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COVID-19 संक्रमण मुक्त लोगों की संख्या में वृद्धि

  • 12 Oct 2020
  • 6 min read

प्रिलिम्स के लिये

कोरोना वायरस, विश्व स्वास्थ्य संगठन, कोविशील्ड

मेन्स के लिये

महामारी से निपटने के लिये भारत की तैयारी

चर्चा में क्यों?

कोरोना वायरस महामारी से मुकाबले में भारत ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि प्राप्त की है और देश में संक्रमण से मुक्त होने वाले लोगों की संख्या 60 लाख के पार पहुँच गई है।

प्रमुख बिंदु

  • देश भर में विस्तृत स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाओं, राज्‍यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा केंद्र के मानक उपचार प्रोटोकॉल के कार्यान्‍वयन के साथ-साथ चिकित्सकों, सहायक-चिकित्सा कर्मियों और ‘फ्रंटलाइन’ पर कार्य कर रहे अग्रणी स्वास्थ्य कार्यकर्त्ताओं के संपूर्ण समर्पण तथा उनकी प्रतिबद्धता के कारण प्रतिदिन होने वाली मौतों की संख्‍या में लगातार कमी आ रही है और संक्रमण से मुक्‍त लोगों की संख्‍या निरंतर बढ़ रही है।
  • ध्यातव्य है कि बीते आठ दिनों में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण होने वाली मौतों की संख्‍या 1000 से भी कम रही है। वहीं देश में बीते 24 घंटे में मौत के मात्र 918 मामले दर्ज किये गए हैं।

recovered patient

भारत में महामारी की मौजूदा स्थिति

  • सरकार के आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, देश में कोरोना वायरस से संक्रमित कुल लोगों की संख्‍या तकरीबन 8,67,496 है।
  • वर्तमान में देश में राष्ट्रीय संक्रमण मुक्ति दर बढ़कर 86.17 प्रतिशत हो गई है।
    • संक्रमण मुक्‍त लोगों की संख्‍या बढ़ने के साथ ही संक्रमण से मुक्‍त होने वाले लोगों के मामले में भारत विश्व में अग्रणी स्थान पर पहुँच गया है।
  • देश भर में तकरीबन 10 राज्‍यों– महाराष्‍ट्र, कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, दिल्‍ली और छत्तीसगढ़ में 80 प्रतिशत लोग संक्रमण से मुक्‍त हुए हैं।

महामारी के विरुद्ध भारत की तैयारी

  • कोरोना वायरस के लिये एक निश्चित उपचार की अनुपस्थिति के चलते विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा रोकथाम और निवारक उपायों की वकालत की जा रही है।
  • इन्हीं उपायों के हिस्से के तौर पर भारत में मार्च माह में देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की गई थी और इस रोकथाम और निवारक उपाय ने शुरुआती दौर में भारत में महामारी के प्रकोप को रोकने में काफी सहायता की थी।
  • देशव्यापी लॉकडाउन की अवधि के दौरान सरकार ने व्यापक स्तर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र के बुनियादी ढाँचे में सुधार किया और वेंटिलेटर, मास्क तथा व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) क्षमता बढ़ाने पर ज़ोर दिया।
  • वर्तमान में हम व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) किट आयात करने के चरण से निर्यात करने के चरण में पहुँच चुके हैं। इसी प्रकार संक्रमित लोगों की पहचान करने के लिये अब भारत में प्रतिदिन 11 लाख से अधिक परीक्षण किये जा रहे है।
    • कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम के लिये परीक्षण को एक महत्त्वपूर्ण उपाय के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि एक बार संक्रमित व्यक्ति की पहचान के बाद उसे आसानी से आइसोलेट किया जा सकता है।
  • वर्तमान में भारत में कुल तीन COVID -19 टीकों का नैदानिक ​​परीक्षण किया जा रहा है, जो कि अलग-अलग चरणों में हैं। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा विकसित कोविशील्ड (Covishield) वैक्सीन भारत में अपने तीसरे एवं अंतिम चरण में है और भारत में इसका निर्माण सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा किया जा रहा है।

आगे की राह

  • भारत में कोरोना वायरस संक्रमण से मुक्त होने वाले लोगों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है, जो कि स्पष्ट तौर पर एक अच्छा संकेत है।
  • हालाँकि संक्रमण से मुक्त होने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि के साथ-साथ संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या में भी वृद्धि हो रही है। इसका मुख्य कारण अभी भी लोगों के बीच वायरस की गंभीरता को लेकर जागरूकता का अभाव है।
    • कई स्थानों पर सामान्य रोकथाम और निवारक नियमों जैसे- सोशल डिस्टेंसिंग और सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का उपयोग आदि का पालन नहीं किया जा रहा है।
  • आवश्यक है कि लोगों के बीच सामान्य रोकथाम और निवारक उपायों के संबंध में जागरूकता पैदा की जाए और उन्हें नियमों का पालन करने के लिये प्रोत्साहित किया जाए।
  • कई जानकार महामारी के संबंध में आवश्यक डेटा की कमी को भी एक बड़ी समस्या के रूप में देख रहे हैं। उदाहरण के लिये मई माह के अंत तक भारत में आधिकारिक तौर पर कुल 1.9 लाख मामले दर्ज किये गए थे, किंतु बाद में किये गए सीरो सर्वेक्षण में सामने आया था कि इस अवधि के दौरान वायरस से संक्रमित लोगों की कुल संख्या अपेक्षाकृत काफी अधिक थी।

स्रोत: पी.आई. बी.

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