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विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

लार्ज लैंग्वेज मॉडल

  • 24 Oct 2023
  • 11 min read

प्रिलिम्स के लिये:

ChatGPT, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM), मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार, डीप टेक, उद्योग संवर्द्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT)

मेन्स के लिये:

भारत के वैज्ञानिक एवं तकनीकी कौशल पर लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) के लाभ और संभावनाएँ।

स्रोत: द हिंदू  

चर्चा में क्यों?

मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार के अनुसार, भारत लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) के विकास को जानने के लिये एक "उच्चाधिकार प्राप्त समिति" का गठन करेगा, जो मानव की भाषा को समझने और संसाधित करने वाले एप्लीकेशन बनाने के लिये कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करेगा।

लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM):

  • परिचय:  
    • लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLMs): LLMs जेनरेटिव AI मॉडल का एक विशिष्ट वर्ग हैं जिन्हें मानव की तरह टेक्स्ट की समझ और उसके सृजन के लिये प्रशिक्षित किया जाता है।
      • ये मॉडल गहन शिक्षण तकनीकों, विशेष रूप से न्यूरल नेटवर्क का उपयोग करके  बनाये गए हैं। 
      • वे संकेत या इनपुट प्रदान किये जाने पर सुसंगत और सांदर्भिक रूप से प्रासंगिक टेक्स्ट प्रदान कर सकते हैं। 
      • LLMs के सबसे प्रसिद्ध उदाहरणों में से एक Open AI का GPT (Generative Pre-trained Transformer) है। 
  • जनरेटिव AI:
    • जेनरेटिव AI कृत्रिम बुद्धिमत्ता का एक हिस्सा है यह उन प्रणालियों को विकसित करने के लिये समर्पित है जो मानव द्वारा उत्पादित सामग्री के समान गुणों वाली सामग्री का उत्पादन करते हैं। 
    • ये प्रणालियाँ मौजूदा डेटा के पैटर्न का उपयोग कर नई, रचनात्मक सामग्री उत्पन्न करने में सक्षम हैं।
    • यह सामग्री टेक्स्ट, चित्र, संगीत अथवा अन्य मीडिया के रूप में हो सकती हैं। 
  • अमेरिका-भारत सहयोग: 
    • भारत व अमेरिका के बीच बहुत अच्छे संबंध हैं, जो गहन प्रौद्योगिकी/डीप टेक सहयोग के लिये बिल्कुल उपयुक्त हैं। डीप टेक पर भारत की मसौदा नीति के अनुसार स्टार्टअप इंडिया के डेटाबेस में विभिन्न डीप टेक क्षेत्रों में 10,000 से अधिक स्टार्टअप सूचीबद्ध हैं जो अमेरिका व भारत के परस्पर सहयोग के अनुरूप है।

डीप टेक:

  • परिचय:
    • डीप टेक अथवा डीप टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स व्यवसायों के एक वर्ग को संदर्भित करती है जो भौतिक इंजीनियरिंग नवाचार अथवा वैज्ञानिक खोजों व प्रगति के आधार पर नए उत्पाद विकसित करती हैं।
    • ये स्टार्टअप्स अमूमन कृषि, जीवन विज्ञान, रसायन विज्ञान, एयरोस्पेस तथा हरित ऊर्जा सहित अन्य क्षेत्रों में कार्य करते हैं।
    • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, उन्नत सामग्री, ब्लॉकचेन, जैव-प्रौद्योगिकी, रोबोटिक्स, ड्रोन, फोटोनिक्स तथा क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे गहन तकनीकी क्षेत्र प्रारंभिक अनुसंधान से व्यावसायिक अनुप्रयोगों की ओर तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं।
  • डीप टेक की विशेषताएँ:
    • प्रभाव: डीप टेक नवाचार अत्यधिक मौलिक हैं तथा मौजूदा बाज़ार को बाधित करते हैं। डीप टेक पर आधारित नवाचार अमूमन जीवन, अर्थव्यवस्था व समाज में व्यापक परिवर्तन लाते हैं।
    • समयावधि और स्तर: प्रौद्योगिकी को विकसित करने तथा बाज़ार में उपलब्धता के लिये डीप टेक की आवश्यक समयावधि सतही प्रौद्योगिकी विकास (Shallow technology development) (जैसे मोबाइल एप एवं वेबसाइट) से कहीं अधिक है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता को विकसित होने में दशकों लग गए तथा यह अभी भी पूर्ण नहीं है।
    • पूँजी: डीप टेक को अमूमन अनुसंधान और विकास, प्रोटोटाइप परिकल्पना को मान्य करने एवं प्रौद्योगिकी विकास के लिये प्रारंभिक चरणों में पर्याप्त पूँजी की आवश्यकता होती है।

  • डीप टेक के समक्ष चुनौतियाँ:
    • डीप टेक स्टार्टअप्स के लिये फंडिंग सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। 20% से भी कम स्टार्टअप्स को ही वित्तपोषण प्राप्त होता है। इनमें सरकारी धन का कम उपयोग किया गया है और ऐसे स्टार्टअप्स के लिये आवश्यक घरेलू पूँजी का अभाव है।
    • प्रतिभा और बाज़ार अभिगम, अनुसंधान मार्गदर्शन तथा गहन तकनीक के बारे में निवेशकों की समझ, ग्राहक अधिग्रहण एवं प्रतिभा की लागत उनके समक्ष आने वाली प्रमुख चुनौतियाँ हैं।

