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इतिहास, विचार और दुनिया

सरकारी हिंदी : ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या!

11 Sep, 2021

सुप्रसिद्घ कवि रघुवीर सहाय ने लिखा था कि “हिंदी जैसे कि दुजाहू की बीवी”। यानी हिंदी की सराहना तो सब कर लेंगे पर जब उसको उसका सम्मान देने की बात आएगी तो उसके साथ किसी...

इतिहास, विचार और दुनिया

हिंदी भाषा और ज्ञान-विज्ञान की यात्रा

10 Sep, 2021

हाल में एक विद्यार्थी का संदेश मिला कि यूरोप पर और खास कर रोमन सभ्यता पर हिंदी में एक अच्छी किताब बता दूँ। समस्या यह है कि मैं स्वयं इतिहास की किताबों के लिये अंग्रेज़ी...

इतिहास, विचार और दुनिया

बस्तियाँ बसती हैं उजड़ती हैं!

02 Sep, 2021

धौलावीरा के खंडहरों और इनकी बनावट को देख कर लगता है कि संभवतः यह बस्ती कई बार बनी बिगड़ी। कमसे कम तीन बार। इसीलिये ज़मीन पर जिस तरह की सभ्यता के अवशेष मिलते हैं, वे अलग हैं और...

इतिहास, विचार और दुनिया

बीहड़ के बीच धरोहर : धौलावीरा का यात्रा वृत्तांत

12 Aug, 2021

क्या है धौलावीरा का अर्थ ? दिल्ली का धौलाकुआँ और कच्छ का धौलावीरा के नाम में समानता है। अर्थ में भी है। कच्छी भाषा में वीरा का अर्थ कुआँ होता है और धोला का अर्थ सफ़ेद अर्थात्...

इतिहास, विचार और दुनिया

क्यों हड़प्पा से भी ख़ास है महाजनों का शहर धौलावीरा ?

05 Aug, 2021

27 जुलाई, 2021 को गुजरात में स्थित धौलावीरा को यूनेस्को द्वारा भारत का 40वाँ विश्व विरासत स्थल घोषित किया गया। प्राचीन इतिहास और पुरातत्व में रुचि रखने वालों के लिये तो यह एक...

इतिहास, विचार और दुनिया

एक आईपीएस की डायरी : समय प्रबंधन से पाई सफलता

23 Jul, 2021

इस संसार में समय ही एक ऐसी चीज है जो सभी प्राणियों में समान रूप से वितरित है। चाहे राजा हो या रंक, अमीर हो या गरीब, महिला हो या पुरुष सभी को एक दिन में 24 घंटे ही मिलते हैं। अब...

इतिहास, विचार और दुनिया

कश्मीर : एक यात्री ने जैसा देखा-जैसा समझा

01 Jul, 2021

कश्मीर। नाम सुनते ही कई तरह की छवियाँ मस्तिष्क में उभरती हैं,जिनमें दो सबसे आमफ़हम हैं। पहली जिसमें अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य से ओत प्रोत एक ऐसा भू प्रदेश जिसके लिये मुग़ल...

इतिहास, विचार और दुनिया

पितृसत्ता की व्यवस्था नजर में बहुत कम आने के बावजूद विषमता की सबसे प्रभावी संरचना है

08 Mar, 2021

“पढ़िये गीताबनिये सीताफिर इन सबमें लगा पलीताकिसी मूर्ख की हो परिणीतानिज घर-बार बसाइयेहोंय कँटीलीआँखें गीलीलकड़ी सीली, तबियत ढीलीघर की सबसे बड़ी पतीलीभर कर भात...

इतिहास, विचार और दुनिया

पैकिसेटस से ब्लू ह्वेल : विकास की यात्रा

05 Mar, 2021

दोस्तो, कहते हैं न कि छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता। दुनिया में बड़ा बनने के लिये, कुछ बड़ा पाने के लिये अपने मन को, बड़ा बनाना पड़ता है। और ऐसा तभी होगा जब हम बड़े दृष्टिकोण अपनाएँ।...

इतिहास, विचार और दुनिया

चाँद एक त्योहार अनेक

22 Aug, 2020

- नहीं, ऊपर आसमान में नहीं देखो, चाँद निकल गया है!- अरे, इसीलिए तो देखने जा रहे हैं कि चाँद निकल गया है।- आज के दिन चाँद को बिना हाथ में फल-फूल लिए नहीं देखना चाहिए, चोरी का झूठा...

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