंग शामिल हैं।
- भारत की AI रणनीति: ₹10,372 करोड़ के इंडिया AI मिशन (2024) का लक्ष्य लार्ज लैंग्वेज मॉडल (Large Language Models – LLMs) और घरेलू AI क्षमता का विकास करना है।
- ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स (GPUs) की क्षमता बढ़कर 34,333 GPUs हो गई है, जो पहले के स्तर से लगभग दोगुनी है।
- AI प्रशिक्षण और इनफेरेंस के लिये साझा क्लाउड-आधारित कंप्यूट प्लेटफॉर्म का समर्थन करता है, जो भारतीय डेटा और संदर्भ के अनुरूप मूलभूत मॉडल बनाने के लिये महत्त्वपूर्ण है।
- नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन (NCMM): इसका उद्देश्य उच्च तकनीक, स्वच्छ ऊर्जा और रक्षा क्षेत्रों के लिये भारत की महत्त्वपूर्ण खनिजों में आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करना है।
- इस मिशन में पूरा चक्र शामिल है, अन्वेषण और खनन से लेकर प्रसंस्करण और पुनर्चक्रण तक, साथ ही यह विदेशी संपत्ति अधिग्रहण और अंतर्राष्ट्रीय व्यापारिक संबंधों को भी प्रोत्साहित करता है।
- यह खनिज पार्कों की स्थापना, पुनर्चक्रण को प्रोत्साहन और अनुसंधान का समर्थन करेगा, जिसमें एक उत्कृष्टता केंद्र (Centre of Excellence) भी शामिल होगा।
- खनिज सुरक्षा साझेदारी (MSP): MSP, एक अमेरिकी पहल, महत्त्वपूर्ण खनिज आपूर्ति शृंखलाओं को सुदृढ़ करती है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि खनिजों का उत्पादन, प्रसंस्करण और पुनर्चक्रण किया जाए, जिससे उनके आर्थिक विकास के लाभों को अधिकतम किया जा सके।
- यह सीधे तौर पर भारत की खनिज आत्मनिर्भरता रणनीति का समर्थन करता है, जो 'राष्ट्रीय महत्त्वपूर्ण खनिज मिशन' (National Critical Minerals Mission) जैसे घरेलू प्रयासों और 'काबिल' (KABIL ) द्वारा विदेशों में किये जा रहे अधिग्रहणों का पूरक है। यह भविष्य के उद्योगों और ऊर्जा परिवर्तन (Energy Transition) के लिये अनिवार्य 'महत्त्वपूर्ण खनिजों' की वैश्विक दौड़ में भारत की स्थिति को और मज़बूत करता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. पैक्स सिलिका क्या है?
पैक्स सिलिका नौ देशों का एक अमेरिकी नेतृत्व वाला गठबंधन है, जिसका उद्देश्य एक लचीली, नवाचार-संचालित सेमीकंडक्टर और AI आपूर्ति शृंखला को सुरक्षित करना है।
2. पैक्स सिलिका में कौन-से देश शामिल हैं?
जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, नीदरलैंड, यूनाइटेड किंगडम, इज़रायल, संयुक्त अरब अमीरात, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका।
3. सेमीकंडक्टर और AI संबंधी भारत की प्रमुख पहलें क्या हैं?
भारत सेमीकंडक्टर मिशन, भारत AI मिशन और राष्ट्रीय महत्त्वपूर्ण खनिज मिशन (NCMM) का लक्ष्य स्वदेशी आपूर्ति शृंखलाओं, AI अवसंरचना और महत्त्वपूर्ण खनिज सुरक्षा का निर्माण करना है।
UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष के प्रश्न (PYQ)
प्रश्न. हाल में तत्त्वों के एक वर्ग, जिसे दुर्लभ मृदा धातु कहते हैं, की कम आपूर्ति पर चिंता जताई गई है। क्यों? (2012)
- चीन, जो इन तत्त्वों का सबसे बड़ा उत्पादक है, द्वारा इनके निर्यात पर कुछ प्रतिबंध लगा दिया गया है।
- चीन, ऑस्ट्रेलिया, कनाड़ा और चिली को छोड़कर अन्य किसी भी देश में ये तत्त्व नहीं पाए जाते हैं।
- दुर्लभ मृदा धातु विभिन्न प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक सामानों के निर्माण में आवश्यक हैं और इन तत्त्वों की मांग बढ़ती जा रही है।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही हैं/हैं?
(a) केवल 1
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर: (c)