ड्राफ्ट नेशनल डीप टेक स्टार्टअप पॉलिसी (NDTSP), 2023: 

  • परिचय:
    • यह नीति गहन तकनीकी स्टार्टअप्स में अनुसंधान तथा विकास को बढ़ावा देने का प्रयास करती है जो विशिष्ट व्यवसाय मॉडल के साथ प्रौद्योगिकी का मुद्रीकरण करने वाली कंपनियों के विपरीत मौलिक और तकनीकी समस्याओं पर कार्य करते हैं।
    • यह नीति महत्त्वपूर्ण क्षणों में, जैसे कि अपने उत्पादों या विचारों के साथ बाज़ार में पहुँचने से पूर्व, गहन तकनीकी स्टार्टअप्स को वित्तपोषण प्रदान करने के लिये दृष्टिकोण तलाशने का भी प्रयास करती है।
  • स्टार्टअप्स को सुविधा प्रदान करना: 
    • यह नीति ऐसे स्टार्टअप्स के लिये बौद्धिक संपदा व्यवस्था तथा नियामक आवश्यकताओं को सरल बनाने और इन फर्मों को बढ़ावा देने के लिये कई उपायों का प्रस्ताव रखती है।
    • NDTSP का सुझाव है कि भारतीय डीप टेक स्टार्टअप्स के लिये विदेशी बाज़ारों में प्रवेश की बाधाओं को कम करने हेतु एक निर्यात संवर्धन बोर्ड का गठन किया जाए और ऐसे बाज़ार अभिगम को सरल बनाने के लिये विदेशी व्यापार समझौतों में प्रावधान सम्मिलित किये जाएँ।
  • अनुशंसाएँ: 
    • नीति में डीप टेक पारिस्थितिकी तंत्र को बेहतर ढंग से कार्य करने में सक्षम बनाने की आवश्यकताओं की नियमित समीक्षा करने हेतु एक "अंतर मंत्रालयी डीप टेक समिति" के निर्माण का सुझाव दिया गया है।
    • यह नीति अंतर्राष्ट्रीय समझौतों के प्रति सरकार की निराशा को दोहराती है जिसके विषय में उसका तर्क है कि इसने भारत को विनिर्माण और विकास के संदर्भ में बैकफुट पर छोड़ दिया है।
    • भारतीय डीप टेक इकोसिस्टम को आगे बढ़ाने के लिये अंतर्राष्ट्रीय साझेदारों और बहुपक्षीय संस्थानों के साथ बेहतर ढंग से जुड़ने के लिये एक समन्वित, व्यापक प्रयास वर्तमान समय की मांग हैं।

भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (PSA) का कार्यालय:

  • भारत में वर्ष 1999 से एक प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (PSA) है। डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम वर्ष 1999-2001 तक देश के पहले PSA रहे थे।
  • PSA के कार्यालय का उद्देश्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के मामलों में प्रधानमंत्री और कैबिनेट को व्यावहारिक एवं उद्देश्यपूर्ण सलाह प्रदान करना है। PSA कार्यालय को वर्ष 2018 में कैबिनेट सचिवालय के अधीन रखा गया था।
  • प्रधानमंत्री विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सलाहकार परिषद (PM-STIAC) एक व्यापक संस्था है जो PSA के कार्यालय को विशिष्ट विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी डोमेन में स्थिति का आकलन करने, चुनौतियों को समझने, विशिष्ट हस्तक्षेप तैयार करने, भविष्य के रोडमैप विकसित करने और तद्नुसार प्रधानमंत्री को सलाह देने की सुविधा प्रदान करती है।
  • PM-STIAC के तहत सभी नौ राष्ट्रीय मिशनों की डिलीवरी और उन्नति को PSA कार्यालय द्वारा इन्वेस्ट इंडिया की परियोजना प्रबंधन टीम की सहायता से सुविधा प्रदान की जा रही है। नौ मिशनों में से चार, डीप ओशन मिशन, प्राकृतिक भाषा अनुवाद मिशन, AI मिशन और क्वांटम फ्रंटियर मिशन को मंज़ूरी दे दी गई है।

  UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष के प्रश्न  

प्रिलिम्स:

प्रश्न. विकास की वर्तमान स्थिति में कृत्रिम बुद्धिमत्ता निम्नलिखित में से किस कार्य को प्रभावी रूप से कर सकती है? (2020)

  1. औद्योगिक इकाइयों में विद्युत की खपत कम करना  
  2. सार्थक लघु कहानियों और गीतों की रचना  
  3. रोगों का निदान  
  4. टेक्स्ट-से-स्पीच (Text-to-Speech) में परिवर्तन  
  5. विद्युत ऊर्जा का बेतार संचरण

नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये:

(a) केवल 1, 2, 3 और 5
(b) केवल 1, 3 और 4
(c) केवल 2, 4 और 5
(d) 1, 2, 3, 4 और 5

उत्तर: (b)


प्रश्न. "चौथी औद्योगिक क्रांति (डिजिटल क्रांति) के उद्भव ने सरकार के अभिन्न अंग के रूप में ई-गवर्नेंस की शुरुआत की है"।  विचार-विमर्श कीजिये। (वर्ष 2020)

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