इंदौर शाखा: IAS और MPPSC फाउंडेशन बैच-शुरुआत क्रमशः 6 मई और 13 मई   अभी कॉल करें
ध्यान दें:

डेली अपडेट्स


आंतरिक सुरक्षा

भारतीय भूमि पत्तन प्राधिकरण का स्थापना दिवस

  • 03 Mar 2020
  • 6 min read

प्रीलिम्स के लिये:

भारतीय भूमि पत्तन प्राधिकरण

मेन्स के लिये:

सीमा प्रबंधन से संबंधित मुद्दे

चर्चा में क्यों?

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री की अध्यक्षता में नई दिल्ली में भारतीय भूमि पत्तन प्राधिकरण (Land Ports Authority of India-LPAI) के 8वें स्थापना दिवस का आयोजन किया गया।

प्रमुख बिंदु

  • केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीमा पार व्यापार की सुविधा हेतु सीमावर्ती बुनियादी ढाँचे के निर्माण और भारत की भूमि सीमाओं पर यात्रा हेतु किये गए उत्कृष्ट कार्य के लिये LPAI की सराहना की।
  • ज्ञात हो कि भारतीय भूमि पत्तन प्राधिकरण (LPAI) ने करतारपुर साहिब कॉरिडोर में यात्री टर्मिनल भवन के निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा की थी।

करतारपुर गलियारा

गुरुद्वारा दरबार साहिब, करतारपुर पाकिस्तान में रावी नदी के तट पर स्थित है और पाकिस्तान में भारत-पाकिस्तान सीमा से लगभग 3-4 किमी. दूर है। यह भारत के गुरदासपुर ज़िले में डेरा बाबा नानक से लगभग 4 किमी. दूर है और पाकिस्तान के लाहौर से लगभग 120 किमी. उत्तर-पूर्व में है। कहा जाता है कि सिख समुदाय के पहले गुरु ने अपने जीवन के महत्त्वपूर्ण वर्ष यहाँ गुज़ारे जिसके कारण यह स्थान सिख धर्म के अनुयायियों के लिये काफी महत्त्वपूर्ण है। भारतीय सिख तीर्थयात्रियों के लिये करतारपुर साहिब की ओर जाने वाले गलियारे को खोलने की मांग भारत द्वारा कई अवसरों पर उठाई जाती रही है। इसके पश्चात् नवंबर 2018 में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में भारतीय केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वर्ष 2019 में गुरु नानक देव जी की 550वीं जयंती मनाने का प्रस्ताव पारित किया और साथ ही गुरदासपुर जिले में डेरा बाबा नानक से अंतर्राष्ट्रीय सीमा तक करतारपुर गलियारे के निर्माण और विकास को मंज़ूरी दी गई।

  • इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में भूमि पत्तन से संबंधित विभिन्न पहलुओं जैसे- यात्रा और क्षेत्रीय संपर्क, एकीकृत चेक पोस्ट (ICPs) पर कार्गो संचालन में चुनौतियाँ और एकीकृत चेक पोस्ट के बुनियादी ढाँचे संबंधी आवश्यकताएँ आदि पर चर्चा की गई।

भारतीय भूमि पत्तन प्राधिकरण

(Land Ports Authority of India)

  • भारत की अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, चीन, म्याँमार, नेपाल और पाकिस्तान के साथ लगभग 15000 किलोमीटर लंबी अंतर्राष्ट्रीय सीमा है। सीमा क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर व्यक्तियों, माल और वाहनों के आवागमन के लिये कई निर्दिष्ट प्रवेश और निकास स्थान हैं।
  • इस संबंध में विभिन्न सरकारी कार्यों जैसे- सुरक्षा, आव्रजन और सीमा शुल्क आदि के समन्वय तथा नियंत्रण हेतु 1 मार्च, 2012 को भारतीय भूमि पत्तन प्राधिकरण (LPAI) की स्थापना की गई थी।
  • भारतीय भूमि पत्तन प्राधिकरण (LPAI) सीमा प्रबंधन विभाग, गृह मंत्रालय के अधीन एक सांविधिक निकाय है।
  • भारतीय भूमि पत्तन प्राधिकरण अधिनियम, 2010 की धारा 11 के तहत LPAI को भारत की अंतर्राष्ट्रीय सीमा क्षेत्रों में निर्दिष्ट बिंदुओं पर यात्रियों और सामानों की सीमा पार आवाजाही के लिये सुविधाओं को विकसित एवं प्रबंधित करने की शक्तियाँ प्रदान की गई हैं।

पृष्ठभूमि

वर्ष 2003 में व्यक्तियों, वाहनों और सामानों की सीमा पार आवाजाही के लिये अपर्याप्त बुनियादी ढाँचे पर चिंता व्यक्त करते हुए सचिव स्तर की एक समिति ने भारत की भूमि सीमाओं के प्रमुख प्रवेश बिंदुओं पर एकीकृत चेक पोस्ट (ICPs) स्थापित करने की सिफारिश की। इसके पश्चात् इस कार्य को करने के लिये एक स्वायत्त एजेंसी की संरचना की सिफारिश करने हेतु एक अंतर-मंत्रालयी कार्यदल का गठन किया गया। अंतर-मंत्रालयी कार्यदल ने विभिन्न विकल्पों पर विचार कर ICPs के निर्माण, प्रबंधन और रखरखाव के लिये एजेंसी हेतु सबसे उपयुक्त मॉडल के रूप में एक सांविधिक निकाय की सिफारिश की। इस प्रकार भारतीय भूमि पत्तन प्राधिकरण (LPAI) का गठन किया गया।

प्राधिकरण के कार्य

भारतीय भूमि पत्तन प्राधिकरण अधिनियम, 2010 की धारा 11 की उप-धारा (2) में भारतीय भूमि पत्तन प्राधिकरण के विभिन्न कार्यों का उल्लेख किया गया है:

  • एकीकृत चेक पोस्ट पर राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य राजमार्गों और रेलवे के अतिरिक्त सड़कों, टर्मिनलों एवं सहायक भवनों की योजना, निर्माण तथा रखरखाव करना;
  • एकीकृत चेक पोस्ट पर संचार, सुरक्षा, माल की हैंडलिंग और स्कैनिंग उपकरणों को खरीदना, स्थापित करना और उनका रखरखाव करना;
  • एकीकृत चेक पोस्ट पर नियुक्त कर्मचारियों के लिये आवास की व्यवस्था करना;
  • प्राधिकरण को सौंपे गए किसी भी कार्य के निर्वहन के लिये संयुक्त उपक्रम स्थापित करना।

स्रोत: पी.आई.बी

close
एसएमएस अलर्ट
Share Page
images-2
images-2